बच्चों के लिए इन 5 तरीकों से फायदेमंद है सूर्य नमस्कार, जानें अभ्यास का तरीका

बच्चों के लिए सूर्य नमस्कार करने के ढेरो फायदे है। इसकी मदद से उन्हें परीक्षा के दौरान तनाव मुक्त रहने में मदद मिलती है।

Dipti Kumari
Written by: Dipti KumariPublished at: Apr 08, 2022Updated at: Apr 08, 2022
बच्चों के लिए इन 5 तरीकों से फायदेमंद है सूर्य नमस्कार, जानें अभ्यास का तरीका

सूर्य नमस्कार योग में हमारी संस्कृति में सबसे बुनियादी योगासनों में से एक है। यह पारंपरिक रूप से कठिन पोज़ है लेकिन इसे वार्मअप करने के लिए और सूर्य को श्रद्धांजलि देने के रूप में किया जाता है। सूर्य नमस्कार बच्चों के लिए एक बेहतरीन वार्मअप है क्योंकि इसमें बच्चे का हर अंग योगासन में भाग लेता है और हड्डियों से लेकर मांसपेशियों में मजबूती आती है। साथ ही यह फोकस और एकाग्रता को बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकता है। इससे बच्चों में क्रिएटिविटी बढ़ती है और शरीर लचीला भी बना रहता है। 

बच्चों के लिए सूर्य नमस्कार के फायदे

1. बेहतर ब्लड सर्कुलेशन

सूर्य नमस्कार के दौरान बच्चे साँस लेने और छोड़ने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इससे लगातार फेफड़ों में हवा पहुंच रही होती है और इससे शुद्ध ऑक्सीजन रक्त के माध्यम से पूरे शरीर में पहुंचता है और अंगों का विकास होता है। 

2. फिटनेस के लिए फायदेमंद

आजकल की दिनचर्या से बच्चों में भी मोटापा और आलसीपन आ रहा है। ऐसे में सूर्य नमस्कार से वह पूरे दिन फिट और फ्रेश रहते हैं। यह बच्चे को ऊर्जा प्रदान करता है। सूर्य नमस्कार अपने आप में एक बेहतरीन कार्डियो व्यायाम है। पेट के आसपास की अतिरिक्त चर्बी इससे आसानी से कम हो सकती है। 

KIDS-EXERCISE

Image Credit- Freepik

3. त्वचा और बालों को लाभ

तेज गतिविधि ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है, इसलिए त्वचा और बालों के लिए भी ये काफी फायदेमंद होता है। इससे आपके बच्चे के चेहरे पर चमक और बाल सुंदर होते हैं। 

4. तनाव और चिंता से दूर 

सूर्य नमस्कार बच्चों को ध्यान केंद्रित करने और उनकी याददाश्त में सुधार करने में मदद करता है। अभ्यास के बाद बच्चों को अंदर से शांति का अनुभव होता है। मानो मन-मस्तिष्क सभी प्रकार के डर और चिंता से दूर हो गया है। बच्चे इसका अभ्यास एग्जाम के समय भी कर सकते हैं। इससे तनाव को दूर रखने में मदद मिलती है। 

5. पाचन तंत्र को बढ़ावा दे

बच्चे कई बार ऐसी चीजें खा लेते हैं, जिससे उनका पेट खराब होने की संभावना रहती है। ऐसे में योगासन की मदद से पाचन तंत्र सही रहता है और मेटाबॉलिक रेट तेज होता है, जिससे वह आसानी से अपना खाना पचा पाते हैं। 

इसे भी पढ़ें- बच्चों को घर पर कराएं ये 6 आसान योगासन, तेज होगा दिमाग और बेहतर होगा मानसिक स्वास्थ्य

बच्चे को इस तरीके से कराएं अभ्यास

1. प्रार्थना मुद्रा

बच्चे को अपने पैरों को एक साथ पास रखने को कहें और अपने वजन को अपने पैरों पर समान रूप से संतुलित करवाएं। फिर जैसे ही आप श्वास लेते हैं, अपनी बाहों को दोनों तरफ से ऊपर उठाएं और साँस छोड़ते हुए उन्हें प्रार्थना की स्थिति में छाती के सामने एक साथ लाएँ।

2. शस्त्र

बच्चे को फिर से श्वास लेने को कहें और अपनी बाहों को कानों के पास बाइसेप्स के साथ ऊपर और पीछे उठाएं। अपने शरीर को एड़ी से लेकर उंगलियों की  तक पूरी तरह से फैलाने को कहें। 

KIDS-EXERCISE

Image Credit- Freepik

3. हाथ से पैर

सांस छोड़ते हुए रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए आगे की ओर झुकें और अपने हाथों को पैरों के पास फर्श पर ले आएं।

4. हार्स पोज

बच्चे को श्वास लेते हुए अपने दाहिने पैर को जितना हो सके पीछे धकेलने को कहें। फिर ऊपर देखें और अपने दाहिने घुटने को फर्श पर लाएं।

5. स्टिक पोज

इसी तरह, सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और अपने शरीर को एक सीधी रेखा में और अपनी बाहों को फर्श से लंबवत रखते हुए खंभे जैसी स्थिति में आ जाएँ।

6. सैल्यूटिन

धीरे से सांस छोड़ें और अपने घुटनों के बल पहले फर्श को छूते हुए लेट जाएं। अपने पीछे के हिस्से को थोड़ा ऊपर उठाएं- शरीर के आठ बिंदु (दो हाथ, दो पैर, दो घुटने, छाती और ठुड्डी) आपके शरीर और फर्श के बीच संपर्क का एकमात्र बिंदु होना चाहिए।

7. कोबरा

बच्चे को सिखाएं कि अपनी कोहनियों को मोड़ते हुए और अपने कंधों को कानों से दूर रखते हुए अपनी छाती को ऊपर उठाएं। जितना हो सके स्ट्रेच करें और  सांस लेते समय आपकी छाती आगे की ओर बढ़े। जब आप सांस छोड़ें तो अपनी नाभि को धीरे से नीचे की ओर धकेलें।

8. माउंटेन पोज

अपने बच्चे को कूल्हों और टेलबोन को ऊपर उठाने को कहें और साथ ही हथेलियां फर्श पर टिकी रहें, ताकि आपका शरीर एक उल्टे 'वी' आकार का हो जाए। बच्चे की एड़ियां जमीन को छुएं ताकि आपके शरीर में खिंचाव बना रहे।

KIDS-EXERCISE

Image Credit- Freepik

9. हॉर्स पोज

उल्टे V से, दाहिने पैर को पीछे की ओर रखते हुए घुड़सवारी की मुद्रा में आ जाएँ और ठुड्डी एक तरल गति में फिर से ऊपर की ओर देखें। जितना हो सके बच्चा अपने शरीर को स्ट्रेच करे।

इसे भी पढ़ें- शिल्‍पा शेट्टी की फिटनेस का राज हैै सूर्य नमस्‍कार योग, जानें इसके 12 स्‍टेप और फायदे

10. हाथ से पैर की मुद्रा

उल्टे तरीके से, अपने पैरों को जमीन पर अपने पैरों के पास रखकर अपने पैरों को सीधा करें। यदि आवश्यक हो तो बच्चा अपने घुटनों को मोड़ सकता है, लेकिन अपने शरीर को जितना हो सके सीधा रखें।

11. शस्त्र

रिवर्स ट्रेंड को जारी रखते हुए, सांस छोड़ते हुए रीढ़ को बाहर की ओर रोल करें और अपने हाथों को अपने सिर के ऊपर उठाएं। पीछे की ओर खींचने के बजाय अधिक खिंचाव करें।

12. आराम करें

धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए, अपनी बाहों को वापस नीचे लाएं और अपने शरीर में हो रही विभिन्न गतिविधियों को अनुभव करें। 

बच्चे को पहली बार अपनी देखरेख में या ट्रेनर की देखरेख में ही करने दें ताकि वह इसके सही फॉर्मेशन को सीख सके। 

Main Image Credit- Freepik

Disclaimer