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बच्चों में बैक्टीरियल इंफेक्शन के लक्षण और कारण, जानें बचाव के उपाय

बैक्टीरियल इंफेक्शन होने पर बच्चों में कई लक्षण नजर आ सकते हैं। ऐसे में इन लक्षणों के साथ-साथ कारणों के बारे में पता होना जरूरी है।

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Nov 01, 2021Updated at: Nov 01, 2021
बच्चों में बैक्टीरियल इंफेक्शन के लक्षण और कारण, जानें बचाव के उपाय

माता-पिता को बच्चों का विशेष रूप से ख्याल रखना जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि बच्चे जल्दी किसी ना किसी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। बच्चों को साफ-सफाई या अपने आस-पास के स्वस्थ वातावरण जैसा आदतों के बारे में नहीं पता होता है। यही कारण होता है कि वे जल्दी किसी ना किसी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। बता दें कि जब बच्चे सूक्ष्म जीवाणुओं के संपर्क में आते हैं तो उनके कारण होने वाले संक्रमण को बैक्टीरिया इन्फेक्शन के नाम से जाना जाता है। बता दें कि यह संक्रमण तेजी से पूरे शरीर में फैलकर विषाक्त पदार्थ की संख्या को शरीर में बढ़ा सकता है। यही कारण होता है कि व्यक्ति बीमार कर देता है। ऐसे में समय रहते इस संक्रमण से बचना जरूरी हैष खासकर बच्चों के लिए ये संक्रमण काफी खतरनाकर हो सकता है। आज का हमारा लेख बच्चों में बैक्टीरियल इन्फेक्शन पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि बच्चों में बैक्टीरियल संक्रमण क्या है। साथ ही बच्चे को बैक्टीरियल इन्फेक्शन से होने वाले लक्षण, कारण और बचाव के बारे में भी जानेंगे। पढ़ते हैं आगे...

 

बच्चों में बैक्टीरियल इन्फेक्शन के

1 - निमोनिया की समस्या हो जाना

2 - सांस लेने में दिक्कत महसूस करना

3 - बुखार हो जाना

4 - सिर में दर्द महसूस करना

5 - गले में खराश हो जाना

6 - खांसी हो जाना

7 - नाक बंद हो जाना

8 - गर्दन में अकड़न महसूस करना

9 - खाना निगलने में परेशानी महसूस करना

10 - गले में सूजन हो जाना

बच्चों में बैक्टीरियल इंफेक्शन

बता दें कि बच्चों में जो सूक्ष्म जीवाणुओं से संक्रमण होता है उसे बैक्टीरियल इंफेक्शन के नाम से जाना जाता है। ये जीवाणु तेजी से शरीर में फैलते हैं, जो शरीर में कई विषाक्त पदार्थों पैदा करते हैं और संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इससे संबंधित एक रिसर्च भी सामने आई है। रिसर्च पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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बच्चों में बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण

1 - बेसिली बैक्टीरिया से बच्चे में टाइफाइड और सिस्टिटिस जैसी बीमारियों का रिस्क हो सकता है।

2- कोक्सी यौन संचारित संक्रमण होता है जो बच्चों के शरीर में गोनोरिया व फोड़े सहित अनेक संक्रमण को फैला सकता है।

3 - जिन बच्चों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है वे जल्दी किसी ना किसी संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। 

4 - जो बच्चे प्रदषित वातावरण में रहते हैं उनके शरीर में बैक्टीरिया जल्दी प्रवेश कर सकते हैं। इसके अलावा दूषित भोजन या पानी के कारण भी बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। 

5 - यदि कोई व्यक्ति पहले से ही बैक्टीरियल इन्फेक्शन से संक्रमित है तो इसके कारण भी बच्चों को बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।

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बच्चों में बैक्टीरिया इन्फेक्शन के बचाव

बच्चों में बैक्टीरियल संक्रमण होने से बचाने के लिए कई तरीकों से बचाव किया जा सकता है। ये बचाव निम्न प्रकार है-

1 - जो लोग पहले से ही संक्रमित हैं उनसे अपने बच्चों को बैक्टीरिया से बचावा होगा।

2 - अपने बच्चे के आस-पास साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें और उनकी डाइट में पोषक तत्वों को जरूरी जोड़ें।

3 - यदि आपका बच्चा लंबे समय से किसी बीमारी से ग्रस्त है समय पर उपचार करवाना जरूरी है।

4 - बच्चे के अंदर साफ-सफाई से जुड़ी अच्छी आदते डालें।

5 - बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचाव में बच्चे का टीकाकरण समय-समय पर करवाना जरूरी है। 

6 - यदि आपके बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है तो डॉक्टर की सलाह पर रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों को बच्चों की डाइट में जोड़ें।

7 - बच्चे को प्रदूषित जगह पर जानें से रोकें। 

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि बच्चों में बेक्टीरियल इंफेक्शन होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। ऐसे में माता-पिता को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। इसके अलावा ऊपर बताए गए बचावों को अपनाकर भी माता-पिता बच्चों को बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचा सकते हैं। हालांकि अगर ये इंफेक्शन बढ़ता नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है।

इस लेख में फोटोज़ Freepik से ली गई हैं।

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