Fri Sep 11, 2026 | 09:16 PM IST

Medically Reviewed by Neha Mohan Sinha , Clinical Nutrition and Dietetics

अंडे में मौजूद 9 जरूरी अमीनो एसिड हैं सेहत के ल‍िए वरदान, एक्‍सपर्ट से जानें सबके लाभ

अंडा खाने से सेहत को प्रोटीन म‍िलता है, शरीर में एनर्जी रहती है और थकन, कमजोरी जैसी समस्‍याओं को दूर क‍िया जा सकता है। इसमें मौजूद नौ अमीनो एस‍िड सेहत को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। एक्‍सपर्ट से जानते हैं इनके फायदे। 

मैंने दो महीने पहले अंडा खाना शुरू कि‍या है। जब से अंडा खा रही हूं, मुझे अपनी सेहत में फर्क देखने को म‍िल रहा है। बाल पहले से ज्‍यादा लंबे हो गए हैं, त्‍वचा में शाइन द‍िख रही है और सबसे अच्‍छी बात, मेरी एनर्जी बढ़ गई है। मैं थोड़े ही काम को करके थक जाती थी, यह बात जब मां को बताई, तो उन्‍होंने मुझे अंडा खाने की सलाह दी। अंडा शरीर की कमजोरी दूर करता है और पूरे द‍िन के लि‍ए शरीर को एनर्जी देता है। मेरे घर में कोई भी अंडा नहीं खाता, लेक‍ि‍न मेरे फैम‍िली डॉक्‍टर कहते हैं कि‍ हम सभी को हर मौसम में अंडे का सेवन करना चाह‍िए, इसमें मौजूद नौ जरूरी अमीनो एस‍िड से सेहत को बेहतर बनाया जा सकता है।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेड‍िस‍िन के मुताब‍िक, हफ्ते में तीन से चार अंडे खाने से गुड कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा बढ़ती है और हार्ट हेल्‍थ को बेहतर बनाने में मदद म‍िलती है। अंडे में एंटीऑक्‍सीडेंट्स मौजूद होते हैं ज‍िससे आई हेल्‍थ को बेहतर बनाने में मदद म‍िलती है साथ ही प्रोटीन मौजूद होने से मसल्‍स की ग्रोथ में भी मदद म‍िलती है। अंडे में ह‍िस्‍ट‍िडीन, आइसोल्‍यूसीन, ल्यूसीन, लाइसिन, मेथिओनिन, फेनिलएलनिन, थ्रेओनीन, ट्रिप्टोफैन और वेलिन जैसे नौ अमीनो एस‍िड पाए जाते हैं। इस लेख में जानेंगे इनके फायदे।

1. हिस्टिडीन- Histidine

Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow ने बताया क‍ि अंडे में ह‍िस्‍ट‍िडीन नाम का अमीनो एस‍िड पाया जाता है। यह अमीनो एस‍िड पाचन को बेहतर बनाने का काम करता है, लेक‍िन अंडे को उबालकर खाना सेहत के ल‍िए ज्‍यादा फायदेमंद होता है, इसे तलकर खाने से बचना चाह‍िए, वरना पाचन ब‍िगड़ सकता है।

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2. आइसोल्यूसीन- Isoleucine

ऑफि‍स वर्कर्स और स्‍कूल जाने वाले बच्‍चों को अंडे का सेवन करना चाह‍िए क्‍योंक‍ि अंंडा एनर्जी का भंंडार होता है। अंडे में मौजूद आइसोल्‍यूसीन नाम के अमीनो एस‍िड की मदद से एनर्जी बढ़ती है और ब्‍लड शुगर लेवल कंट्रोल होता है।

3. ल्यूसीन- Leucine

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अंडे में पाए जाने वाले ल्‍यूसीन नाम के अमीनो एस‍िड की मदद से मसल्‍स की ग्रोथ में मदद म‍िलती है। एक्‍सरसाइज करते हैं, तो डेली डाइट में अंंडे को जरूर शाम‍िल करें ताक‍ि मसल्‍स मजूबत बनें और हड्ड‍ियों में कमजोरी महसूस न हो।

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4. लाइसिन- Lysine

अंडे में लाइस‍िन नाम का अमीनो एस‍िड पाया जाता है। यह हड्ड‍ियों की सेहत को बेहतर बनाता है क्‍योंक‍ि इससे कैल्‍श‍ियम शरीर में बेहतर ढंग से अब्‍जार्ब होता है। साथ ही इस अमीनो एस‍िड की मदद से कोलेजन को बढ़ाने में मदद म‍िलती है ज‍िससे त्‍वचा हेल्‍दी रहती है और यंग द‍िखती है।

5. मेथिओनिन- Methionine

अंडे में मेथ‍िओन‍िन पाया जाता है। यह अमीनो एस‍िड बाल, त्‍वचा और नाखूनों की हेल्‍थ को बेहतर करने का काम करता है। इस अमीनो एस‍िड की मदद से मेटाबॉल‍िज्‍म बेहतर होता है और शरीर को ड‍िटॉक्‍स करने में मदद म‍िलती है ज‍िससे फेफड़े भी स्‍वस्‍थ रहते हैं।

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6. फेनिलएलनिन- Phenylalanine

अंंडे में फेनिलएलनिन नाम का अमीनो एस‍िड पाया जाता है। इससे डोपामाइन हार्मोन बढ़ते हैं। इस हार्मोन को फील गुड हार्मोन भी कहा जाता है ज‍िससे मूड बेहतर होता है, फाेकस बढ़ता है और ब्रेन फंक्‍शन को बेहतर बनाने में मदद मि‍लती है।

7. थ्रेओनीन- Threonine

अंडा खाने से शरीर की इम्‍यून‍िटी मजबूत होती है। अंडे में मौजूद थ्रेओनीन नाम के अमीनो एस‍िड से शरीर को बीमार‍ियों से लड़ने की ताकत म‍िलती है। साथ ही गट हेल्‍थ भी बेहतर होती है ज‍िससे त्‍वचा हेल्‍दी रहती है।

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8. ट्रिप्टोफैन- Tryptophan

अगर आपको मूड बेहतर करना है और स्‍ट्रेस कम करना है, तो अंडे का सेवन करना चाह‍िए क्‍योंक‍ि इसमें मौजूद ट्रिप्टोफैन नाम के अमीनो एसिड से सेरोटोन‍िन और मेलाटोन‍िन हार्मोन बढ़ते हैं। इन दोनों हार्मोन के बढ़ने से नींद की कमी दूर होती है और मूड बेहतर होता है।

9. वेलिन- Valine

  • वेल‍िन अमीनो एसिड एक्‍सरसाइज के बाद होने वाले मसल लॉस से बचाने में मदद करता है इसल‍िए अंडे को एक्‍सरसाइज के बाद खाना फायदेमंद माना जाता है।
  • अंडे में मौजूद इस अमीनो एस‍िड से शरीर की कमजोरी दूर करने में मदद म‍िलती है और एनर्जी बढ़ती है।
  • अंंडे का सेवन करने से ट‍िशूज की ग्रोथ में भी मदद म‍िलती है।

न‍िष्‍कर्ष:

अंडे में मौजूद नौ अमीनो एस‍िड से पूरी सेहत को बेहतर बनाने में मदद म‍िलती है। अंडा खाने से हड्ड‍ियां, बाल, त्‍वचा, नींंद, मूड को बेहतर बनाया जा सकता है। एक द‍िन में एक से दो अंडे खा सकते हैं।

इस लेख को ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों के साथ शेयर करें ताक‍ि अंडे के फायदोंं के बारे में लोग जागरूक हों और अंंडे को अपनी डाइट में शाम‍िल करें।

FAQ

  • क्‍या पीर‍ियड्स में अंडे खा सकते हैं?

    पीर‍ियड्स में अंडा खा सकते हैं। अंडे में प्रोटीन, आयरन, व‍िटाम‍िन बी12 जैसे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं ज‍िससे शरीर को एनर्जी म‍िलती है और पीर‍ियड्स में दर्द से राहत म‍िलती है।
  • क्‍या रोज अंडा खाने से हार्ट ड‍िजीज होते हैं?

    रोज अंडा खाने से हार्ट ड‍िजीज नहीं होते। अंडा खाने से गुड कोलेस्‍ट्रॉल की मात्रा बढ़ती है ज‍िससे हार्ट ड‍िजीज का खतरा कम होता है। 
  • रोज अंडा खाने से डायब‍िटीज होती है?

    रोज अंडा खाने से डायब‍िटीज नहीं होती। अंडे में सैचुरेटेड फैट की मात्रा कम होती है। अंडे में प्रोटीन होता है इसल‍िए डाय‍ब‍िटीज के मरीज भी इसकी सीमि‍त मात्रा का सेवन कर सकते हैं। 

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 18, 2026 17:01 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Feb 18, 2026 17:01 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Neha Mohan Sinha

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