सिरदर्द, जोड़ों में दर्द जैसी कई समस्याओं में फायदेमंद होता है जंगली बादाम, जानें इसके फायदे, नुकसान और प्रयोग

जंगली बादाम का सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। एक्सपर्ट से जानिए जंगली बादाम खाने के फायदे और उपयोग करने का तरीका।

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraUpdated at: Mar 26, 2021 11:10 IST
सिरदर्द, जोड़ों में दर्द जैसी कई समस्याओं में फायदेमंद होता है जंगली बादाम, जानें इसके फायदे, नुकसान और प्रयोग

दिमाग को तेज करने में बादाम बहुत ही फायदेमंद (Jangli Badam) होता है। इसलिए अधिकतर मां-बाप अपने बच्चों को बादाम खिलाते हैं। इसके अलावा बादाम के कई अनगिनत फायदे हैं, जिसे जानकर हर कोई इसका सेवन करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जंगली बादाम भी सेहत के लिए उतना ही फायदेमंद होता है, जितना साधारण बादाम? जंगली बादाम के सेवन से सिरदर्द, पेट दर्द जैसी कई समस्याओं को दूर किया जा सकता है। जंगली बादाम  (Health benefits of Jangali badam) के बारे में आयुर्वेद एक्सपर्ट बताते हैं कि इसकी पत्तियों से लेकर बीजों तक का इस्तेमाल आयुर्वेदिक औषधि बनाने के लिए किया जाता है।  यह समुद्र तटीय इलाकों की ऊंचाईयों पर अधिक होता है। यह देखने में नुकीले आकार के होते हैं। इसकी पैदावर हर साल गर्मियों में होती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं जंगली बादाम के फायदे, नुकसान और उपयोग करने का तरीका- 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट? 

गाजियाबाद स्वर्ण जयंती के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर राहुल चतुर्वेदी का कहना है कि जंगली बादाम का गुण मधुर, कषाय, अम्ल, शीत तथा पित्तशामक होता है। इसके सेवन से कफदोष दूर किया जा सकता है। साथ ही यह मलरोधक और शुक्रवर्धक होता है। इसके पेडों की छाल का इस्तेमाल पाचन को दुरुस्त करने के लिए किया जा सकता है। यह फल डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकता है। आयुर्वेद एक्सपर्ट के अनुसार, आप इसके फल, पत्तियों और छालों का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन बिना एक्सपर्ट की सलाह के इसका सेवन करने से बचें। आइए विस्तार से जानते हैं जंगली फल के सेवन से होने वाले फायदे और नुकसान- 

जंगली बादाम के फायदे और उपयोग करने का तरीका (Uses and Benefits of Jangali badam )

पितदोष को करता है कम

आयुर्वेद एक्सपर्ट के मुताबिक, जंगली बादाम में पित्ताशामक गुण होता है। यानि जंगली बादाम के सेवन से आप शरीर में मौजूद पित्त को कम कर सकते हैं। यह आपके शरीर को डिटॉक्स करता है। साथ ही यह आपके आंतों के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। आप इसके बादाम का सेवन डायरेक्ट कर सकते हैं।

कुष्ठ रोग का करता है इलाज

स्किन पर होने वाली समस्या को जंगली बादाम की पत्तियों से दूर किया जा सकता है। आयुर्वेद एक्सपर्ट के अनुसार, इसकी पत्तियों के रस को स्किन पर लगाने से कुष्ठ रोग तक का इलाज किया जा सकता है। पत्तियों से रस को निकालने के लिए जंगली बादाम की कुछ पत्तियां लें। इसे अच्छी तरह कूटें और अपने हाथ की मदद से इससे रस निकालें। अब इस रस को कुष्ठ रोगी के शरीर पर लगाएं। इससे स्किन की समस्या कुछ ही दिनों में ठीक हो सकती है। 

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सिरदर्द की परेशानी होगी दूर (Jangali Badam Leaf for Headache Problem )

सिरदर्द से परेशान लोगों के लिए जंगली बादाम (Jangali Badam Is Beneficial for Headche) काफी फायदेमंद हो सकता है। इससे आपको तुरंत आराम मिलेगा। एक्सपर्ट का कहना है कि सिरदर्द की परेशानी से राहत पाने के लिए आप इसके फल का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा इसकी पत्तियों से तैयार रस की कुछ बूंदे अपने नाक में डालें। इससे सिर दर्द की परेशानी से राहत मिलेगा। अगर आप इसकी पत्तियों को नाक में नहीं डाल सकते हैं, तो जंगली बादाम की गिरी को सरसों तेल में मिलाएं। इस तेल से अपने सिर की मालिश करें। इससे सिरदर्द की समस्या से छुटकारा मिलेगा।

गठिया की समस्याओं से मिलेगा आराम (Relied Gout Pain With jangali Badam )

गठिया रोगियों के ज्वाइंट्स में काफी ज्यादा दर्द होता है। इस असहनीय दर्द को कम करने के लिए आप जंगली बादाम का इस्तेमाल कर सकते हैं। आयुर्वेद एक्सपर्ट का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ गठिया की समस्या भी बढ़ती है। ऐसे में अगर आपको जोड़ों में काफी दर्द का सामना करना पड़ रहा है, तो जंगली पत्तियों का इस्तेमाल करें। जोड़ों में दर्द होने पर इसकी पत्तियों को पीसकर अपने ज्वॉइंट्स पर लगाएं। सप्ताहभर ऐसा करने से गठिया के दर्द से राहत मिलेगा। 

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बुखार से मिलेगा छुटकारा  (jangli Badam quick relief from Fever)

जंगली बादाम का सेवन करने से बुखार से आराम मिल सकता है। बुखार होने पर एलोपैथी दवाई के बजाय घरेलू उपायों से ठीक करने की कोशिश करनी चाहिए। इससे भले ही आपको तुरंत आराम न मिले, लेकिन आपको धीरे-धीरे आराम मिलेगा। साथ ही यह आपकी अन्य समस्याओं को भी दूर कर सकता है। आयुर्वेद एक्सपर्ट के अनुसार, बुखार होने पर जंगली बादाम की छाल का काढ़ा बनाकर पीने से बुखार से आराम मिल सकता है। हालांकि, काढ़ा पीने से पहले अपने आयुर्वेद एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

दस्त रोकने में सहायक है जंगली बादाम (jangali Badam helpful for preventing diarrhea)

दस्त की परेशानी से जूझ रहे लोगों के लिए भी जंगली बादाम बहुत ही असरकारी हो सकता है। जंगली बादाम की पत्तियों और छाल में टैनिन नामक तत्व होता है, जो दस्त को दूर करने में असरकारी माना जाता है। पेट दर्द होने पर जंगली बादाम की पत्तियों का रस पीने से काफी आकाम मिलेगा। ध्यान रहे कि इसका रस पीने से पहले एक्सपर्ट से संपर्क जरूर करें। 

जंगली बादाम के नुकसान (Side Effects of Jangali Badam)

जंगली बादाम का अधिक सेवन न करें। इससे पेट दर्द की परेशानी बढ़ सकती है। एक्सपर्ट की सलानुसार ही इसका सेवन करें। ताकि आपको इसके सही खुराक के बारे मेें पता चल सके। जंगली बादाम के अधिक सेवन से दस्त, उल्टी और मतली जैसी परेशानी हो सकती है। 

आयुर्वेद के अनुसार, आप जंगली बादाम की पत्तियां, छाल, बीज औऱ फल का सेवन कर सकते हैं। लेकिन एक्सपर्ट की सलाह लिए बिना इसका सेवन करना नुकसानदेय हो सकता है। इसकी खुराक लेने से पहले एक बाद अपने नजदीकी चिकित्सक से संपर्क जरू र करें। ताकि आपको इसका सही खुराक मालूम हो सके। 

 

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