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लार बहने के कारण बच्चे के मुंह के आसपास हो गए रैशेज (drool rashes)? जानें इससे बचाव के उपाय

बच्‍चों में लार के कारण रैशेज हो जाते हैं, जानें उन्‍हें इस समस्‍या से कैसे बचाएं 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Mar 21, 2022Updated at: Mar 21, 2022
लार बहने के कारण बच्चे के मुंह के आसपास हो गए रैशेज (drool rashes)? जानें इससे बचाव के उपाय

छोटे बच्‍चों के मुंह से लार न‍िकलना एक आम आदत है, लेक‍िन क्‍या आपको पता है लार के कारण भी बच्‍चे की त्‍वचा पर रैशेज की समस्‍या हो सकती है। छोटे बच्‍चोंं में ये आम समस्‍या होती है पर इसका न‍िदान न करने पर संक्रमण बढ़ सकता है इसल‍िए आापको बच्‍चे को ड्रूल रैशेज की समस्‍या से बचाने के उपाय जान लेने चाह‍िए। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने ओम स्किन क्लीनिक, लखनऊ के वरिष्ठ कंसलटेंट डर्मेटोलॉज‍िस्‍ट डॉ देवेश मिश्रा से बात की। 

drool rashes in babies

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ड्रूल रैशेज या स्‍प‍िट‍िंग रैशेज क्‍या होते हैं? (Drool rashes in hindi)

अगर ड्रूल रैशेज या स्‍प‍िट‍िंग रैशेज की बात करें तो ये बच्‍चे के मुंह के आसपास के ह‍िस्‍से में हो जाते हैं। अगर ये समस्‍या 2 हफ्ते या उससे ज्‍यादा समय के ल‍िए बनी रहती है तो आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए। बच्‍चे के मुंह से लगातर लार बहने के बाद उसे साफ न क‍िया जाए तो बेबी को रैशेज हो जाते हैं।  

1. बेबी वाइप्‍स का इस्‍तेमाल (Use of baby wipes)

बच्‍चे का मुंह साफ करने के ल‍िए आपको बेबी वाइप्‍स का इस्‍तेमाल करना चाह‍िए। ये खासकर उस समय के ल‍िए बहुत अच्‍छा ऑप्‍शन है जब आप बेबी के साथ ट्रैवल कर रहे हों। आपको बच्‍चे का मुंह साफ करने के ल‍िए बेबी वाइप्‍स यूज करने चाह‍िए वहीं जब आप घर पर हैं तो आप कपड़े को गुनगुने पानी से गीला करके उससे मुंह साफ कर सकते हैं।वाइप्‍स का यूज करने से सलाइवा बच्‍चे के मुंह और गर्दन तक नहीं लगेगा ज‍िससे इंफेक्‍शन का खतरा कम होगा।  

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2. खाना खि‍लाने के तुरंत बाद साफ करें मुंह (Clean baby's mouth immediately after meals)

आपका बच्‍चा 6 माह से ऊपर है तो आपने उसे ठोस खाना देना शुरू कर द‍िया होगा, इस दौरान बच्‍चे की लार खाने के कारण मुंह से बाहर आ जाती है, आपको खाना ख‍िलाने के तुरंत बाद बच्‍चे का मुंह साफ कर देना है इससे मुंह के आसपास रैशेज की समस्‍या नहीं होगी। अगर बच्‍चा 6 माह से छोटा है तो भी आप बच्‍चे को स्‍तनपान करवाने के बाद उसका मुंह एक गीले कपड़े से पोछ दें, मुंह को पोछने के ल‍िए एक साफ सूती कपड़े का इस्‍तेमाल करें। 

3. बि‍ब का इस्‍तेमाल करें (Use a bib for baby)

drool rashses in hindi

image source: https://www.entirelykidspediatrics.com

कुछ बच्‍चों के मुंह से लार ज्‍यादा न‍िकलती है ज‍िसके कारण उनके कपड़े गंदे हो जाते हैं और लार के कारण रैशेज की समस्‍या (rashes in hindi) शरीर के अन्‍य ह‍िस्‍सों में भी हो जाती है। इस समस्‍या को दूर करने के ल‍िए आपको ब‍िब‍ का इस्‍तेमाल करना चाह‍िए। ब‍िब का यूज करने से तरल खाद्य पदार्थ के कारण होने वाले त्‍वचा संक्रमण का खतरा कम हो जाता है और आपको बार-बार कपड़े भी नहीं बदलने पड़ते। लेक‍िन ब‍िब को भी आपको साफ रखना होगा, हर बार जब वो गंदा हो जाए तो उसे तुरंत बदल दें।

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4. पैस‍िफायर का इस्‍तेमाल ज्‍यादा न करवाएं (Avoid excess use of pacifier)

पैस‍िफाइयर के कारण सलाइवा बार-बार बच्‍चे के मुंह पर लगता है और रैशेज हो जाते हैं। आप बच्‍चे को चुसनी यानी पैस‍िफायर का इस्‍तेमाल ज्‍यादा न करने दें। जब बच्‍चा ज्‍यादा रोए या नींद के समय ही बच्‍चे को शांत करवाने के ल‍िए पैस‍िफायर द‍िया जा सकता है वो भी आपको पहले स्‍टरलाइज करना चाह‍िए, रोजाना पैस‍िफायर क्‍लीन होना चाह‍िए। हर बार फ्रेश और साफ पैस‍िफायर यूज करे ऐसी आपकी कोश‍िश होनी चाह‍िए। 

मुंह के आसपास रैशेज हो जाने पर क्‍या करें? 

अगर बच्‍चे के मुंह के आसपास इन उपायों को आजमाने के बावजूद रैशेज हो गए हैं तो सबसे पहले डॉक्‍टर के पास जाएं वो आपको सही दवा या क्रीम बताएंगे, आपको बच्‍चे के स्‍क‍िन पर घरेलू उपाय अपनाना अवॉइड करना है क्‍योंक‍ि बच्‍चे की स्‍क‍िन सॉफ्ट होती है साथ ही बच्‍चे के स्‍क‍िन पर संक्रमण न फैले इसके ल‍िए समय-समय पर गीले कपड़े से बच्‍चे के चेहरे को साफ करते रहें।   

अगर बच्‍चे के मुंह के आसपास रैशेज की समस्‍या एक 2 हफ्ते से ज्‍यादा समय के ल‍िए बनी रहती है तो आपको तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए।      

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