Fri Sep 11, 2026 | 07:51 PM IST

कांच चुभने पर घाव ठीक करने के लिए अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय

अगर आपकी स्‍क‍िन पर गलती से कांच चुभ जाए तो इन घरेलू नुस्‍खों की मदद लें 

कांच चुभ जाने पर क्‍या करें? अगर आपको कांच चुभ गया है तो आप कांच को बाहर न‍िकालने के ल‍िए हींग के लेप का इस्‍तेमाल कर सकते हैं, हींग लगाने से कांच बाहर न‍िकल जाएगा या कैस्‍टर ऑयल लगाएं, शहद या हल्‍दी लगाने से भी राहत म‍िलती है। कांच को त्‍वचा से न‍िकालने के ल‍िए आप सेंधा नमक और गरम पानी का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं। त्‍वचा को सेंधा नमक के गरम पानी में डुबोएं फ‍िर त्‍वचा जब थोड़ी फूल जाएगी तो कांच खुद ही बाहर न‍िकल आएगा। कांच चुभ जाने से बने घाव को ठीक करने के ल‍िए आप कुछ आसान घरेलू नुस्‍खों का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के व‍िकास नगर में स्‍थित प्रांजल आयुर्वेद‍िक क्‍लीन‍िक के डॉ मनीष स‍िंह से बात की। 

use of castor oil

1. कांच चुभ जाने पर लगाएं कैस्‍टर ऑयल (Castor oil)

अगर आपको कांच चुभ गया है तो आप कैस्‍टर ऑयल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। कैस्‍टर ऑयल को कॉटन पर लगाकर उस जगह लगाएं जहां कांच लगा है। कॉटन से उस जगह की त्‍वचा पर हल्‍का दबाव डालें, कुछ देर में कांच न‍िकल जाएगा। कांच लगने पर घाव ठीक करने का ये एक आसान नुस्‍खा है। 

2. कांच चुभ जाने पर लगाएं शहद (Honey)

शहद में भी औषधीय गुण होते हैं, आप इसे कांच से लगने वाली चोट की जगह पर लगा सकते हैं। कोशिश करें कि आप क‍िसी फॉर्म से ताजे शहद लेकर उसका इस्‍तेमाल करें, इन द‍िनों बाजार में नकली शहद भी म‍िलता है ज‍िसमें केवल चीनी का घोल होता है उसको लगाने से घाव नहीं भरेगा। इसल‍िए शुद्ध शहद का इस्‍तेमाल करें।

3. कांच चुभ जाए तो हींग की मदद से न‍िकलेगा कांच (Hing)

use of hing to heal wound

अगर आपको स्‍क‍िन में कोई छोटा कांच चुभ गया है ज‍िसे न‍िकालने में परेशानी हो रही है तो आप हींग की मदद ले सकते हैं। हींग का लेप या हींग का पानी चोट वाली जगह लगाने से स्‍क‍िन में चुभा कांट या चीज बाहर न‍िकल आएगी। हींग से घाव भरने में भी मदद म‍िलती है।

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4. कांच चुभ जाने पर लगाएं हल्‍दी (Haldi)

use of haldi to heal wounds

अगर आपको गलती से कांच लग गया है या चुभ गया है तो आप हल्‍दी का इस्‍तेमाल करें। लकड़ी चुभ जाने पर भी हल्‍दी का लेप फायदेमंद माना जाता है। हल्‍दी में एंटीसेप्‍ट‍िक और एंटीबायोट‍िक गुण होते हैं जिससे इंफेक्‍शन तो ठीक होता ही है साथ ही दर्द से भी राहत म‍िलती है। आप कच्‍ची हल्‍दी लगाएं। कच्‍ची हल्‍दी फायदेमंद होती है। कच्‍ची हल्‍दी को पीसकर ताजा पेस्‍ट बना लें और उस पेस्‍ट को चोट वाली जगह पर लगाएं। कुछ देर के ल‍िए ऐसे ही लगाकर छोड़ दें। हल्‍दी घाव भरने में भी मदद करती है।

5. कांच चुभ जाए तो न‍िकालने के ल‍िए इस्‍तेमाल करें सेंधा नमक (Epsom Salt) 

अगर आपको कहीं कांच चुभ गया है तो आप सेंधा नमक का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। सेंधा नमक को आप आप एक गरम पानी के टब या बाल्‍टी में डालें। जब पानी में नमक म‍िल जाए तो उस ह‍िस्‍से को पानी में डुबोएं जहां कांच चुभा है। स्‍किन को सेंधा नमक के पानी में डालने से स्‍क‍िन में हल्‍की सूजन आएगी ज‍िससे कांच न‍िकल जाएगा। ये एक बेहतरीन घरेलू उपाय है।

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कांच चुभ जाने पर इन बातों का ध्‍यान रखें 

  • कांच चुभ जाने पर आप प्‍लकर की मदद से उसे न‍िकालने की कोश‍िश करें। 
  • घाव साफ करने के बाद एंटीसेप्‍ट‍िक क्रीम लगाएं।
  • अगर पैर के तलवों में कांच लगा है तो कुछ समय के ल‍िए जूते न पहनें।
  • कांच चुभ जाने पर ट‍िटनेस का इंजेक्‍शन लगवाएं।

अगर आपकी स्‍क‍िन के बड़े ह‍िस्‍से में कांच के अलग-अलग टुकड़े हैं तो उसका इलाज खुद करने के बजाय डॉक्‍टर के पास जाएं, ऊपर बताए गए नुस्‍खे आजमाने से पहले अपने डॉक्‍टर से संपर्क करें।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 05, 2021 00:00 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

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