बुखार के दौरान होने वाली इन 5 समस्याओं को दूर करता है मुलेठी का काढ़ा, जानें प्रयोग का तरीका

बुखार के दौरान स‍िर में दर्द, कमजोरी, सर्दी आद‍ि समस्‍याओं को दूर करने के ल‍िए मुलेठी का काढ़ा पीएं, जानें इसे बनाने का तरीका

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Sep 29, 2021
बुखार के दौरान होने वाली इन 5 समस्याओं को दूर करता है मुलेठी का काढ़ा, जानें प्रयोग का तरीका

अगर आपको अक्‍सर मौसम बदलने पर बुखार आ जाता है तो आपको मुलेठी से बने काढ़े का सेवन करना चाह‍िए। इसमें एंटी-ऑक्‍सीडेंट गुण मौजूद होते हैं। मुलेठी का काढ़ा पीने से इम्‍यून‍िटी बढ़ती है। इसमें एंटी-बैक्‍टीर‍ियल और एंटी-वायरस गुण होते हैं ज‍िससे शरीर बुखार के समय इंफेक्‍शन से बचता है। ये शरीर को ड‍िटॉक्‍स करने का भी काम करता है, कुछ लोगों को बुखार के समय उल्‍टी या दस्‍त की समस्‍या होती है उन्‍हें ये काढ़ा जरूर पीना चाह‍िए। मुलेठी में आर्युवेद‍िक गुण होते हैं, आपको सर्दी-जुकाम, गले में दर्द या खांसी की समस्‍या है तो भी आप मुलेठी से बना काढ़ा पीएं। इस लेख में हम मुलेठी से काढ़ा बनाने का तरीका और उसके फायदों पर चर्चा करेंगे। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के व‍िकास नगर में स्‍थित प्रांजल आयुर्वेद‍िक क्‍लीन‍िक के डॉ मनीष स‍िंह से बात की।

mulethi kadha

(image source:global.cpcdn.com)

मुलेठी का काढ़ा कैसे बनाएं? (How to make mulethi kadha) 

मुलेठी का काढ़ा बनाने के ल‍िए आप आपको इन स्‍टेप्‍स को फॉलो करना चाह‍िए-

सामग्री: मुलेठी का काढ़ा बनाने के ल‍िए आपको मुलेठी, हल्‍दी, काली म‍िर्च, दालचीनी, मुनक्‍का, ग‍िलोय, तुलसी की जरूरत होगी।

तरीका: 

  • मुलेठी का काढ़ा बनाने के ल‍िए आप ग‍िलोय, दालचीनी, मुलेठी को पीसकर पाउडर बना लें। 
  • इसमें आप हल्‍दी, काली म‍िर्च, तुलसी, मुनक्‍का भी पीसकर डालें। 
  • एक बर्तन में दो कप पानी को गरम करें। 
  • आपको पानी में तैयार म‍िश्रण को डालना है और जब तक पानी आधा न हो जाए तब तक चलाएं। 
  • काढ़ा तैयार है आप इसे द‍िन में दो से तीन बार पी सकते हैं। 

इसे भी पढ़ें- हाथ-पैर की जलन कम कर सकता है पान का शरबत, जानें हर मौसम इसे पीने के 10 आयुर्वेदिक फायदे

एक द‍िन में मुलेठी की क‍ितनी मात्रा का सेवन कर सकते हैं?

एक द‍िन में आप 4 से 5 ग्राम मुलेठी का सेवन कर सकते हैं। इससे ज्‍यादा मुलेठी का इस्‍तेमाल न करें। डॉ प्रांजल ने बताया क‍ि बुखार के लक्षण के अलावा कोव‍िड के दौरान भी आप मुलेठी के काढ़े का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। मुलेठी के काढ़े से रोग प्रत‍िरोधक क्षमता बढ़ती है और आप संक्रमण और बीमार‍ियों से बच सकते हैं।

मुलेठी के काढ़े को पीने के फायदे (Benefits of mulethi kadha in fever)

benefits of kadha

(image source:thebetterindia)

1. कमजोरी (Mulethi cures weakness)

मुलेठी को आप बुखार के लक्षणों को कम करने के लि‍ए इस्‍तेमाल करें। बुखार के दौरान कमजोरी होने पर आप मुलेठी का काढ़ा बनाकर पीएं तो कमजोरी दूर होगी और इम्‍यूनिटी बूस्‍ट होगी।

2.गले में खराश (Mulethi cures cough)

गले में खराश है तो आप मुलेठी के काढ़े का सेवन करें। इसमें मौजूद जड़ी-बूटी से आपके गले की खराश दूर हो जाएगी। आपको द‍िन में दो बार मुलेठी के काढ़े का सेवन करना है।

3. स‍िर में दर्द (Mulethi cures headache)

बुखार के दौरान अक्‍सर स‍िर में दर्द की समस्‍या होती है ज‍िसे दूर करने के आप मुलेठी के काढ़े का सेवन करें। इससे स‍िर के दर्द और माइग्रेन के दौरान होने वाले दर्द से भी राहत म‍िलती है। स‍िर में दर्द को दूर करने के ल‍िए आप मुलेठी का लेप भी लगा सकते हैं।

इसे भी पढ़ें- अक्षय कुमार रोज पीते हैं गोमूत्र, आयुर्वेद के अनुसार जानें गोमूत्र पीने के फायदे

4. सर्दी (Mulethi cures cold)

mulethi

(image source:shopaccino)

बुखार के दौरान सर्दी हो जाना आम समस्‍या होती है, ऐसे में मुलेठी का काढ़ा फायदेमंद होता है, आप मुलेठी का काढ़ा पीएंगे तो नाक ब्‍लॉक नहीं होगी और सर्दी जल्‍दी ठीक हो जाएगी।

5. मुंह का खराब स्‍वाद (Mulethi cures bad taste)

बुखार के दौरान मुंह का टेस्‍ट खराब हो गया है तो आप मुलेठी के काढ़े का सेवन करें, मुलेठी और अन्‍य मसालों के म‍िश्रण से मुंह का स्‍वाद ठीक हो जाएगा। आप द‍िन में दो से तीन बार इस काढ़े का सेवन कर सकते हैं।

अगर आप क‍िसी गंभीर बीमारी के मरीज हैं तो मुलेठी का काढ़ा इस्‍तेमाल करने से पहले अपने डॉक्‍टर से सलाह जरूर लें।

(main image source:shopify)

Read more on Ayurveda in Hindi 

Disclaimer