जानिये कितना होना चाहिए आपका कोलेस्ट्रॉल और कैसे इस पर कर सकते हैं नियंत्रण

शरीर में ज्यादा मात्रा में कोलेस्ट्रॉल के होने से आपको दिल की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। जानें शरीर में कितना होना चाहिए कोलेस्ट्रॉल का लेवल।

Vishal Singh
वज़न प्रबंधनWritten by: Vishal SinghPublished at: Aug 09, 2018
जानिये कितना होना चाहिए आपका कोलेस्ट्रॉल और कैसे इस पर कर सकते हैं नियंत्रण

अनियमित जीवनशैली और सही खानपान न होने के कारण दिल बीमारियों का खतरा भी बढ़ता लगातार बढ़ता जा रहा है। ह्दय रोग का सबसे बड़ा कारण कोलेस्ट्रॉल होता है जिसके बढ़ने पर ह्दय रोग का खतरा काफी ज्यादा हो जाता है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा पर ध्यान न देने पर ये हमारी सेहत के लिए खतरनाक भी हो सकता है। कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने से खून ज्यादा गाढ़ा होने लगता है, आर्टरी ब्लॉक होने का खतरा रहता है और हार्ट अटैक की संभावना भी ज्यादा हो जाती है। इन सभी बीमारियों से बचने के लिए हमे अपने शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को सामान्य रखना बहुत ही जरूरी है। 

हम सबके शरीर में दो तरह के कोलेस्ट्रॉल होते हैं। एक गुड कोलेस्ट्रॉल जिसे एचडीएल(HDL) और दूसरा बैड कोलेस्ट्रॉल जिसे एलडीएल(LDL) के नाम से जाना जाता है। दोनों ही कोलेस्ट्रॉल की मात्रा क नियंत्रित करना बहुत ही जरूरी हो जाता है। आपको बता दें कि स्वस्थ रहने के लिए शरीर में नॉर्मल कोलेस्ट्रॉल की मात्रा 200 mg/dL या इससे कम होनी चाहिए। बॉर्डर लाइन कोलेस्ट्रॉल 200 से 239 mg/dL के बीच और हाई कोलेस्ट्रॉल 240mg/dL होना चाहिए। वहीं, गुड कोलेस्ट्रॉल हमारे कोरोनरी हार्ट डिसीज और स्ट्रोक को रोकने में हमारी मदद करता है। 

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कोल्स्ट्रॉल बढ़ने के लक्षण

वैसे तो कोई भी शख्स आसानी से इस बात का पता नहीं लगा पाएगा कि उसके शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा हो गई है। लेकिन कुछ लक्षण हैं जिसकी मदद से आप बढ़ते कोलेस्ट्रॉल को पहचान सकते हैं और अपने कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित या कम कर सकते हैं। इसके मुख्य लक्षण हैं: 

  • मोटापा।
  • हाई ब्लड प्रेशर।
  • ज्यादा थकान होना।
  • अचानक से दिल की धड़कनें तेज हो जाना। 
  • बार-बार सांस फूलना। 
  • पैरों में दर्द रहना। 

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कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण क्या है? 

अनहेल्दी डाइट

अक्सर लोग कई बार अपने खानपान पर ध्यान नहीं देते और जो भी मन करता है खाने का वो खा लेते हैं। ऐसे ही आप जाने-अनजाने में कुछ ऐसा सेवन कर लेते हैं जो आपके कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ाता है। इसलिए आप कोशिश करें कि ऐसी डाइट का सेवन न करें जिसमें काफी ज्यादा मात्रा में फैट मौजूद हो। इससे आपका मोटापा भी बढ़ सकता है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर में भी बढ़ोत्तरी होगी। 

जेनेटिक 

कोलेस्ट्रॉल का ज्यादा होना इसका एक कारण जेनेटिक भी है। अगर आपके परिवार में पहले से किसी को कोलेस्ट्रॉल ज्यादा रहने की समस्या है तो ये आपमें भी हो सकती है। 

आलस 

जो लोग अक्सर सिर्फ खाने पर ध्यान देते हैं और एक्टिव नहीं रहते ये समस्या उनके लिए भी है। कुछ लोगों की आदत होती है वो अपने आपको पूरी तरह से आलसी बना लेते हैं जिसकी वजह से वो एक्टिव नहीं रह पाते, जो एक समय पर आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने का एक मुख्य कारण है। इसलिए आपको हमेशा कोशिश करनी चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा समय आप एक्टिव रहें जिससे की आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा भी नियंत्रित रह सकेगी साथ ही आप मोटापे से भी दूर रह सकेंगे। 

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कोलेस्ट्रॉल लेवल को कैसे करें नियंत्रित? 

  • अगर आप वजन लगातार बढ़ता जा रहा है तो सबसे पहले आप अपनी डाइट पर नियंत्रण रखें। जिससे कि आप कोई ऐसी चीज का सेवन न करें जिससे आपका वजन बढ़ता हो। आप के पास सबसे अच्छा विकल्प है कि आप हरी सब्जियां और फल का सेवन करें। 
  • रोजाना एक्सरसाइज करें और पैदल चलने की आदत डालें। एक्सरसाइज करने से आपका कोलेस्ट्रॉल कम होता है और आप इससे एक्टिव भी रहते हैं। 
  • नियमित रूप से कोलेस्ट्रॉल लेवल की जांच करवाते रहें। 
  • कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए एंटी-ऑक्सीडेंट, विटामिन-सी, ई से भरपूर चीजों का सेवन करें। 

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