टेस्टिकुलर (अंडकोष) कैंसर से बचने के लिए पुरुष लाइफस्टाइल में जरूर करें ये 6 बदलाव

टेस्टिकुलर कैंसर को वृषण कैंसर या अंडाशय कैंसर के नाम से जाना जाता है, जानें टेस्टिकुलर कैंसर से बचाव के उपाय।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: May 13, 2022Updated at: May 13, 2022
टेस्टिकुलर (अंडकोष) कैंसर से बचने के लिए पुरुष लाइफस्टाइल में जरूर करें ये 6 बदलाव

टेस्टिकुलर कैंसर (Testicular Cancer) पुरुषों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है जो ज्यादातर 15 साल से लेकर 35 साल की उम्र में देखने को मिलती है। टेस्टिकुलर कैंसर को वृषण कैंसर और अंडकोष का कैंसर भी कहा जाता है। आमतौर पर यह बीमारी सबसे ज्यादा 20 से 35 साल की उम्र के लोगों में देखने को मिलती है लेकिन यह बीमारी पुरुषों में किसी भी उम्र में हो सकती है। टेस्टिकुलर कैंसर को एक घातक और जानलेवा बीमारी माना जाता है जिसमें समय पर इलाज न होने पर मरीज के जीवित रहने की संभावना बेहद कम हो जाती है। टेस्टिकुलर कैंसर के कई कारण हो सकते हैं और इस बीमारी में आपके अंडकोष में कैंसर की कोशिकाएं विकसित होती हैं। टेस्टिकुलर कैंसर होने पर मरीज को पेशाब करने में दिक्कत, अंडकोष में गांठ बनना, पेट में गड़बड़ी और असामान्य रूप से खांसी की समस्या हो सकती है। टेस्टिकुलर कैंसर से बचाव के लिए आपको अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव जरूर करने चाहिए। आइये जानते हैं टेस्टिकुलर कैंसर से बचाव के उपाय।

टेस्टिकुलर (अंडकोष) कैंसर के लक्षण (Testicular Cancer Symptoms in Hindi)

टेस्टिकुलर कैंसर या अंडकोष के कैंसर की समस्या में शुरुआती चरण में ही मरीज में लक्षण दिखाई देने शुरू हो जाते हैं। सबसे पहले मरीज के अंडकोष में गांठ या सूजन की समस्या शुरू होती है। टेस्टिकुलर कैंसर होने पर मरीज में दिखाई देने वाले कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • अंडकोष के निचले हिस्से में सूजन।
  • अंडकोष में गांठ बनना।
  • पीठ और पेट में गंभीर दर्द।
  • अंडकोष में गंभीर दर्द।
  • पेट में दर्द और मल त्याग करने में दिक्कत।
  • अंडकोष में लिक्विड जमना।
  • टेस्टिकल्स की साइज में बदलाव।
  • गंभीर खांसी और सिरदर्द।
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टेस्टिकुलर (अंडकोष) कैंसर से बचने के उपाय (Tips To Prevent Testicular Cancer in Hindi)

टेस्टिकुलर कैंसर के लक्षण दिखने पर मरीज को सबसे पहले डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर आपकी जांच के बाद इलाज शुरू करते हैं। शुरूआती स्टेज में इलाज शुरू होने से मरीज जल्दी ठीक हो सकता है। इलाज में देरी होने पर टेस्टिकुलर कैंसर के मरीजों के ठीक होने की संभावना बेहद कम हो जाती है। इस समस्या में आपको लाइफस्टाइल में कुछ जरूरी बदलाव करने चाहिए। टेस्टिकुलर कैंसर ज्यादातर कम उम्र के लोगों में देखने को मिलता है। इस तरह के कैंसर के सटीक कारणों के बारे में अभी तक पूरी जानकारी नहीं मिली है जिसकी वजह से इसके बचाव के लिए भी कोई सटीक कदम नहीं बताये जा सकते हैं। लेकिन अगर आप जीवनशैली और खानपान से जुड़ी कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखते हैं तो टेस्टिकुलर कैंसर से बचाव में मदद मिल सकती है। टेस्टिकुलर कैंसर से बचने के लिए आपको इन बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।

1. अंडकोष या वृषण पर किसी भी तरह की चोट लगने पर सबसे पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। कई बार लोग खेलकूद या किसी अन्य शारीरिक गतिविधि के दौरान अंडकोष पर लगी चोट को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसा करने से ये चोट आगे चलकर टेस्टिकुलर कैंसर का खतरा बढ़ा सकती है। इसलिए पुरुषों को हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए।

2. खेलकूद के दौरान अंडकोष पर चोट लगने से बचाने के लिए गार्ड का इस्तेमाल करना चाहिए। ज्यादातर लोगों को अंडकोष की चोट क्रिकेट खेलते समय लगती है। इस दौरान चोट से बचने के लिए आपको गार्ड जरूर पहनना चाहिए।

3. एचआईवी की समस्या में टेस्टिकुलर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए एचआईवी से पीड़ित पुरुषों को समय-समय पर अपने अंडकोष की जांच करनी चाहिए। अगर आपमें टेस्टिकुलर कैंसर से जुड़े कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं तो सबसे पहले डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

4. टेस्टिकल्स की असामान्य रूप से वृद्धि होने पर आपको तुरंत एक्सपर्ट डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर इसकी जांच कर इलाज जरूर लेना चाहिए।

5. जिन लोगों के परिवार में टेस्टिकुलर कैंसर की हिस्ट्री है उन्हें इसका खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए ऐसे लोगों को इसका ध्यान रखना चाहिए और जरूरत पड़ने पर जांच जरूर करानी चाहिए।

6. गर्मी के मौसम में अंडकोष की जांच करें। ऐसा करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों हाथों से अंडकोष पकड़ें और तर्जनी और मध्यमा उंगली के को के बीच अंडकोष को रोल करें। ऐसा करने पर आपको अंडकोष में गांठ या असामान्यता का पता चलेगा। किसी भी तरह का संदेह होने पर डॉक्टर की सलाह लें।

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ऊपर बताई गयी टिप्स को अपनाकर आप टेस्टिकल कैंसर से बचाव कर सकते हैं। टेस्टिकल कैंसर एक प्रकार की गंभीर और जानलेवा समस्या है जिसमें सही समय पर इलाज न होने पर मरीज की जान जा सकती है। इसलिए इसके लक्षण दिखने पर आपको सबसे पहले डॉक्टर की सलाह लेकर जांच और इलाज करानी चाहिए।

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