मानसिक नहीं हैं चिंता के दौरान दिखने वाले ये शारीरिक लक्षण, जानें किन गतिविधियों के कारण होता है ऐसा

अगर आपको भी चिंता के दौरान ये शारीरिक लक्षण नजर आते हैं तो इन्हें मानसिक न समझें, जानें किन कारणों से होता है ऐसा।

Vishal Singh
विविधWritten by: Vishal SinghPublished at: Jul 22, 2020
मानसिक नहीं हैं चिंता के दौरान दिखने वाले ये शारीरिक लक्षण, जानें किन गतिविधियों के कारण होता है ऐसा

भागदौड़ भरी जिंदगी के साथ जिम्मेदारियों के भार के कारण अक्सर लोग चिंता का शिकार होने लगते हैं। ऐसे में उन्हें कई तरह की समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। चिंता के कुछ शारीरिक लक्षणों से तो आप भी अच्छी तरह से परिचित होंगे, लेकिन आपको शायद ये नहीं पता होगा कि चिंता विकार में शारीरिक रूप से कैसे प्रकट होती है। बल्कि लोग सोचते हैं कि चिंता के दौरान दिखने वाली सभी चीजें या लक्षण मानसिक है जबकि ऐसा नहीं है चिंता के दौरान दिखने वाले शारीरिक लक्षण मानसिक नहीं होते हैं। हम आपको इस लेख में विस्तार से समझाएंगे कि आप जब चिंता के दौरान होते हैं तो आपके शारीरिक लक्षण किस प्रकार प्रकट होते हैं लेकिन वो मानसिक नहीं होते। 

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दिल का तेजी से दौड़ना

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ (National Institute of Mental Health) के अनुसार, दिल का तेजी से दौड़ना चिंता का एक क्लासिक संकेत है। कई अध्ययन से पता चलता है कि जब आप चिंता वाले व्यवहार करते हैं तो आपके दिल में मौजूद रिसेप्टर्स आपके दिल की धड़कन को तेज करके प्रतिक्रिया देते हैं। इसके साथ ही यह आपकी बड़ी मांसपेशियों को ज्यादा से ज्यादा रक्त पंप करने का काम करती है।

सांस लेने में परेशानी

ये तो आप जानते हैं कि आपके शरीर में सर्कुलेट होने वाला रक्त आपके पूरे शरीर के चारों ओर ऑक्सीजन का संचार करता है। ऐसे में जब चिंता में होते हैं तो आप कितनी जल्दी अपने शरीर में रक्त को भेज रहे हैं, इसमें आपकी सांस आपको ज्यादा ऑक्सीजन प्रदान करने के लिए बढ़ने लगती है। वहीं, अगर आप बहुत जल्दी सांस लेते हैं तो आप वास्तव में शारीरिक चिंता के लक्षणों को बहुत ज्यादा हद तक बढ़ा सकते हैं, ऐसा इसिलए क्योंकि आपका ऑक्सीजन-कार्बन डाइऑक्साइड संतुलन खराब होने लगता है। 

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नींद खराब होना

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ (National Institute of Mental Health) के अनुसार, जो लोग अक्सर चिंता का शिकार रहते हैं उन्हें सोने में या सोते समय काफी परेशानी या बेचैनी हो सकती है जिसके कारण अच्छी तरह से नींद पूरी नहीं हो पाती। ऐसा इसलिए क्योंकि कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे हार्मोन के स्तर में सुधार के कारण रात की अच्छी नींद लेना थोड़ा मुश्किल हो जाता है, जो चिंता में ये हार्मोन्स बढ़ जाते हैं। जबकि चिंता के कारण नींद का खराब होना किसी भी तरह से मानसिक रूप से अस्वस्थ नहीं हो सकता है। ये एक प्रकार से शारीरिक गतिविधि है जो बिगड़ जाती है।

पसीना बहना

चिंता के कारण अगर आपके पसीने से बदबू या ज्यादा मात्रा में पसीना आ रहा है तो ये आपके शरीर में चल रही गतिविधियों के कारण होता है। NIMH के मतुाबिक पसीना चिंता विकारों का एक सामान्य दुष्प्रभाव है, जो किसी के साथ भी हो सकता है और ये मानसिक नहीं है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब आपकी सहानुभूति तंत्रिका तंत्र बहुत ज्यादा सक्रिय हो जाती है, तो यह आपके शरीर से पसीने की ग्रंथियों को ज्यादा प्रभावित करती है जिसके कारण आपको पसीने का अनुभव होता है। 

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गला टाइट महसूस होना

चिंता के समय आपने अक्सर देखा होगा कि आपका गला पहले से ज्यादा टाइट होने लगता है, अमेरिका के नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, कुछ लोग अपने गले में जकड़न महसूस कर सकते हैं। जिसे ग्लोबस सनसनी भी कहा जाता है, लेकिन अभी तक इस स्थिति के होने के पीछे स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। 

चिंता आपको तनाव या अवसाद की स्थिति में धकेलने का काम कर सकती है, इससे बचने के लिए आपको तनावमुक्त रहने की कोशिश करनी चाहिए या डॉक्टर से इस बारे में संपर्क करना चाहिए। 

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