Fri Sep 11, 2026 | 09:12 PM IST

Medically Reviewed by Dr Abhishek Vaish , Orthopaedician

रनिंग करते हुए न करें ये 4 गलतियां, मिलेगा शरीर को पूरा फायदा

Mistakes To Avoid While Running: रनिंग करते हुए स्पीड और अपने शरीर की क्षमता का पता होना चाहिए। इन चीजों का ध्यान रखना है रनिंग मिस्टेक्स हैं। इससे आपकी हेल्थ पर भी नेगेटिव असर पड़ सकता है।

Running Mistakes: रनिंग करना अच्छी एक्सरसाइज है। हर व्यक्ति को रनिंग करनी चाहिए। रनिंग करने से मोटापा कम होता है, डायबिटीज का रिस्क कम होता है, ब्लड प्रेशर का स्तर संतुलित रहता है और कई तरह की मेडिकल कंडीशन का जोखिम भी कम होता है। लेकिन, आपने कई बार नोटिस किया होगा कि रनिंग करने के बावजूद आपको इसका पूरा लाभ नहीं मिलता है। कुछ लोग थोड़ी देर रनिंग के बाद ही थक जाते हैं, तो कुछ लोगों को रनिंग करने के बाद शरीर में दर्द होने लगता है। क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है? ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आप रनिंग के दौरान कुछ ऐसी गलतियां करते हैं, जो कि आपको नहीं करनी चाहिए। वे किस तरह की गलतियां हैं, आइए इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल और हिलिंग टच क्लीनिक के ऑर्थोपेडिक सर्जन और स्पोर्ट्स इंजरी स्पेशलिस्ट डॉ. अभिषेक वैश से जानते हैं उनके बारे में विस्तार से।

रनिंग करते हुए किस तरह की गलतियों को करने से बचें- Common Running Mistakes

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बहुत ज्यादा दौड़ना

रनिंग करना फायदेमंद है। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि आप एक दिन अपनी क्षमता से ज्यादा रनिंग करें। वैसे भी विशेषज्ञ यह सलाह देते हैं कि शुरुआती दिनों में हमेशा रनिंग स्पीड कम रखनी चाहिए। धीरे-धीरे अपनी स्पीड और समयावधि को बढ़ा सकते हैं। जो लोग एक दिन में अधिक समय तक दौड़ते हैं, उन्हें पैरों में दर्द, थकान और कमजोरी की समस्या हो जाती है

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बहुत तेज दौड़ना

जिस तरह लंबे समय तक दौड़ना हमारे हेल्थ के लिए सही नहीं है, उसी तरह बहुत तेज स्पीड में दौड़ना भी सही नहीं होता है। एक्सपर्ट्स की मानें, तो इंटेंस स्पीड में दौड़ने से सांस फूलने की दिक्कत हो सकती है। खासकर, हार्ट के मरीज और अस्थमा के मरीजों को स्पीड में दौड़ने से बचना चाहिए। उन्हें अपनी बॉडी की जरूरत और कंफर्ट को समझते हुए दौड़ना चाहिए। स्वस्थ लोगों को भी अपनी फिटनेस को ध्यान में रखते हुए स्पीड कम या ज्यादा रखनी चाहिए।

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पर्याप्त रेस्ट न करना

किसी भी तरह के वर्कआउट के बाद पर्याप्त रेस्ट करना बहुत जरूरी है। ऐसा ही आपको रनिंग के दौरान भी करना चाहिए। वैसे, क्या आप जानते हें कि ऐसा क्यों कहा जाता है? असल में, वर्कआउट के दौरान मसल्स लॉस हो सकता है या इंजुरी हो सकती है। अगर आप पर्याप्त रेस्ट नहीं करते हैं, तो इसकी वजह से आपकी रिकवरी नहीं हो पाएगी और आपको चलने-फिरने तथा रोजमर्रा के कामकाज करने में भी दिक्क्त आ सकती है। पर्याप्त रेस्ट नहीं करने की वजह से बुखार भी आ सकता है।

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इंजुरी को इग्नोर करना

जिस तरह हमेशा किसी भी तरह के वर्कआउट के बाद रेस्ट करने की जरूरत होती है, उसी तरह इंजुरी हो जाए, तो उसकी केयर करना भी आवश्यक होता है। यह सोचना कि रनिंग करते हुए चोट लगी है और वह अपने आप ठीक हो जाएगी। चोट लगने के बावजूद, अपने वर्कआउट में गैप न लेना सही नहीं है, क्योंकि चोट लगने की वजह से घुटने, पैरों में दर्द हो सकता है। दौड़ने की वजह से ये दर्द ट्रिगर हो जाते हैं।

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FAQ

  • दौड़ने से कौन-कौन सी बीमारी ठीक होती है?

    दौड़ने से कोई भी बीमारी ठीक नहीं होती है। हां, दौड़ने की वजह से कई बीमारियों के रिस्क को कम कर सकते हैं और उनके लक्षणों को मैनेज करने में मदद मिल सकती है। दौड़ने से मोटापा, हृदय रोग, मधुमेह (टाइप 2), कैंसर, ऑस्टियोपोरोसिस जैसी कई बीमारियों के रिस्क को कम किया जा सकता है।
  • दौड़ने के क्या नुकसान हैं?

    अगर आप अपने शरीर की क्षमता के अनुसार नियमित रूप से दौड़ते हैं, तो इसका कोई नुकसान नहीं है। हां, अगर आप ओवर रनिंग करते हैं या रेगुलर नहीं करते है, तो इसकी वजह से मांसपेशियों में कमजोरी, जोड़ों और हड्डियों में दर्द जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं।
  • दौड़ने की सही उम्र क्या है?

    दौड़ने की सही उम्र जैसी कोई चीज नहीं होती है। बच्चे से लेकर वयस्क और बुजुर्ग, हर कोई दौड़ सकता है। हां, उन्हें अपनी बॉडी की जरूरत और क्षमता के अनुसार दौड़ने की स्पीड और टाइम का ध्यन रखना चाहिए। अगर आप 40 की उम्र के बाद रनिंग शुरू कर रहे हैं, तो सावधान रहें। क्योंकि इस उम्र के बाद चोट लगने या हड्डियों में दर्द होने का रिस्क बना रहता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Sep 07, 2025 14:58 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Sep 07, 2025 14:58 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Abhishek Vaish

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