Yoga benefits: मंडूकासन और उत्तान मंडूकासन के बीच न हों कंफ्यूज, जानें इन दोनों योग पोज का अंतर और फायदे

हम में से ज्यादातर लोग मंडूकासन और उत्तान मंडूकासन के बीच फर्क नहीं जानते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं इन दोनों के फर्क और फायदे।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Oct 15, 2020Updated at: Jun 25, 2021
Yoga benefits: मंडूकासन और उत्तान मंडूकासन के बीच न हों कंफ्यूज, जानें इन दोनों योग पोज का अंतर और फायदे

कोरोनावायरस के कारण हम सभी को अपने घर से ही काम करना पड़ रहा है। वहीं  घर में रहते हुए हमारी शारीरिक गतिविधियां न के बराबर हो गई हैं। इन गतिविधियों के बंद होने से  हमारे ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर सहित शरीर के अलग-अलग अंगों पर फर्क पड़ता है। ऐसे में लोग योग और एक्सरसाइज की मदद ले रहे हैं। वहीं कुछ लोग योग के अलग-अलग पोज के बीच अंतर को नहीं समझते और उन्हें गलत तरीके से करते हैं। इससे शरीर को योग करने का कोई फायदा नहीं मिलता है। आज हम आपको ऐसे ही दो योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें लेकर अक्सर लोग  कंफ्यूज रहते हैं। दरअसल हम बात मंडूकासन  (Mandukasana yoga poses)और  उत्तान मंडूकासन  (Uttana Mandukasana)की कर रहे हैं, जिसके बीच लोग अक्सर अंतर नहीं कर पाते हैं। तो आइए जानते हैं इन दोनों के बीच का अंतर और फायदे।

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मंडूकासन (Frog Pose Yoga)

मंडूकासन मेंढक की मुद्रा में किए जाने वाले योगासन है। इसमें हमें शरीर को मेंढक की तरह बनाना होता है, जिसमें की पूरा पैर पेट में चला जाता है और हाथों के दम पर हम अपना शरीर खींचते हैं। इसे करते समय दोनों हाथो में मुठ्ठी बनानी होती है और उन्हें नाभि में  लगाना होता है। फिर स्वांस अंदर और बाहर ली जाती है।

उत्तान मंडूकासन (Upward Frog Pose Yoga)

उत्तान मंडूकासन में आपको अपने शरीर को ऊपर की ले जाते हुए मेंढक की मुद्रा में आना होता है। इसे करते वक्त लोगों को वज्रासन मुद्रा में बैठना होता है और फिर दोनों घुटनों को फैलाना होता है। फिर दायां हाथ उठाकर हथेली को बाएं कंधे के पीछे और बाएं हाथ उठाकर दाएं कंधे के पीछे लगाना होता है। इस तरह गर्दन व कमर को सीधा रखते हुए श्वांस को स्थिर रखकर ये योगासन किया जाता है।

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मंडूकासन और उत्तान मंडूकासन के बीच अंतर

  • -मंडूकासन डाउनवर्ड फॉर्ग पोज है, तो उत्तान मंडूकासन अपवर्ड पोज है।
  • -मंडूकासन  में शरीर के ऊपरी भाग के वजन को दोनों जांघों पर रखना होता है, जिससे कि बैली फैट पर असर पड़ता है वहीं उत्तान मंडूकासन में शरीर के निजले भाग का वजन को हम ऊपर स्ट्रेच करने की कोशिश करते हैं।
  • -मंडूकासन पेट और ब्लड शुगर को संतुलित रखने के लिए फायदेमंद है, जबकि उत्तान मंडूकासन शरीर के ऊपरी हिस्सों के जगड़न को सही कर सकता है।

मंडूकासन और उत्तान मंडूकासन के फायदे

मंडूकासन और  उत्तान मंडूकासन दोनों की वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है। पर मंडूकासन (Benefits of Mandukasana)इस काम में ज्यादा मदद कर सकता है। ये उन लोगों के लिए प्रभावी है जो वजन घटाने और पेट को सपाट बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं  उत्तान मंडूकासन (Uttana Mandukasana Benefits) कंधों और हाथों की ज्वाइंट्स को हेल्दी रखने में मदद करता है। तो  मंडूकासन घुटने और टखने के जोड़ों के लचीलेपन और गतिशीलता में सुधार करता है। उत्तान मंडूकासन कंधे और पेट की मांसपेशियों को टोन करने में मदद करता है, तो मंडूकासन फेफड़ों की क्षमता बढ़ता है। अगर आपको पेट में गैस, कब्ज और अपच है, तो ये दोनों की आसान फादेमंद है।

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वर्क फ्रॉम होम के दौरान  उत्तान मंडूकासन करना ज्यादा फायदेमंद है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये आपके बैली फैट को बढ़ने से रोकेगा और पीठ दर्द में कमी लाने का काम कर सकता है। वहीं ये चेस्ट और कंधों के लिए भी बहुत अच्छा है। खास बात ये है  महिलाओं के लिए उत्तान मंडूकासन,  मंडूकासन की तुलना में ज्यादा फायदेमंद है। ये पीरियड्स में क्रैंप्स और अनियमितता को कम कर सकता है। साथ ही इस आसन का रेगुलर अभ्यास करना तनाव, चिंता और अवसाद को दूर करने में मदद कर सकता है, जो कि कोरोना काल में हर किसी की सबसे बड़ी परेशानी बन गई है। तो काम से वक्त निकालें और इन दोनों योगासनों को ट्राई करके जरूर देखें।

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