जानिये किन कारणों से बढ़ जाती है दिल की धड़कन, कैसे पहचानें खतरे के संकेत

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 23, 2018
Quick Bites

  • पल्पिटेशन यानी दिल की धड़कन सामान्‍य से अधिक होना।
  • कैफीन, एल्‍कोहल, निकोटीन के सेवन के कारण हो सकता है।
  • तनाव, डर, चिंता भी इसके लिए जिम्‍मेदार कारकों में से हैं।

दिल हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। हमारी जिंदगी तभी तक है जब तक हमारे दिल की धड़कन चल रही है। दिल अगर थोड़े समय के लिए भी धड़कना बंद हो जाए तो इंसान की मौत हो जाती है। कई मामलों में दिल कुछ सेकेंड्स के लिए रुककर फिर चलने लगता है। ऐसी स्थिति में अगर दिल दोबारा चल पड़े लेकिन दिमाग मर जाए तो भी इंसान किसी काम का नही रह जाता। इसलिए दिल की धड़कनों की अनियमितता को समझना बहुत जरूरी है। हार्ट पल्पिटेशन यानी दिल की धड़कन का बढ़ना एक समस्‍या की तरह है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है

दिल अगर तेज धड़के तो इसका मतलब यह भी होता है कि आपका बड़ी मुश्किलों से धड़क रहा है। इस सयम आप अपने दिल की धड़कनों को सीने में, गले में और गरदन में भी महसूस कर सकते हैं। पल्पिटेशन एक डरावने एहसास की तरह हो सकता है। तनाव और चिंता इसके सामान्‍य कारक हो सकते हैं। अधिक मात्रा में कैफीन, एल्‍कोहल, निकोटीन के सेवन कारण भी दिल की धड़कन बढ़ सकती है। गर्भवती महिलाओं में भी दिल की धड़कन बढ़ने की समस्‍या हो सकती है। कुछ विषम परिस्थितियों में ही इसे दिल से संबंधित खतरनाक समस्‍या माना जा सकता है।

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भावनाओं के कारण

हालांकि भावनाओं के लिए इसके लिए जिम्‍मेदार प्रमुख कारकों के रूप में नहीं लिया जा सकता है। लेकिन गंभीर भावनात्‍मक एहसास के कारण ही दिल की धड़कन बढ़ने की संभावना अधिक होती है। तनाव, डर, चिंता, आदि के कारण यह सबसे अधिक होता है।

शारीरिक गतिविधि

सामान्‍यतया अगर आपने अपनी क्षमता से अधिक काम कर लिया है तो इसके परिणाम स्‍वरूप आपके दिल की गति बढ़ जाती है। नियमित व्‍यायाम करने वालों के दिल की धड़कन अक्‍सर बढ़ जाती है।

कैफीन, निकोटीन और एल्‍कोहल  

ऐसी वस्‍तुओं का सेवन करने से आपके दिल की धड़कन बढ़ा सकती है। अगर आपने कैफीन, निकोटीन, एल्‍कोहल का सेवन किया है तो यह पल्पिटेशन का कारण बन सकता है। कुछ दवाओं के सेवन के कारण भी दिल की धड़कन बढ़ सकती है।

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आंतरिक परिवर्तन

बाहरी परिवर्तन की तरह हमारे शरीर के अंदर भी समय-समय पर और उम्र बढ़ने के साथ बदलाव होते रहते हैं। महिलाओं में यह समस्‍या अधिक देखी जाती है। हार्मोन में बदलाव, मासिक धर्म के समय, गर्भावस्‍था के समय यह समस्‍या हो सकती है। गर्भावस्‍था के सयम अगर पल्पिटेशन हो रहा है तो यह एनीमिया का लक्षण भी हो सकता है1

कुछ बीमारियां

कई बीमारियां ऐसी हैं जिनके कारण दिल की धड़कन बढ़ जाती है, ऐसी बीमारियां हैं - थायरॉइड, निम्‍म रक्‍तचाप, एनीमिया, लो ब्‍लड शुगर, बुखार और निर्जलीकरण के कारण यह समस्‍या हो सकती है।

अधिक खाने के कारण

कुछ लोगों में अधिक खाने के बाद भी यह समस्‍या हो सकती है। कार्बोहाइड्रेट, वसायुक्‍त, और अधिक शुगर वाले आहार का सेवन करने के कारण दिल की धड़कन बढ़ जाती है। अगर आपने ऐसे आहार का सेवन किया है जिसमें नाइट्रेट, सोडियम की मात्रा अधिक है तो यह भी दिल की धड़कन बढ़ा सकता है। इन गतिविधियों के अलावा भी अगर आपके दिल की धड़कन बढ़ जाती है तो इसे बि‍लकुल भी नजरअंदाज न करें और चिक्त्सिक से अवश्‍य संपर्क करें।

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