बच्चों में फंगल इंफेक्शन के क्या कारण होते हैं? डॉक्टर से जानें बचाव के उपाय

फंगल इंफेक्शन के कारण बच्चों में कई समस्याएं देखने को मिल सकती है। इससे बच्चे का इम्यून सिस्टम प्रभावित होता है। 

Dipti Kumari
Written by: Dipti KumariPublished at: Mar 20, 2022Updated at: Mar 20, 2022
बच्चों में फंगल इंफेक्शन के क्या कारण होते हैं? डॉक्टर से जानें बचाव के उपाय

कई बार छोटे बच्चों की त्वचा पर लाल चकत्ते, रैशेज और खुजली जैसी समस्याएं होने लगती है। शुरुआती दौर में पेरेंट्स इसे आम समस्या समझकर इग्नोर करते है लेकिन यह बच्चों में फंगल इंफेक्शन के कारण हो सकता है। फंगल इंफेक्शन बच्चों की त्वचा, बालों, मुंह और हाथ-पैर में हो सकता है। इसके अलावा शिशुओं में, जो मां के दूध का सेवन करते है। उनमें ये समस्या मुंह में हो सकती है। इसके लिए कई कारण जिम्मेदार होते हैं लेकिन अगर समय रहते इस परेशानी को खत्म नहीं किया जाता है, तो ये आपके बच्चे के लिए परेशानी और गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इस लेख में हम आपको फंगल इंफेक्शन के कारण, लक्षण, प्रकार और सावधानियों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। अधिक जानकारी के लिए हमने बात की गुड़गांव के आर्टेमिल अस्पताल के पीडियाट्रीशियन डॉ राजीव छाबड़ा से। 

बच्चों में फंगल इंफेक्शन के कारण 

फंगल इंफेक्शन का प्रमुख कारण कमजोर इम्यून सिस्टम होता है, जिसके कारण बच्चे संक्रमित हो सकते हैं। यह उनके शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित कर सकता है और उनके काम करने की क्षमता भी कम हो जाती है। इसलिए बच्चों के आसपास उपयुक्त सफाई रखें ताकि वह किसी तरह के संक्रमण की चपेट में न आएं। 

बच्चों में विभिन्न प्रकार के फंगल संक्रमण

1. टिनिअ कैपिटिस या स्कैल्प दाद 

यह बच्चों में होने वाला एक फंगल संक्रमण है, जो स्कैल्प और बालों को प्रभावित करता है। यह त्वचा पर एक छोटे लाल घेरे से शुरू होता है और यह वलय आकार में बढ़ता ही जाता है। यह बालों के टूटने के साथ स्कैल्प में खुजली और जलन का कारण बन सकता है।

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Image Credit- Baby Centre

2. एथलीट फुट

यह फंगल इंफेक्शन आमतौर पर बच्चे के पैर की उंगलियां के किनारों को प्रभावित करता है लेकिन यह संक्रमण पैरों के निचले हिस्से में भी हो सकता है। 

3. टिनिअ कॉर्पोरिसबॉ या डी रिंगवॉर्म

यह पैरों के तलवों, हाथ की हथेलियों, कमर और स्कैल्प को छोड़कर शरीर के विभिन्न हिस्सों पर एक चक्र के आकार के दाने जैसा दिखाई देता है। यह डर्माटोफाइट्स के कारण होता है। इसमें लालिमा या जलन भी होने की आंशका रहती है। 

4. कैंडिडा 

यह बच्चों में एक प्रकार का नाखून संक्रमण है, जो नाखूनों के आसपास की त्वचा को प्रभावित करता है और अक्सर इस संक्रमण के कारण बच्चों के मुंह पर पैच भी हो सकते हैं। बच्चों के लिए डायपर रैश और थ्रश इंफेक्शन प्रकार कैंडिडा के अंतर्गत आते हैं।

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फंगल संक्रमण के अन्य कारण

1. कपड़े 

अगर आपने बच्चे को टाइट-फिटिंग कपड़े पहनाएं है, तो इससे फंगल इंफेक्शन बढ़ सकता है। दरअसल इससे सांस लेने में समस्या होती है और गर्मियों में अधिक पसीने के कारण फंगल इंफेक्शन हो सकता है। 

2. तौलिए को शेयर करना

फंगल इंफेक्शन नमी वाले क्षेत्र में अधिक फैलते हैं, तो बच्चे के तौलिए को किसी के साथ शेयर न करें। साथ ही बच्चे के कपड़ों को अच्छे से धूप में सूखाने की कोशिश करें।

3. सूजन संबंधी संक्रमण 

अगर आपके बच्चे का इम्यून सिस्टम कमजोर है, तो हार्मोनल संतुलन बिगड़ने और गलत खानपान के कारण फंगल इंफेक्शन हो सकता है। इसलिए बच्चे को पोषण से भरपूर आहार खाने को दें। 

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Image Credit- Baby Centre

बच्चों में फंगल संक्रमण के लक्षण

1. बच्चे की त्वचा पर दाने। 

2. इससे खुजली हो सकती है।

3. त्वचा का छिलना और फटना।

4. इससे शरीर के संक्रमित हिस्से में दर्द हो सकता है।

5. स्कैल्प इंफेक्शन से बाल झड़ सकते हैं।

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फंगल संक्रमण के लिए उपचार

यदि आपके बच्चे को फंगल संक्रमण है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इसके अलावा एंटीफंगल क्रीम लगाएं लेकिन ऐसा बिना किसी डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए।बच्चे को प्रभावित क्षेत्र की जगह को खुजलाने या ढकने को न कहें क्योंकि हवा लगने से इंफेक्शन जल्दी ठीक हो सकता है। बच्चों को किसी के संपर्क में न आने दें। इससे समस्या और बढ़ सकती है। 

सावधानियां

1. बच्चों को प्रभावित पालतू जानवरों और लोगों से दूर रखें। फंगल इंफेक्शन एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है और यह जानवरों से मनुष्यों में फैल सकता है इसलिए बच्चों को इनके संपर्क में आने से रोकें।  

2. घर और बाहर में भी बच्चे के लिए उचित स्वच्छता का ध्यान रखें। बच्चों के हाथ और पैर नियमित रूप से धोएं। धोने के बाद उन्हें ठीक से सुखाएं। हाथ-पैर के नाखून समय-समय पर काटते रहें और बालों की सफाई अच्छे से करें। 

3. बच्चों को उपयुक्त फुटवियर पहनने की सलाह दें। सही फुटवियर पहनने से सबसे पहले उनके पैरों में फंगल इंफेक्शन से बचाव हो सकता है।

4. घरों को साफ और हमेशा सूखा रखने की कोशिश करें। फर्श पर गीले और नम क्षेत्रों से परेशानी बढ़ सकती है क्योंकि बच्चे फर्श पर अधिक खेलते हैं और वहां से फंगल संक्रमण से प्रभावित हो सकते हैं।

Main Image Credit- Ketomac

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