Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

मेनोपॉज में महिलाओं के लिए सुपरफूड क्यों है राजगिरा? एक्‍सपर्ट से जानें फायदे

राजग‍िरा का सेवन लोग अक्‍सर व्रत के दौरान करते हैं और सोचते हैं क‍ि इसे केवल व्रत में खाया जाता है, लेक‍िन मेनोपॉज के दौरान यह मह‍िलाओं की सेहत के ल‍िए सुपरफूड साब‍ित हो सकता है। जानें मेनोपॉज में राजग‍िरा सेहत को कैसे फायदे पहुंचाता है?

राजग‍िरा का सेवन ज्‍यादातर व्रत में क‍िया जाता है। लोग इसके लड्डू, ख‍िचड़ी या पराठे बनाकर खाते हैं, लेक‍िन क्‍या आपको पता है क‍ि यह मेनोपॉज के दौरान मह‍िलाओं की सेहत के ल‍िए सुपरफूड माना जाता है। राजगिरा को चौलाई या रामदाना के नाम से भी जाना जाता है। राजगिरा में कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फोलिक एसिड, जिंक, फाइबर और प्रोटीन जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। मेनोपॉज के दौरान मह‍िलाओं को हॉट फ्लैशेज, हड्डियों का कमजोर होना, वजन बढ़ना, मूड स्विंग्स और अन‍िद्रा जैसी कई समस्‍याएं होती हैं। ज्यादातर महिलाओं को यह लगता है कि यह बढ़ती उम्र का सामान्य हिस्सा है, जबक‍ि यह मेनोपॉज के लक्षण हैं ज‍िसे कंट्रोल करने के ल‍िए हेल्‍दी डाइट लेना जरूरी है। मेनोपॉज के ल‍िए हेल्‍दी डाइट में कैल्‍श‍ियम, प्रोटीन, गुड फैट जैसे पोषक तत्‍व होने चाह‍िए। ये सभी पोषक तत्‍व राजग‍िरे में पाए जाते हैं। मेनोपॉज के दौरान राजग‍िरा खाने के फायदे जानने के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

साल 2022 में Foods नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक राजग‍िरा में आयरन होता है जो एनीमिया के जोखिम को कम करने और हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद कर सकता है। स्टडी के अनुसार, यह ग्लूटेन-फ्री होने के कारण ग्लूटेन सेंसिटिविटी वाले लोगों के लिए भी फायदेमंद माना गया है।

1. बोन म‍िनरल डेंस‍िटी के ल‍िए फायदेमंद है

राजगीरा बोन मिनरल डेंसिटी को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद कैल्शियम शरीर आसानी से अब्‍जॉर्ब कर लेता है इसलिए यह हड्डियों की मजबूती के लिए फायदेमंद होता है।

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2. मूड स्‍व‍िंग्‍स से बचने में मदद म‍िलती है

मेनोपॉज के दौरान एस्‍ट्रोजन हार्मोन का लेवल अक्‍सर घट जाता है। एस्‍ट्रोजन लेवल घटने के कारण मूड स्‍व‍िंंग्‍स होते हैं। इससे बचने के ल‍िए राजग‍िरे का सेवन करें। इसमें फाइटोएस्ट्रोजन होते हैं ज‍िससे मूड स्‍व‍िंग्‍स की श‍िकायत दूर होती है और हार्ट भी हेल्‍दी रहता है।

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3. मसल लॉस से बचाव

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मसल लॉस के ल‍िए यह एक कंप्‍लीट प्रोटीन है। इसमें सारे नौ जरूरी अमीनो एस‍िड्स मौजूद होते हैं। यह मांसपेशियों की मजबूती बनाए रखने और रिकवरी को सपोर्ट करने में भी मदद कर सकता है।

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4. अन‍िद्रा और एंग्‍जायटी दूर होती है

मेनोपॉज के दौरान नींद न आना और एंग्‍जायटी जैसी समस्‍याएं बढ़ जाती है ज‍िसे दूर करने के ल‍िए राजग‍िरे में मैग्नीशियम होता है जो प्राकृत‍िक तरीके से नर्वस स‍िस्‍टम को आराम देता है।

न‍िष्‍कर्ष:

मेनोपॉज के दौरान राजग‍िरा एक सुपरफूड माना जाता है। इसका सेवन करने से मेनोपॉज के दौरान अन‍िद्रा, एंग्‍जायटी, मसल लॉस, मूड स्‍व‍िंग्‍स जैसी समस्‍याओं से बचाव होता है। यह बोन म‍िनरल डेंस‍िटी को बेहतर करने में भी मदद करता है। मेनोपॉज के दौरान राजग‍िरा का सेवन करने के साथ-साथ नाश्‍ते को स्‍क‍िप करने से बचें और डॉक्‍टर की सलाह पर सही डाइट फॉलो करें।

FAQ

  • राजग‍िरा खाने के फायदे क्‍या हैं?

    राजगिरा में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और फाइबर पाए जाते हैं, जो हड्डियों, मांसपेशियों और पाचन को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। यह ग्लूटेन-फ्री होता है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में भी मदद करता है।
  • राजग‍िरा खाने के नुकसान क्‍या हैं?

    जरूरत से ज्यादा राजगिरा खाने से कुछ लोगों को पेट फूलना, गैस या पाचन की अन्‍य परेशानी हो सकती है। किडनी स्टोन में इसका सेवन सीमित मात्रा में और डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 28, 2026 15:05 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • May 28, 2026 15:05 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
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