Fri Oct 9, 2026 | 01:05 AM IST

Medically Reviewed by Dt Meena Kumari , Dietician

Morning Exercise Vs Evening Exercise: फैट बर्न करने के लिए कब वर्कआउट करना बेहतर?

Morning Exercise Vs Evening Exercise: अक्सर लोगों को कन्फ्यूजन रहती है कि वे सुबह एक्सरसाइज करें या शाम को? इस लेख में चीफ डाइटिशियन मीना कुमारी ने सुबह और शाम की एक्सरसाइज करने के फायदे और नुकसान बताए हैं। आप भी इस लेख को पढ़ें और समझे कि आपके लिए कौन-से समय एक्सरसाइज करना बेहतर हैं?
Morning Exercise Vs Evening Exercise: फैट बर्न करने के लिए कब वर्कआउट करना बेहतर?Morning Exercise Vs Evening Exercise: फैट बर्न करने के लिए कब वर्कआउट करना बेहतर?

Morning Exercise Vs Evening Exercise: आजकल मोटापा लाइफस्टाइल की समस्या बन चुकी है। इसलिए लोग फैट बर्न करने के लिए तरह-तरह की डाइट आजमाते हैं, लेकिन जब एक्सरसाइज की बात आती है, तो लोग कन्फ्यूज रहते हैं कि कसरत सुबह की जाए या फिर शाम को, ताकि ज्यादा फैट बर्न हो। कुछ लोग सुबह दौड़ लगाना सही मानते हैं, तो कुछ लोगों को शाम के समय जिम में पसीना बहाना फायदेमंद लगता है। इसमें सच क्या है? यह जानने के लिए हमने फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल की चीफ डाइटिशियन मीना कुमारी (Ms Meena Kumari, Chief Dietician, Sarvodaya Hospital, Faridabad) से बात की। उन्होंने दोनों समय की एक्सरसाइज के बीच का फर्क बताया और साथ ही किन लोगों को कब एक्सरसाइज करनी चाहिए।

सुबह की एक्सरसाइज कितनी सही?

चीफ डाइटिशियन मीना कुमारी कहती हैं, ”सुबह जब नींद से उठते हैं, तो शरीर कई घंटों से बिना खाना खाए होता है। इसे फास्टेड स्टेट कहते हैं। इस दौरान शरीर में इंसुलिन लेवल कम होता है, ग्लाइकोजन स्टोर्स कम होते हैं और शरीर एनर्जी के लिए ज्यादा स्टोर्ड फैट का इस्तेमाल करता है। इस वजह से कई स्टडीज में पाया गया है कि सुबह खाली पेट की गई कम तेजी से की गई एक्सरसाइज के दौरान फैट बर्न ज्यादा होता है। कुछ रिसर्च यह भी बताती हैं कि इस तरह का वर्कआउट करने से एक्सरसाइज के बाद भी कई घंटों तक फैट ऑक्सिडेशन थोड़ा ज्यादा रह सकता है लेकिन लंबे समय में बॉडी फैट कम होना हमेशा कैलोरी बैलेंस पर निर्भर करता है। अगर पूरे दिन की कैलोरी और एक्टिविटी एक जैसी होती है, तो फास्टेड वर्कआउट से अतिरिक्त फैट लॉस नहीं होता है।”
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सुबह की एक्सरसाइज के फायदे

मीना कुमारी ने सुबह की एक्सरसाइज के कई फायदे बताए हैं, लेकिन साथ ही कहा है कि फैट ऑक्सिडेशन और फैट लॉस एक चीज नहीं हैं। सुबह फैट ज्यादा बर्न हो सकता है, लेकिन अगर पूरे दिन में ज्यादा कैलोरी खाई, तो फैट कम नहीं होगा।

  1. फैट ऑक्सिडेशन बढ़ता है
  2. इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर होती है
  3. दिन की अच्छी शुरुआत और रूटीन सेट होता है
  4. कई लोगों के लिए रेगुलर सुबह एक्सरसाइज करना आसान होता है

शाम की एक्सरसाइज कितनी सही?

चीफ डाइटिशियन मीना कुमारी कहती हैं, ”दोपहर बाद और शाम के समय शरीर की स्थिति थोड़ी अलग होती है। इस दौरान बॉडी टेम्परेचर ज्यादा होता है, मांसपेशियां ज्यादा लचीली होती हैं और हार्मोनल प्रोफाइल परफॉर्मेंस के लिए अनुकूल रहता है। इसी वजह से ज्यादातर लोग शाम को ज्यादा वजन उठा पाते हैं, लंबी और ज्यादा भारी ट्रेनिंग कर पाते हैं और हाई इंटेंसिटी वर्कआउट बेहतर ढंग से कर पाते हैं। कुछ रिसर्च बताती है कि शाम की एक्सरसाइज के बाद फैट ऑक्सिडेशन देर से, कभी-कभी अगले दिन तक बढ़ा हुआ पाया गया है।”

शाम की एक्सरसाइज के फायदे

मीना कुमारी ने शाम की एक्सरसाइज के कई फायदे हैं।

  1. बेहतर स्ट्रेंथ और सहनशक्ति होती है
  2. हाई इंटेंसिटी ट्रेनिंग आसान होती है
  3. स्ट्रेस रिलीज और मेंटल रिलैक्सेशन होता है
  4. भोजन के बाद ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद होती है

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सुबह एक्सरसाइज VS शाम की एक्सरसाइज

चीफ डाइटिशियन मीना कुमारी ने दोनों समय की एक्सरसाइज के बीच कुछ इस तरह फर्क बताया है।

कारक  सुबह (खाली पेट) शाम (खाने के बाद)
वर्कआउट के दौरान फैट ऑक्सिडेशन ज्यादा मॉडरेट
24 घंटे का फैट ऑक्सिडेशन कुछ कंडीशन में ज्यादा अगले दिन तक असर
 ट्रेनिंग   थोड़ी कम ज्यादा
परफॉर्मेंस  मॉडरेट बहुत ज्यादा 
मेटाबॉलिक फायदे  इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर ब्लड शुगर कंट्रोल

खाली पेट एक्सरसाइज किन्हें नहीं करनी चाहिए?

मीना कुमारी कहती हैं कि जिन लोगों को लो ब्लड शुगर की समस्या, डायबिटीज, प्रेग्नेंसी, हार्ट की बीमारियां, चक्कर या कमजोरी महसूस होती है, उन्हें पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। खाली पेट एक्सरसाइज करना उन लोगों के लिए रिस्की हो सकता है। इसके अलावा, अगर किसी को सुबह एक्सरसाइज करने के बाद परेशानी महसूस हो, तो एक्सपर्ट या डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

फैट लॉस के लिए क्या करें?

चीफ डाइटिशियन मीना कुमारी कहती हैं, “जिन लोगों को फैट लॉस करना है, उन्हें एक्सरसाइज रेगुलर रखना बहुत जरूरी है। साथ ही कैलोरी बर्न, डाइट और नींद जैसे लाइफस्टाइल फैक्टर्स पर भी फैट लॉस मायने रखता है। वैसे अगर लोग सुबह हल्की एक्सरसाइज जैसे वॉक, योग या जॉगिग करें और शाम को स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या इंटरवल ट्रेनिंग करें, तो इससे फैट, मेटाबॉलिज्म परफॉर्मेंस और मसल ग्रोथ तीनों को फायदा मिलता है।

निष्कर्ष

मीना कुमारी मानती हैं कि फैट लॉस और हेल्दी रहने के लिए कोई परफेक्ट टाइम नहीं होता है। अगर आपको मोटापा कम करना है, तो रेगुलर एक्सरसाइज के साथ डाइट पर भी ध्यान देना होगा। इसके अलावा, एक्सरसाइज का समय हर किसी की बॉडी के हिसाब से सूट करता है, किसी को सुबह ज्यादा बेहतर लगता है, तो किसी को शाम को, लेकिन इन सब के बीच सबसे महत्वपूर्ण है कि हेल्दी डाइट, नींद पूरी करना, स्ट्रेस मैनेज करना, स्मोकिंग और शराब से दूरी बनाना बहुत जरूरी है।

FAQ

  • 1 दिन में कितने घंटे एक्सरसाइज करना चाहिए?

    एक दिन में करीब 30 मिनट से 1.5 घंटे तक एक्सरसाइज करनी चाहिए। रोजाना करीब 30-60 मिनट रेगुलर एक्सरसाइज करना काफी है। वजन घटाने या मसल्स बनाने के लिए 45-90 मिनट तक और हाई इंटेंसिटी वर्कआउट के लिए रोजाना 20-25 मिनट काफी हैं।
  • 21-21-21 नियम क्या है?

    21-21-21 नियम का मतलब है कि 21 दिनों के एक्सरसाइज करें और अगले 21 दिनों में अनुकूलन के साथ और आखिरी 21 दिनों के लिए अपने मन को प्रशिक्षित करें। इससे आपको खुद में बदलाव महसूस करेंगे।
  • 5 5 5 30 नियम क्या है?

    सुबह उठकर पांच पुश-अप्स, पांच स्क्वैट्स, हर पैर के साथ पांच लंजेस और 30 सेकंड का प्लैंक करें । इससे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा और दिनभर शरीर में एनर्जी रहेगी।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Dec 22, 2025 18:09 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Dec 22, 2025 18:09 IST

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  • Dec 22, 2025 18:09 IST

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  • Dec 22, 2025 18:09 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dt Meena Kumari