बाजार में मिलने वाली इन 3 ब्रेड्स (मल्टीग्रेन, होल व्हीट या ब्राउन ब्रेड) में कौन सी है ज्यादा हेल्दी?

आमतौर पर लोग सफेद ब्रेड के मुकाबले मल्टीग्रेन, होल व्हीट या ब्राउन ब्रेड को ज्यादा हेल्दी मानते हैं। लेकिन क्या वाकई ये ब्रेड्स हेल्दी होती हैं, जानें

सम्‍पादकीय विभाग
Written by: सम्‍पादकीय विभागUpdated at: Dec 16, 2020 17:45 IST
बाजार में मिलने वाली इन 3 ब्रेड्स (मल्टीग्रेन, होल व्हीट या ब्राउन ब्रेड) में कौन सी है ज्यादा हेल्दी?

बचपन से ही ब्रेड हमारे नाश्ते का हिस्सा रही है। कभी ब्रेड-जैम तो कभी ब्रेड-अंडा। नाश्‍ते में ही नहीं बल्‍क‍ि भाजी और सब्‍जी के साथ भी लोग इसे शौक से खाते हैं। आज लगभग हर घर में रोजाना ब्रेड लाई जाती है। डाइट एक्सपर्ट मानते हैं कि भारत में ये सबसे तेजी से कंज्यूम (consume) करने वाला उत्पाद है। इसकी वजह है आज की हमारी आधुनिक जीवनशैली जिसकी वजह से हम रेडी टू ईट (तुरंत खाई जा सकने वाली) चीजों को खाना पसंद करते हैं। ऐसा माना जाता है क‍ि गोवा के रास्‍ते ब्रेड हमारे देश में आई। पहले कच्‍ची ब्रेड खाने का चलन था, धीरे-धीरे ब्रेड को ओवन में सेंका जाने लगा। ये शौक पुर्तगाल‍ियों से भारत में आया। वे ब्रेड के सबसे अधि‍क प्रशंसक माने जाते हैं। आज कई बेकरी खुद ही ब्रेड तैयार करती हैं।

पहले तो केवल व्हाइट ब्रेड का चलन था पर समय के साथ कई तरह की ब्रेड ने भारत में पांव पसारे। मुंबई में इसे पाव-भाजी के रूप में सबसे ज्‍यादा पसंद क‍िया जाता है। कहीं-कहीं ब्रेड का पौष्‍ट‍िक पोहा भी म‍िलता है। आज हम ब्राउन, म‍ल्‍टीग्रेन व कई क‍िस्‍मों की ब्रेड के बारे में सुनते हैं। ब्रेड को लेकर लोगों के मन में अलग-अलग धारणाएं हैं। कुछ इसे हेल्‍दी फूड मानते हैं तो कुछ का कहना है ब्रेड शरीर को नुकसान पहुंचाती है। अलग-अलग मतों पर वि‍चार करने से पहले ये जानना जरूरी है क‍ि आखि‍र क्‍या हैं इनके प्रकार और उनमें में क्‍या फर्क है। ब्रेड को हर दिन खाने के बावजूद क्या अपने कभी सोचा कि आपके आसपास बने मार्केट में कौन सी ब्रेड अधिक ब‍िकती हैं या कौन सी ब्रेड आपकी सेहत के लिये बेस्ट हो सकती है? अगर नहीं तो हम आपको बतायेंगे ब्रेड के कई प्रकार जो लोग शौक से खाते हैं। इनमें से आप कौन सी चुनना चाहें ये आप खुद तय कर सकते हैं।

White Bread

ज्‍यादातर घरों में खाई जाती है व्हाइट ब्रेड (White Bread)

सफेद ब्रेड ज्‍यादातर घरों में खाई जाती है। चूंकि ये ब्रेड मैदा से बनती है, इसलिए इसे हेल्दी नहीं माना जाता है। हालांकि व्हाइट ब्रेड में कैल्शियम अच्छा होता है, लेक‍िन इसको रोज खाने से सेहत पर बुरा असर हो सकता है क्योंकि इसमें फाइबर नहीं होता है। ज्यादा व्हाइट ब्रेड खाने से मोटापा भी बढ़ सकता है। जिन लोगों को वजन कम करना है उन्‍हें इस ब्रेड का चुनाव नहीं करना चाह‍िये। इस ब्रेड की एक स्‍लाइस में 1 ग्राम फैट और 67 कैलोरीज होती हैं।

multigrain bread

कई आटों का म‍िश्रण है मल्टीग्रेन ब्रेड (Multigrain Bread)

मल्टीग्रेन ब्रेड इन द‍िनों फ‍िटनेस फ्रीक लोगों के बीच काफी इस्तेमाल की जाती है। इसे कई तरह के अनाजों को म‍िक्‍स करके बनाया जाता है। इसमें गेहूं, चावल, अलसी और कई तरह के अनाज म‍िले होते हैं। अनाज हमारे शरीर के ल‍िये फायदेमंद माने जाते हैं। इसलिए यह अपने डाइट में साबुत अनाज को शामिल करने का एक अच्छा तरीका साबित हो सकता है।  इसको खाने से कोलेस्‍ट्रोल (cholesterol level) और वजन (weight) ठीक रहता है। मल्‍टीग्रेन ब्रेड की एक स्‍लाइस आपको 1.1 ग्राम फैट और 69 कैलोरीज देती है। इसको पसंद करने वालों की संख्‍या तेजी से बढ़ रही है। ये हमारी सेहत को बेहतर करने में मदद करते हैं। मल्टीग्रेन ब्रेड फाइबर से युक्‍त होती है। इसे बनाने के लिए इसमें सूखा खमीर या तेल और नमक भी डाला जाता है।

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गेहूं से भरपूर होती है होलव्हीट ब्रेड (whole wheat Bread)

इस ब्रेड में गेहूं का पोषण पाया जाता है। इसका स्‍वाद भी औरों के मुकाबले अच्‍छा होता है। ज्‍यादातार लोगों की पहली पसंद होलव्हीट ब्रेड होती है। ये पौष्टिक होने के अलावा स्वादिष्ट भी होती है। कुछ कंपनी इसमें मक्खन या ऑलिव ऑयल मिलाती हैं। इस ब्रेड की एक स्लाइस में 2 ग्राम फैट और लगभग 92 कैलोरीज होती हैं।

ब्राउन ब्रेड भी मानी जाती है हेल्दी (Brown Bread)

ब्राउन ब्रेड लोगों को लोगों ने उसके भूरे रंग की वजह से काफी पसंद किया। इस ब्रेड में भी गेहूं पाया जाता है। ब्राउन ब्रेड में कॉफी भी मिलाई जाती है जिससे इसके रंग में बदलाव देखने को मिलता है। हालांकि इस ब्रेड में भी कैलोरीज की मात्रा ज्यादा ही होती है। लेकिन फाइबर होने के कारण ये ब्रेड कुछ हद तक हेल्दी मानी जाती है। इस ब्रेड के एक स्लाइस में 0.7 ग्राम फैट और 74 कैलोरीज पाई जाती हैं।

ग्‍लूटन फ्री ब्रेड भी है अच्छा विकल्प (Gluten Free Bread)

ग्लूटन एक तरह का प्रोटीन होता है जो गेहूं और अन्‍य अनाजों में पाया जाता है। ग्‍लूटन फ्री ब्रेड इस तरह के अनाज से मुक्‍त होती है। ज्‍यादा मात्रा में ग्‍लूटन सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसल‍िये कुछ लोग ग्‍लूटन खाने से बचते हैं। ग्लूटन खाने से कुछ लोगों का पेट भी खराब हो जाता है ऐसे में उन लोगों के ल‍िये ये ब्रेड बेहतर व‍िकल्‍प है। इसमें बादाम के अलावा, मक्‍का, काजू, और कई तरह के ड्राई फ्रूट्स भी डाले जाते हैं। इस ब्रेड की एक स्‍लाइस में आपको 1 ग्राम फैट और 79.9 कैलोरीज म‍िलेंगी।

brown bread

हेल्दी ब्रेड का चुनाव कैसे करें (How to Choose Healthy Bread)

  • ब्रेड खरीदने से पहले अगर आपने कभी लेबल पर ध्‍यान नहीं द‍िया है तो अब दें। ब्रेड के लेबल पर ल‍िखी पोषण और सामग्री की जानकारी पढ़कर आप गलत ब्रेड खरीदने से बच सकते हैं। सही ब्रेड खरीदने के ल‍िये आपको कुछ बातों को ध्यान में रखना है।
  • ऐसी ब्रेड लेने से बचें जिसकी एक्‍सपाइरी डेट निकल चुकी हो या उसी दिन की हो। वो आपकी सेहत खराब कर सकती है।
  • सामग्री में अगर कॉर्न सिरप, शहद, चीनी की मात्रा ज्‍यादा है तो उसे खरीदने से बचें। अक्सर स्वाद को बढ़ाने के लिए इसमें वसा और चीनी मिलाई जाती है।
  • ऐसी ब्रेड की तलाश करें जिसमें कम से कम 2 से 3  ग्राम फाइबर और से 5 ग्राम प्रोटीन प्रति स्लाइस हो।
  • कई बार ऐसी ब्रेड बाजार में मिलती है जो हाथ लगाने पर अधिक दब रही होती है। अगर वो आपके हाथ लगाने पर बहुत आसानी से दब रही है तो उसकी जगह थोड़ी सख्त ब्रेड को चुनें।
  • ब्रेड में फाइबर की बात की जाये तो आपको दिनभर में 25 ग्राम फाइबर कंज्यूम करने की जरूरत होती है। इसलिये ब्रैड के लेबल पर फाइबर की मात्रा देख लें। 1 स्लाइस में 3 ग्राम फाइबर मिले तो वो आपके लिये बेस्ट है।
  • आज कल ब्रेड में कई तरह के (preservatives) मिलाये जाते हैं और ये आपके शरीर को बीमार कर सकते हैं इसलिये चयन करने से पहले अच्छी तरह जानकारी ले लें।

आपको इस बात का भी ध्‍यान रखना है क‍ि ज्‍यादा ब्रेड खाने से द‍िल की समस्या या उच्‍च रक्‍तचाप जैसी बीमारी भी हो सकती है। ब्रेड में सोड‍ियम होता है। जिन लोगों को ब्रेड खाने की लत होती है वो इस बात से अंजान होते हैं कि उनके शरीर में कितना अधिक नमक जा रहा है।

आप कोई भी ब्रेड चुनने से पहले उसके फायदे और नुकसान के बारे में पूरी जानकारी लें। इसके अलावा जरूरी है कि आप पैकेट और पर लिखी जानकारी  को अच्छी तरह चेक करें इसके बाद ही ब्रेड खरीदें।

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