Fri Sep 11, 2026 | 08:23 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

गर्भपात के बाद हार्मोनल असंतुलन को कैसे मैनेज करें? अपनाएं डॉक्टर के बताए ये 5 टिप्स

Hormonal Imbalance After Abortion: गर्भपात करवाने के बाद महिलाओं को हार्मोनल असंतुलन का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आप डॉक्टर के कुछ बेसिक टिप्स अपना सकते हैं। कौन-से हैं वे टिप्स जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।

विशेषज्ञों की मानें, तो अर्ली प्रेग्नेंसी में क्रॉमोसोमल असामान्यता के कारण 80-90 फीसदी तक गर्भपता हो सकते हैं। इसके अलावा, गर्भवती महिला की स्वास्थ्य समस्याएं जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और लाइफस्टाइल से जुड़ी बुरी आदतें जैसे स्मोकिंग या शराब का सेवन करना। ये कुछ ऐसे कारण हैं, जिनकी वजह से गर्भपता हो सकता है। निश्चित रूप से गर्भपात एक ऐसी स्थिति है, जो किसी भी महिला के लिए सहनीय नहीं होती। इसके बावजूद, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि ऐसी घटनाएं घटती हैं, जिसका नेगेटिव असर महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ता है। विशेषकर, गर्भपात के बाद उन्हें हार्मोनल अंसतुलन का सामना करना पड़ता है। हार्मोनल असंतुलन की वजह से महिलाओं को कई तरह की अन्य समस्याएं होने लगती हैं, जैसे असामान्य ब्लीडिंग, थकान, कमजोरी आदि। इस तरह की समस्या से बचना आवश्यक है ताकि महिलाओं की रिकवरी तेजी से हो सके। आइए, जानते हैं Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता से जानते हैं कि गर्भपात के बाद हार्मोनल असंतुलन को कैसे मैनेज करें।

गर्भपता के बाद हार्मोनल इंबैलेंस को मैनेज करने के टिप्स- Tips To Manage Hormonal Imbalance After Abortion

how to manage hormonal imbalance after abortion 1 (7)

हेल्दी डाइट लें

गर्भपात के बाद महिलाओं को रिकवरी के लिए अपनी डाइट में जरूरी बदलाव करने चाहिए। इसमें उन्हें प्रोटीन, हेल्दी फैट लेना चाहिए। प्रोटीन के लिए आप मछलियां, अंडे खाएं। इससे टिश्यूज रिपेयर होते हैं। वहीं, डाइट में आयरन शामिल करना भी फायदेमंद रहेगा। आपको बता दें कि गर्भपात के बाद महिलाओं के शरीर से काफी ब्लड लॉस हो जाता है। इस स्थिति में एनीमिया होने का खतरा बना रहता है। इस रिस्क को कम करने के लिए आप पालक, बीटरूट जैसी हेल्दी चीजों को डाइट में शामिल करें।

इसे भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी के बाद हॉर्मोन असंतुलन से बचने के लिए महिलाएं जरूर करें ये काम, मिलेगा फायदा

अच्छी नींद लें

woman Sleeping 06

गर्भपात के बाद महिलाओं का शरीर बहुत कमजोर हो जाता है। वे किसी भी तरह का शारीरिक काम करने में थकान महसूस करने लगती हैं। ऐसा तब तक होता रहेगा, जब तक महिला का शरीर पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता है और हार्मोन बैलेंस नहीं हो जाते हैं। हार्मोनल इंबैलेंस में सुधार के लिए महिलाओं को अच्छी नींद लेनी चाहिए। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर महिला को कम से कम 7-9 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। नींद में शरीर तेजी से हील होता है, जो हार्मोन को बैलेंस करने में भी मदद करते हैं।

एक्सरसाइज करें

गर्भपात के बाद महिलाओं को लाइट एक्सरसाइज करनी चाहिए। हां, इस बात का ध्यान रखें कि अगर डॉक्टर ने आपको रेस्ट करने के लिए कहा है, तो ऐसा ही करें। एक्सरसाइज की शुरुआत आप डॉक्टर की सलाह पर कर सकते हैं। हमेशा शुरुआत लाइट एक्सरसाइज से करें। इससे न सिर्फ आपके शरीर के हार्मोन संतुलन होने में मदद मिलेगी, बल्कि मूड भी बेहतर होगा।

इसे भी पढ़ें: रोज की इन आदतों के कारण हो सकते हैं हार्मोनल असंतुलन के शिकार, जानें बचाव

तनाव से दूर रहें

sad woman 02

यह कहना आसान होता है और करना मुश्किल। सच बात ये है कि गर्भपात जैसी घटना के बाद महिलाएं लंबे समय तक तनाव में रहती हैं। इस स्थिति से डील करना भी मुश्किल हो जाता है। इससे हार्मोन का स्तर भी बिगड़ जाता है। इस स्थिति से बचने के लिए महिलाओं को अपने करीबियों की मदद लेनी चाहिए। इसके अलावा, कुछ एक्टिविटी भी आपको तनाव से दूर रहने में मदद कर सकती है, जैसे बॉडी मसाज करवाएं, करीबियों से वक्त बिताएं और कुछ मन को खुश करने वाली एक्टिविटी करें।

हेल्थ को मॉनिटर करें

गर्भपात के बाद महिलाओं के शरीर को रिकवरी में समय लगता है, लेकिन धीरे-धीरे हार्मोन भी बैलेंस हो जाते हैं। इसके बावजूद, जरूरी है कि महिलाएं अपनी हेल्थ को पूरी तरह मॉनिटर करें। वे नोटिस करें कि क्या उनका स्वास्थ्य बेहतर हो रहा है? अगर किसी भी तरह के लक्षण बिगड़ रहे हैं, जैसे हैवी ब्लीडिंग होना या पेट में दर्द का बढ़ना। इस तरह के संकेतों को इग्नोर न करें। तुरंत डॉक्टर के पास जाएं और अपना इलाज करवाएं। हालांकि गर्भपात करवाने के बाद कुछ समय तक ब्लीडिंग होना नॉर्मल होता है। इस बात की पुष्टि NCBI की एक रिपोर्ट से होती है।  

इसे भी पढ़ें: हॉर्मोन्स को संतुलित रखने के लिए डाइट में शामिल करें ये बीज, मिलेगा फायदा

निष्कर्ष

गर्भपात के बाद महिलाओं के शरीर में हार्मोनल इंबैलेंस हो जाता है। इसे बैलेंस करना जरूरी हो जाता है। इसके लिए, महिलाओं को अपनी लाइफ में कुछ हेल्दी बदलाव करने चाहिए, जिनका जिक्र हमने इस लेख में किया है। ध्यान रखें कि जैसे-जैसे बॉडी हील होती रहती है यानी सेहत में सुधार होता रहता है, हार्मोन भी बैलेंस होने लगते हैं।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • गर्भपात के बाद हार्मोन को संतुलित होने में कितना समय लगता है?

    गर्भपात के हार्मोन को संतुलित होने में करीब 4-6 हफ्ते का समय लगता है। असल में, इसके बाद महिलाओं को फिर से मासिक धर्म शुरू हो जाते हैं।
  • गर्भपात के बाद हार्मोन को स्थिर कैसे करें?

    गर्भपात के बाद हार्मोन को स्थिर करने के लिए अच्छी डाइटी, कंप्लीट रेस्ट और नियमित रूप से एक्सरसाइज करना चाहिए। साथ ही, अपने शरीर में नजर आ रहे अन्य लक्षणों पर गौर करना चाहिए।
  • गर्भपात के बाद गर्भाशय साफ नहीं होने पर क्या होता है?

    गर्भपात होने पर हर महिला को तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए और अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। अगर किसी वजह से गर्भपता के बाद गर्भाशय क्लीन न हो, तो इससे महिला को कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जैसे ज्यादा खून आना, तेज दर्द और संक्रमण। सही समय पर पहचान और इलाज की मदद से महिला का गर्भाशय क्लीन हो सकता है।

Read Next

जल्दी मेनोपॉज से क्यों अल्जाइमर का रिस्क बढ़ सकता है? डॉक्टर ने समझाए कारण

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Nov 12, 2025 09:03 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Nov 12, 2025 09:03 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Nov 12, 2025 09:03 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Nov 12, 2025 09:03 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Nov 12, 2025 09:03 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content