मां बनना किसी भी महिला के जीवन के सबसे सुखद पलों में से एक होता है। इस दौरान महिला सिर्फ एक बच्चे को जन्म नहीं देती हैं, बल्कि एक नए जीवन को जन्म देती हैं, जिसे वो अपने पेट में रोजाना बढ़ते हुए महसूस करती है। प्रेग्नेंसी के 9 महीने हर महिला के लिए खास होते हैं, क्योंकि वो अपने बच्चे की एक-एक हलचल को महसूस करती है और उसे जीती है। लेकिन, कहा जाता है कि प्रेग्नेंसी के दौरान ही एक मां अपने बच्चे के स्वास्थ्य की नींव रख देती है। प्रेग्नेंसी के दौरान ही एक बच्चे का मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विकास मां के स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर करने लगते हैं। ऐसे में आइए जयपुर के दिवा अस्पताल और आईवीएफ केंद्र की प्रसूति एवं स्त्री रोग की विशेषज्ञ, लेप्रोस्कोपिक सर्जन और आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. शिखा गुप्ता (Dr. shikha gupta, Laparoscopic surgeon and IVF specialist, DIVA hospital and IVF centre) से जानते हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान मां के स्वास्थ्य का शिशु पर क्या असर पड़ता है?
मां का स्वास्थ्य बच्चे की स्थिति को कैसे प्रभावित करता है? - How does the mother health affect baby condition in hindi
डॉ. शिखा गुप्ता के अनुसार, जन्म के समय शिशु का स्वास्थ्य पूरी तरह मां की सेहत पर निर्भर करता है। आइए जानते हैं कैसे-
1. खानपान का असर
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को हेल्दी खाने पीने की सलाह दी जाती है, क्योंकि गर्भावस्था में महिलाएं जो भी खाती या पीती हैं, इसका सीधा असर उनके भ्रूण के स्वास्थ्य पर पड़ता है। अगर महिला को जरूरी मात्रा में विटामिन, मिनरल्स, प्रोटीन, कैल्शियम आदि जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते हैं, तो शिशु कुपोषित, समय से पहले जन्म होना, वजन कम होना, दिमाग पर गहरा असर होने जैसे जोखिम बढ़ सकते हैं। इसलिए, प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को हेल्दी, संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
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2. मां की मानसिक स्थिति
महिला के मेंटल हेल्थ का सीधा असर शिशु पर पड़ता है। अगर प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं ज्यादा तनाव, एंग्जाइटी आदि लेती हैं तो इससे भ्रूण के न्यूरोलॉजिकल विकास पर प्रभाव पड़ता है। ज्यादा तनाव लेने से शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जिससे भ्रूण का दिमाग प्रभावित होता है और उसके सीखने की क्षमता कम हो सकती है।
3. बीमारियों का प्रभाव
अगर महिला प्रेग्नेंसी के दौरान डायबिटीज, हाई बीपी, खून की कमी या अन्य किसी बीमारी का शिकार होती है, तो भ्रूण के विकास और स्वास्थ्य दोनों पर इसका असर पड़ सकता है। इसके कारण भ्रूण का ज्यादा या कम वजन होना, जन्म के दौरान कोई बीमारी होना, या समय से पहले जन्म होने जैसी समस्याएं हो सकती है।
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4. नशीली चीजों का प्रभाव
अगर प्रेग्नेंसी के दौरान कोई महिला तंबाकू, शराब और अन्य नशीली चीजों का सेवन करती है तो इसका सीधा असर भ्रूण के स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसके कारण भ्रूण का जन्म समय से पहले हो सकता है, पैदा होने पर उसका वजन कम हो सकता है या उसके मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसलिए, प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को कोई भी नशीली चीज का सेवन करने से बचना चाहिए।
निष्कर्ष
ऐसा माना जाता है कि प्रेग्नेंसी के दौरान मां का स्वास्थ्य भविष्य में बच्चे के स्वास्थ्य में अहम भूमिका निभाता है। प्रेग्नेंसी के दौरान आपके हेल्दी रहने से आप एक हेल्दी बच्चे को जन्म भी देती हैं और उसे कई बीमारियों से सुरक्षित भी रखती हैं। इसलिए, प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को अपने स्वास्थ्य, खानपान, मानसिक स्वास्थ्य आदि का खास ध्यान रखना चाहिए।
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