Doctor Verified

रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम क्‍या होता है? जानें इसके 5 मुख्‍य लक्षण और बचाव के उपाय

रेस्‍प‍िरेटरी ड‍िस्‍ट्रेस स‍िंंड्रोम होने पर सांस लेने में तकलीफ हो सकती हैं, अन्‍य लक्षण जानने के ल‍िए पढ़ें पूरा लेख

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Feb 23, 2022Updated at: Feb 23, 2022
रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम क्‍या होता है? जानें इसके 5 मुख्‍य लक्षण और बचाव के उपाय

प्रदूषण के कारण हमारा शरीर कई बीमार‍ियों का श‍िकार हो जाता है ज‍िनमें से अस्‍थमा, ब्रोंकाइट‍िस, एलर्जी आद‍ि शाम‍िल हैं। ऐसी ही एक बीमारी है ज‍िसे हम रेस्‍प‍िरेटरी ड‍िस्‍ट्रेस स‍िंंड्रोम के नाम से जानते हैं। ये बीमारी आपके फेफड़ों पर अटैक करती है, इस बीमारी के होने पर सांस लेने में परेशानी होती है। अगर आप ध्‍यान नहीं देंगे तो इसके लक्षण बढ़ सकते हैं। रेस्‍प‍िरेटरी ड‍िस्‍ट्रेस स‍िंड्रोम के दो प्रकार होते हैं पहला एक्‍यूट रेस्‍प‍िरेटरी ड‍िस्‍ट्रेस स‍िंंड्रोम (एआरडीएस) और दूसरा न‍ियोनेटल  रेस्‍प‍िरेटरी ड‍िस्‍ट्रेस स‍िंंड्रोम। इस लेख में हम रेस्पिरेट्री डिस्ट्रेस सिंड्रोम के मुख्‍य लक्षण और बचाव के उपायों पर चर्चा करेंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव से बात की।

lungs disease causes

image source:google

रेस्‍प‍िरेटरी ड‍िस्‍ट्रेस स‍िंंड्रोम क्‍या है? (Respiratory distress syndrome in hindi)

रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम हमारी श्वसन प्रक्रिया को बुरी तरह से प्रभाव‍ित करता है ज‍िससे सांस लेने में तकलीफ होती है। ये फेफड़ों को प्रभाव‍ित करता है ज‍िससे आपको सांस लेने में समस्‍या हो सकती है। रेस्‍प‍िरेटरी स‍िंड्रोम के दो प्रकार होते हैं एक्‍यूट और न‍ियोनेटल। बच्‍चों को होने वाली बीमारी को न‍ियोनेटल रेस्‍प‍िरेटरी ड‍िस्‍ट्रेस स‍िंड्रोम बोलते हैं और एक्‍यूट में मरीज को द‍िल की समस्‍या और सांस लेने में तकलीफ के कारण भर्ती होना पड़ सकता है।

इसे भी पढ़ें- इन 8 कारणों से आपको किसी भी उम्र में हो सकता है स्ट्रोक,जानें बचाव के उपाय

रेस्‍प‍िरेटरी ड‍िस्‍ट्रेस स‍िंंड्रोम के लक्षण (Respiratory distress syndrome symptoms)

रेस्‍प‍िरेटरी ड‍िस्‍ट्रेस स‍िंंड्रोम के लक्षण, इंफेक्‍शन के लक्षण की तरह ही होते हैं इसल‍िए बीमारी का पता लगाने के ल‍िए आपको जरूरी टेस्‍ट करवाने चाह‍िए। अगर सही समय पर आप इन लक्षणों की पहचान नहीं कर पाते हैं तो खून में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा ज्‍यादा हो सकती है, जानते हैं इस बीमारी के लक्षण- 

1. अगर आपको सांस लेने में समस्‍या हो रही है तो ये रेस्‍प‍िरेटरी ड‍िस्‍ट्रेस स‍िंंड्रोम के लक्षण हो सकते हैं।

2. अगर आपको सांस लेने में भारीपन महसूस हो तो ये भी बीमारी के लक्षण हो सकते हैं।

3. सांस लेने के दौरान घरघराहट की आवाज आना भी रेस्‍प‍िरेटरी ड‍िस्‍ट्रेस स‍िंंड्रोम के लक्षण हैं।

4. हार्ट बीट तेज होना रेस्‍प‍िरेटरी ड‍िस्‍ट्रेस स‍िंंड्रोम का लक्षण है।

5. अगर आपको बहुत ज्‍यादा पसीना आ रहा है तो भी ये बीमारी के संकेत हो सकते हैं।

इसे भी पढ़ें- खाना खाने के बाद क्यों होती है बेचैनी, जानें कारण और बचाव के तरीके

रेस्‍प‍िरेटरी ड‍िस्‍ट्रेस स‍िंंड्रोम से बचाव के तरीके (Respiratory distress syndrome prevention tips)

disease of lungs

image source:google

 रेस्‍प‍िरेटरी ड‍िस्‍ट्रेस स‍िंंड्रोम की समस्‍या से बचने के ल‍िए आप इन तरीकों को अपना सकते हैं- 

  • रेस्‍प‍िरेटरी ड‍िस्‍ट्रेस स‍िंंड्रोम की समस्‍या से बचने के ल‍िए आपको धूम्रपान अवॉइड करना चाह‍िए।
  • रेस्‍प‍िरेटरी ड‍िस्‍ट्रेस स‍िंंड्रोम की समस्‍या से बचने के ल‍िए अपने आसपास सफाई रखें ताक‍ि आपको इंफेक्‍शन न हो।
  • अगर आपको हार्ट की समस्‍या है तो रेगुलर चेकअप करवाएं और बीपी कंट्रोल में रखें। 
  • रेस्‍प‍िरेटरी ड‍िस्‍ट्रेस स‍िंंड्रोम को अवॉइड करने के ल‍िए प्रदूषण से दूर रहें और बाहर जाने से पहले मास्‍क लगाकर रखें।
  • अगर अस्‍थमा या अन्‍य क‍िसी सांस से जुड़ी समस्‍या है तो आप दवा समय पर लेते रहें और एलर्जी से बचें।  

अगर आपको रेस्‍प‍िरेटरी ड‍िस्‍ट्रेस स‍िंंड्रोम है तो आपको वेंटीलेटर की जरूरत पड़ सकती है इसल‍िए डॉक्‍टर के संपर्क में रहें और इलाज समय पर करवाएं।  

main image source:google

Disclaimer