Fri Sep 11, 2026 | 09:04 PM IST

Medically Reviewed by Payal Asthana , Fitness Expert

क्या आपके पैर कमजोर हैं? डॉक्टर से जानें पैरों की ताकत कैसे तय करती है आपकी ओवरऑल हेल्थ

हमारे पैर केवल मसल्‍स नहीं हैं, बल्‍क‍ि कुल मसल्‍स मास का आधा ह‍िस्‍सा हैं। पैर हमारे शरीर के सबसे बड़े मेटाबॉल‍िक इंज‍िन हैं ज‍िसके ब‍िना स्‍वस्‍थ रहना नामुमक‍िन है। जानें ये पूरी सेहत के ल‍िए क्‍यों जरूरी है? और इन्‍हें मजबूत क्‍यों रखना चाह‍िए?

अच्‍छी सेहत के ल‍िए पैरों का मजबूत होना जरूरी है। इससे शरीर को सही संतुलन म‍िलता है। पैरों की मांसपेश‍ियां बड़ी होती हैं इसल‍िए अगर इन्‍हें एक्‍ट‍िव रखेंगे, तो वेट लॉस में मदद म‍िलेगी। पैरों की एक्‍सरसाइज से ब्‍लड सर्कुलेशन बढ़ता है ज‍िससे हार्ट की बीमार‍ियां होने का खतरा घटता है। मजबूत पैरों से हड्ड‍ियों पर कम दबाव पड़ता है, इससे जोड़ों की बीमारी नहीं होती। यूके पब्‍ल‍िक हेल्‍थ गाइडलाइन्‍स के तहत, रोजाना एक्‍सरसाइज करने से पैरों की स्‍ट्रेंंथ बढ़ती है और टाइप 2 डायब‍िटीज, हार्ट की बीमारी और कुछ तरह के कैंसर का खतरा नहीं होता है। इस लेख में जानेंगे ओवरऑल हेल्थ के ल‍िए पैरों का मजबूत रहना क्‍यों जरूरी है? इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Director Ozefit Fitness Club, Australia & Certified Fitness Coach Payal Asthana से बात की।

 

 

 

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पैरों की ताकत तय करती है ओवरऑल हेल्थ- Overall Health Is Decided By Strong Legs

  • Fitness Coach Payal Asthana ने बताया क‍ि अगर आपके पैर मजबूत हैं, तो ह्रदय स्‍वास्‍थ्‍य बेहतर होगा, शरीर में एनर्जी रहेगी और वजन कंट्रोल करने में मदद म‍िलेगी। कमजोर पैरों वाली मह‍िलाओं और पुरुषों में अक्‍सर हड्डी कमजोर होना, वजन बढ़ना और मूड स्‍व‍िंग्‍स जैसे लक्षण नजर आते हैं।
  • 40 की उम्र के बाद अगर पैरों की क्षमता कमजोर होगी, तो फ्रैक्‍चर का खतरा बढ़ जाएगा या आप जल्‍दी चोट‍िल हो सकते हैं।
  • अगर पैर कमजोर होंगे, तो ब्‍लड शुगर लेवल भी कंट्रोल नहीं होगा, इससे इंसुलि‍न और फैट बढ़ेगा।
  • पैरों को मजबूत बनाने से फैटी ल‍िवर, प्री डायब‍िटीज, टाइप 2 डायबि‍टीज, इंसुल‍िन रेजि‍स्‍टेंस, सूजन जैसी समस्‍याओं को ठीक करने में मदद म‍िलती है।
  • अगर पैर मजबूत होंगे, तो द‍िमाग भी मजबूत रहेगा।
  • पैरों को मजबूत रखने से मेमोरी बेहतर होती है और ड‍िमेंश‍िया का खतरा कम होता है।

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पैरों की क्षमता कमजोर होने के लक्षण- Low Leg Strength Signs

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  • अगर आपको सीढ़ी चढ़ने या उतरने में परेशानी होती है, तो समझ जाएं क‍ि पैर कमजोर हैं।
  • अगर जमीन से उठने में द‍िक्‍कत होती है, तो यह भी कमजोर पैरों की न‍िशानी है।
  • अगर लंबी वॉक के बाद बहुत ज्‍यादा थक जाते हैं, तो समझ जाएं क‍ि पैर कमजोर हो रहे हैं।
  • अगर पैरों की क्षमता कमजोर है, तो चलने या खड़े रहने में घुटने, टखने और जांघों में दर्द महसूस होगा।
  • पैरों की क्षमता अगर कमजोर है, तो सामान्‍य गत‍ि से चलने में भी ज्‍यादा समय लग सकता है।

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पैरों की क्षमता कमजोर होने पर क्‍या करें?- What To Do For Low Leg Strength

  • पैरों की क्षमता को बढ़ाने के ल‍िए स्क्वैट्स और लंजेस कर सकते हैं।
  • इसके अलावा सीढ़ी चढ़ना भी फायदेमंद होता है।
  • हेल्‍दी डाइट, रोजाना फ‍िज‍िकल वर्कआउट और र‍िकवरी से भी पैरों की क्षमता मजबूत होती है।
  • पैरों की क्षमता को मजबूत बनाने के ल‍िए प्रोटीन, कैल्‍श‍ियम और व‍िटाम‍िन डी युक्‍त चीजों को डाइट का ह‍िस्‍सा बनाएं।

न‍िष्‍कर्ष:

अगर पैर स्‍वस्‍थ हैं, तो पूरी सेहत अच्‍छी रहेगी। पैरों के स्‍वस्‍थ रहने से फ्रैक्‍चर का खतरा कम होता है, शुगर लेवल कंट्रोल रहता है, फैटी ल‍िवर का खतरा दूर होगा और ब्रेन हेल्‍थ के ल‍िए पैरों की क्षमता को बनाए रखना जरूरी है।

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Video Credit: Dr. Saurabh Sethi

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 09, 2026 19:34 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Feb 09, 2026 19:34 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Payal Asthana

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