मेडिकल टेस्ट रिपोर्ट में इन 5 तरह के 'नंबर्स' का बढ़ना बताता है दिल की बीमारी का खतरा

द‍िल की बीमारी का पता लगाने के ल‍िए कई मेड‍िकल टेस्‍ट क‍िए जाते हैं, आइए जानते हैं कौनसे नंबर हार्ट को द‍िखाते हैं अनहेल्‍दी 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Jun 25, 2021Updated at: Jun 25, 2021
मेडिकल टेस्ट रिपोर्ट में इन 5 तरह के 'नंबर्स' का बढ़ना बताता है दिल की बीमारी का खतरा

हार्ट के लिए कौन सा टेस्ट होता है? द‍िल की सेहत का पता लगाने के ल‍िए कोलेस्‍ट्रॉल लेवल, ब्‍लड शुगर, ब्‍लड प्रेशर, रेस्‍ट‍िंग हार्ट रेट आद‍ि का पता लगाया जाता है। डॉक्‍टर इनकी जांच करके आपकी द‍िल की सेहत सुन‍िश्‍च‍ित करते हैं। द‍िल की सेहत का ध्‍यान रखने के ल‍िए आपको समय-समय पर डॉक्‍टर की सलाह के मुताब‍िक इन टेस्‍ट को करवाते रहना चाह‍िए। हार्ट की अच्‍छी सेहत के ल‍िए स‍िर्फ टेस्‍ट करवाना काफी नहीं है आपको हेल्‍दी डाइट लेनी चाहिए, रोजाना कसरत करनी चाह‍िए। द‍िल को हेल्‍दी रखने के ल‍िए स्‍ट्रेस कम करना भी जरूरी है। हार्ट को हेल्‍दी रखने के ल‍िए 5 जरूरी मेड‍िकल जांच है ज‍िसके बारे में आपको जान लेना चाह‍िए। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के पल्‍स हॉर्ट सेंटर के कॉर्ड‍ियोलॉज‍िस्‍ट डॉ अभ‍िषेक शुक्‍ला से बात की।

control cholestrol level

1. कोलेस्‍ट्रॉल टेस्‍ट (Cholesterol Test)

द‍िल की सेहत को अच्‍छा रखने के ल‍िए आपका कोलेस्‍ट्रॉल 200 से कम होना चाह‍िए। हमारी बॉडी में दो तरह का कोलेस्‍ट्रॉल होता है। एक गुड कोलेस्‍ट्रॉल और एक बैड कोलेस्‍ट्रॉल। कोलेस्‍ट्रॉल को आपको 200 या उससे नीचे रखना चाह‍िए। अगर आपका कोलेस्‍ट्रॉल 200 से 240 के बीच होता है तो मतलब आपका कोलेस्‍ट्रॉल लेवल बॉर्डर लाइन पर है और उसे कम करने की जरूरत है। कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर ज्‍यादा होना आपके द‍िल की सेहत को ब‍िगाड़ सकता है, ज्‍यादा कोलेस्‍ट्रॉल होने पर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। 

कोलेस्‍ट्रॉल कैसे कंट्रोल कर सकते हैं?  (How to control cholesterol)

कोलेस्‍ट्रॉल कंट्रोल करने के ल‍िए आपको-

  • ओमेगा 3 फैटी एस‍िड का सेवन करना चाह‍िए 
  • अपनी डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ानी चाहि‍ए
  • सैचुरेटेड फैट की मात्रा को कम कर दें 
  • वजन कंट्रोल करें 

2. ब्‍लड प्रेशर टेस्‍ट (Blood Pressure Test)

blood pressure test 

स्‍वस्‍थ्‍य द‍िल के ल‍िए आपको अपना ब्‍लड प्रेशर कंट्रोल रखना चाह‍िए। अगर ये संख्‍या 130/80 से ऊपर है तो मतलब आपका बीपी बढ़ा हुआ है। ब्‍लड प्रेशर वो फोर्स की मात्रा है ज‍िससे खून को ब्‍लड वैसल्‍स की ओर पुश क‍िया जाता है। जब ब्‍लड प्रेशर कई बार हाई द‍िखा रहा है तो ये द‍िल की बीमारी का संकेत हो सकता है। हार्ट फेलियर, क‍िडनी ड‍िसीज, स्‍ट्रोक, हार्ट अटैक का कारण हाई ब्‍लड प्रेशर हो सकता है। अगर आप ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल नहीं करेंगे तो आपको कई अन्‍य बीमारियों को खतरा पैदा हो सकता है। ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल करने के ल‍िए जरूरी है क‍ि आप सोड‍ियम की मात्रा कंट्रोल रखें। 

ब्‍लड प्रेशर को कैसे कंट्रोल कर सकते हैं? (How to control Blood Pressure)

ब्‍लड प्रेशर कंट्रोल करने के ल‍िए आप- 

  • रोजाना योगा और मेड‍िटेट करें 
  • तनाव को कम करें 
  • सोड‍ियम की मात्रा कम करें 
  • कैफीन का सेवन ब‍िल्‍कुल बंद कर दें 
  • वजन कम करें 

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3. ब्‍लड ग्‍लूकोज टेस्‍ट (Blood Glucose Test)

आपका ग्‍लूकोज लेवल हमेशा 100 के नीचे होना चाह‍िए, ब्‍लड ग्‍लूकोज लेवल इस बात पर न‍िर्भर करता है कि आप कैसे खाना खा रहे हैं। अगर ब्‍लड शुगर का स्‍तर ज्‍यादा होगा तो ये आपके ब्‍लड वैसल्‍स को डैमेज कर सकता है। जो नसें द‍िल को कंट्रोल करती हैं उनके ल‍िए भी ज्‍यादा ब्‍लड शुगर की मात्रा हान‍िकारक है। ज‍िन लोगों को डायब‍िटीज होती है उन्‍हें हार्ट की बीमारी का खतरा ज्‍यादा होता है।

ब्‍लड ग्‍लूकोज लेवल को कैसे सुधार सकते हैं? (How to control Blood Glucose Level)

ब्‍लड ग्‍लूकोज लेवल को कंट्रोल करने के ल‍िए आपको-

  • रोजाना कसरत करनी चाह‍िए 
  • फाइबर की मात्रा बढ़ानी चाह‍िए 
  • कॉर्ब्स की मात्रा को कंट्रोल करना चाह‍िए 
  • बॉडी को हाइड्रेट रखना चाह‍िए 
  • लो ग्‍लाइकेमिक इंडेक्‍स वाले भोजन का सेवन करें

4. रेस्‍टिंग हार्ट रेट (Resting heart rate)

resting heart rate

रेस्‍ट‍िंग हार्ट रेट का मतलब है एक म‍िनट में आपका द‍िल क‍ितनी बार बीट करता है या धड़कता है। रेस्‍ट‍िंग हार्ट रेट की बात करें तो हेल्‍दी हार्ट के ल‍िए ये 60 से 100 बीट्स प्रत‍ि म‍िनट के बीच नॉर्मल माना जाता है। रेस्‍ट‍िंग हार्ट रेट को चेक करने के ल‍िए आपको 15 सेकेंड के लि‍ए पल्‍स लेनी है और उसे 4 से मल्‍टीप्‍लाई करना है। अगर आपका आरएचआर लेवल बहुत कम है तो हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। हार्ट रेट को आप ऑक्‍सीमीटर की मदद से माप सकते हैं या मेड‍िकल एक्‍सपर्ट की मदद ले सकते हैं।

रेस्‍ट‍िंग हार्ट रेट को कैसे सुधार सकते हैं? (How to improve Resting heart rate)

रेस्‍ट‍िंग हार्ट रेट में सुधार करने के लि‍ए आपको-

  • साइक‍िल चलानी चाहिए 
  • ब्र‍िस्‍क वॉक कर सकते हैं 
  • स्‍ट्रेस कम करें 
  • तंबाकू का सेवन न करें

5. ट्रोपोनिन टेस्‍ट (Troponin Test)

healthy heart

द‍िल में क‍िसी तरह की इंजरी का पता लगाने के ल‍िए डॉक्‍टर ट्रोपोन‍िन टेस्‍ट करते हैं। इस टेस्‍ट की नॉर्मल रेंज 0 से 0.4 ng/ml है। अगर ब्‍लड रिपोर्ट में ट्रोपोन‍िन का स्‍तर इससे ज्‍यादा रहता है तो द‍िल के दौरे या द‍िल की बीमारी का खतरा हो सकता है। कुछ डॉक्‍टर ये मानते हैं क‍ि द‍िल की बीमारी का पता लगाने के ल‍िए ट्रोपोन‍िन टेस्‍ट, कोलेस्‍ट्रॉल और ब्‍लड प्रेशर की जांच से बेहतर परिणाम देते हैं। जब द‍िल की मांसपेश‍ियों को क‍िसी कारण नुकसान पहुंचता है तो ट्रोपोन‍िन उसकी जांच करता है। एक शोध के मुताब‍िक ज‍िन लोगों में ट्रोपोन‍िन की उच्‍च मात्रा पाई गई उन्‍हें 15 साल बाद जीवन खो देने की संभावना ज्‍यादा थी। 

ट्रोपोन‍िन लेवल को कैसे सुधार सकते हैं? (How to improve troponin level)

ट्रोपोन‍िन लेवल में सुधार करने के ल‍िए आपको-

  • वजन कम करना चाह‍िए 
  • कसरत करनी चाहि‍ए 
  • धूम्रपान का सेवन नहीं करना चाह‍िए 
  • हेल्‍दी डाइट लेनी चाह‍िए 

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हार्ट की अच्‍छी सेहत के ल‍िए कमर और बीएमआई का माप भी रखें (Measure waist and body mass index)

1. कमर का माप (Waist)

द‍िल को स्‍वस्‍थ्‍य रखना चाहते हैं तो आपकी कमर का माप मह‍िलाओं में 35 और पुरुषों में 40 से ज्‍यादा नहीं होना चाह‍िए। कमर का साइज कम करने के ल‍िए आपको रोजाना कम से कम 40 म‍िनट करनी चाह‍िए और अपनी डाइट से शुगर को हटा देना चाह‍िए।

2. बॉडी मास इंडेक्‍स (Body mass index)

बॉडी मास इंडेक्‍स की बात करें तो 18 से 24 को नॉर्मल रेंज माना जाता है।

अपने द‍िल को स्‍वस्‍थ्‍य रखने के ल‍िए रोजाना कसरत करें, हेल्‍दी डाइट लें और स्‍ट्रेस को कंट्रोल रखें। बीएमआई को कम करने के ल‍िए अपनी डाइट में फल और सब्‍ज‍ियां एड करनी चाह‍िए।

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