जब शरीर के किसी भी हिस्से में चोट लगने के कारण सूजनआ जाती है, तो हम तुरंत उस पर आइसिंग करने लगते हैं, वहीं कुछ लोग गर्म सिकाई भी करते हैं। माना जाता है कि ठंडी या गर्म सिकाई करने से तुरंत सूजन कम हो जाती है, अकड़न में कमी आती है और लचीलेपन में भी सुधार होता है। हालांकि, यहां यह सवाल सबके मन में जरूर उठता है कि आखिर सूजन को कम करने के लिए गर्म या ठंडी सिकाई में से बेहतर क्या है? इस बारे में जानने के लिए हमने इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल और हिलिंग टच क्लीनिक के ऑर्थोपेडिक सर्जन और स्पोर्ट्स इंजरी स्पेशलिस्ट डॉ. अभिषेक वैश से बात की है।
ठंडी सिकाई

चोटिल हिस्से की सिकाई करना बहुत फायदेमंद होता है। विशेषज्ञों की मानें, तो सूजन और तीव्र दर्द को कम करने के लिए ठंडी सिकाई अच्छी होती है। असल में ठंडी सिकाई करने की वजह से वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्त प्रवाह में कमी आती है। इस तरह प्रभावित हिस्से के दर्द, सूजन में कमी आती है। साथ ही अगर हिस्से नील पड़ गया है, तो उसमें भी कमी आती है।
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गर्म सिकाई
ठंडी सिकाई की ही तरह गर्म सिकाई भी काफी फायदेमंद होती है। आमतौर पर गर्म सिकाई को पुरानी और लॉन्ग टर्म पेन, मांसपेशियों में जकड़न, जोड़ों में दर्द, अर्थराइटिस को कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्म सिकाई करने से रक्त प्रवाह बेहतर होता है, दर्द में कमी आती है और मांसपेशियों में आया खिंचाव कम होता है। इस तरह सूजन में भी कमी आती है।
सूजन कम करने के लिए क्या है बेहतर?- Is Hot Or Cold Compress Better For Swelling
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गर्म सिकाई और ठंडी सिकाई को जरूरत अनुसार उपयोग किया जाता है। हालांकि, सूजन कम करने की बात करें, तो इसके लिए ठंडी सिकाई अधिक उपयोगी मानी जा सकती है। Johns Hopkins Medicine में प्रकाशित लेख से पता चलता है कि किसी भी चोटिल हिस्से में सूजन को कम करने के लिए शुरुआती 24 से 72 घंटे ठंडी सिकाई करना फायदेमंद हो सकता है। हां, इस बात का ध्यान रखें कि आप ठंडी सिकाई का उपयोग किस तरह की चोट में कर रहे हैं? अगर चोट लगते ही सूजन आ गई है, तो तुरंत आइसिंग या ठंडी सिकाई की जा सकती है। डॉ. अभिषेक वैश की मानें, तो वह भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि सूजन कम करने के लिए ठंडी सिकाई अच्छी तरह काम करती है, लेकिन मांसपेशियों में अकड़न या जोड़ों में दर्द हो तो गर्म सिकाई को बेहतर माना जा सकता है।
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सिकाई करने का सही तरीका
ठंडी सिकाई कैसे करें?
- एक बर्फ को एक रूमाल में लपेट लें।
- रूमाल में लपेटी हुई बर्फ को प्रभावित हिस्से में रखें।
- 15 से 20 मिनट तक ऐसा करें।
- दिन भर में कई बार ऐसा करें।
- धीरे-धीरे सूजन में कमी आने लगेगी।
गर्म सिकाई कैसे करें?
- एक हीटिंग पैड लें।
- ध्यान रखें कि पैड बहुत ज्यादा गर्म न हो।
- अगर हीटिंग पैड गर्म है, तो उसे कपड़े से लपेट लें।
- अब प्रभावित हिस्से में लगाएं।
- इस प्रक्रिया को शुरुआती दो दिन दोहराएं।
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निष्कर्ष
सूजन और दर्द को कम करने के लिए दोनों तरह की सिकाई अच्छी तरह काम करती है। हालांकि, दर्द किस हिस्से में हो रहा है, यह मायने रखता है। अगर मांसपेशियों में दर्द, जकड़न है, जोड़ों में दर्द और अर्थराइटिस की समस्या है, तो सूजन और दर्द को कम करने के लिए गर्म सिकाई की जानी चाहिए। जबकि, चोट लगने पर नील पड़ने, दर्द और सूजन आने पर ठंडी सिकाई करना फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा, यह भी ध्यान रखें कि अगर दर्द सिकाई के बाद कम न हो, शुरुआती 2-3 दिन के बाद दर्द बढ़ गया है, तो आप डॉक्टर के पास जाने में देरी न करें। संभवतः चोट गहरी है और इसके लिए डॉक्टर के इलाज की जरूरत है।
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FAQ
गर्म सिकाई कब करनी चाहिए?
मांसपेशियों में अकड़न, जकड़न, जोड़ों में दर्द, कमर में दर्द हो, तो गर्म सिकाई की जानी चाहिए। इससे रक्त प्रवाह बढ़ता है और मांसपेशियों में आराम आता है।बर्फ लगाने से सूजन कम क्यों होती है?
बर्फ लगाने से प्रभावित हिस्सा सुन्न हो जाता है, रक्त वाहिकाएं संकुचित हो जाती हैं, जिससे धीरे-धीरे सूजन कम होने लगती है। सूजन को कम करने के लिए दिन भर में यह प्रक्रिया कई बार दोहरानी चाहिए।गर्म पानी से सिकाई कितनी देर तक करनी चाहिए?
गर्म पानी से सिकाई 20 मिनट तक की जा सकती है। हालांकि, यह चोट की गंभीरता पर निर्भर करता है।
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Mar 06, 2026 12:08 IST
Modified By : Meera Tagore Mar 06, 2026 12:08 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Abhishek Vaish