Fri Sep 11, 2026 | 07:50 PM IST

Medically Reviewed by Payal Asthana , Fitness Expert

सुबह भूलकर भी न करें ये 5 काम, बिगड़ सकता है आपका मेटाबॉलिज्म

मेटाबॉल‍िज्‍म शरीर की एक प्रक्र‍िया है ज‍िसमें शरीर खाने को एनर्जी में बदलता है। अगर मेटाबॉलि‍ज्‍म सही तरीके से काम करेगा, तो शरीर में एनर्जी रहेगी, वेट मैनेजमेंट में मदद म‍िलेगी और पाचन भी बेहतर रहेगा, लेक‍िन सुबह की गलत आदतों के कारण मेटाबॉल‍िज्‍म स्‍लो हो सकता है। जानते हैं ऐसी पांच आदतों के बारे में ज‍िनसे आपको बचना चाह‍िए।

मेटाबॉल‍िज्‍म शरीर को एनर्जी देता है, यह ब्‍लड सर्कुलेशन को बनाए रखता है, भोजन को पचाने में और पोषक तत्‍वों को अब्‍जार्ब करने में भी मेटाबॉल‍िज्‍म अहम भूम‍िका न‍िभाता है। शरीर का तापमान और हार्मोनल संतुलन को बनाए रखने के ल‍िए मेटाबॉल‍िज्‍म का एक्‍ट‍िव रहना जरूरी है। सुबह की कुछ गलत आदतों के कारण मेटाबॉलि‍ज्‍म स्‍लो हो सकता है। जब मेटाबॉल‍िज्‍म स्‍लो हो जाता है, तो कैलोरी बर्न करने में परेशानी होती है ज‍िससे वजन तेजी से बढ़ता है। मेटाबॉल‍िल्‍म स्‍लो होने से सुस्‍ती और थकान महसूस होती है। स्‍लो मेटाबॉल‍िज्‍म के कारण हार्मोनल असंतुलन भी हो सकता है। इस लेख में जानेंगे सुबह की ऐसी पांच आदतें जो मेटाबॉलिज्म को धीमा कर सकती हैं।

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1. सुबह का नाश्ता स्किप करना- Skipping Morning Breakfast

Director Ozefit Fitness Club, Australia & Certified Fitness Coach Payal Asthana ने बताया क‍ि नाश्ता दिन का सबसे खास मील माना जाता है। सुबह लंबे समय तक खाली पेट रहने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है। हेल्दी नाश्ता लेने से शरीर को जरूरी पोषक तत्‍व और एनर्जी म‍िलती है ज‍िससे मेटाबॉल‍िज्‍म एक्‍ट‍िव रहता है। प्रोटीन, फाइबर और हेल्‍दी कार्ब्स से भरपूर नाश्‍ता करने से स्‍लो मेटाबॉल‍िज्‍म से बचने में मदद म‍िलती है।

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2. उठते ही पानी न पीना- Not Drinking Water In Morning

रातभर सोने के बाद शरीर में पानी की कमी हो जाती है। अगर सुबह पानी नहीं प‍िएंगे, तो मेटाबॉलिज्म स्‍लो हो जाएगा। सुबह एक या दो गिलास पानी पीने से शरीर हाइड्रेट होता है और मेटाबॉलिज्म को सही तरीके से काम करने में मदद मिलती है। पर्याप्‍त मात्रा में पानी पीने से शरीर को एनर्जी म‍िलती है और स्‍लो मेटाबॉल‍िज्‍म से बचाव होता है।

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3. सुबह कोई फिजिकल एक्टिविटी न करना- No Physical Activity In Morning

सुबह हल्की एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग या वॉक करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और मेटाबॉलिज्म एक्‍ट‍िव होता है, लेक‍िन अगर आप सुबह एक्‍सरसाइज नहीं करेंगे, तो कैलोरी बर्न नहीं होंगी और सुस्‍ती महसूस होगी। मेटाबॉल‍िज्‍म तेज करने के ल‍िए रोज वॉक, योग या स्‍ट्रेंथ ट्रेन‍िंग को अपनाएं।

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4. पर्याप्त नींद न लेना- No Proper Sleep

अगर रात में अच्छी नींद नहीं लेंगे, तो सुबह शरीर थकान महसूस होगी और मेटाबॉलिज्म कमजोर हो सकता है। नींद की कमी हार्मोनल असंतुलन का कारण बनती है, जिससे ईट‍िंग ड‍िसआर्डर हो सकते हैं और वजन भी बढ़ सकता है।

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5. सुबह ज्यादा शुगर या प्रोसेस्ड फूड लेना- Consuming Sugary And Processed Foods

सुबह ज्यादा मीठा या प्रोसेस्ड फूड लेने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है ज‍िससे एनर्जी लेवल कम हो सकता है और कमजोरी महसूस हो सकती है। हेल्दी और संतुलित भोजन मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। इसल‍िए हेल्‍दी डाइट पर फोकस करें।

निष्कर्ष:

सुबह की आदतें मेटाबॉलिज्म पर सीधा असर डालती हैं। नाश्ता न करना, पानी न पीना, एक्सरसाइज न करना, नींद पूरी न करना, शुगर और प्रोसेस्ड फूड्स का ज्‍यादा सेवन करने जैसी आदतों के कारण मेटाबॉलिज्म कमजोर हो सकता है। एक्‍ट‍िव और स्‍वस्‍थ रहने के ल‍िए इन आदतों से बचें।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Modified By : Yashaswi Mathur
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