Fri Sep 11, 2026 | 09:03 PM IST

Medically Reviewed by Dr Abhinav Gupta , Consultant Neurologist & Director - Neurology Bhav Neuro Centre, Ghaziabad

क्या ठंडा-गरम खाने से सिरदर्द होता है? जानें डॉक्टर से

सिरदर्द एक आम समस्या है, जो आमतौर पर स्ट्रेस, गलत खानपान या डिहाइड्रेशन से हो सकता है। क्या आपको कभी कुछ ठंडा या गर्म खाने के बाद सिरदर्द हुआ है? इस लेख में डॉक्टर ने ठंडे या गर्म खाने का सिरदर्द से कनेक्शन बताया है और साथ ही बचाव के तरीके भी दिए हैं।

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WHO के अनुसार, सिरदर्द नर्व सिस्टम की सबसे आम समस्याओं में से एक है। कभी-कभी सिरदर्द किसी अन्य बीमारी के कारण होता है, तो कभी यह खुद ही एक समस्या बन जाता है। सिरदर्द कई तरह का होता है, जिसमें माइग्रेन, टेंशन से जुड़ा सिरदर्द, क्लस्टर सिरदर्द होता है। अगर सिरदर्द कम है या कभी-कभी होता है, तो डॉक्टर की बताई पेनकिलर दवा के जरिए ठीक हो जाता है, लेकिन माइग्रेन या क्लस्टर में डॉक्टर लक्षणों की पहचान के आधार पर दवा देते हैं। इसके अलावा, कई बार सिरदर्द सिर्फ ठंडा या गर्म खाने से भी हो सकता है। इसके पीछे क्या कारण हैं? इसे जानने के लिए हमने Dr. Abhinav Gupta, Sarvodaya Hospital, Director - Neurology, Greater Noida से बात की। उन्होंने बताया कि ठंडा या गर्म खाने से नर्व सिस्टम पर असर पड़ता है, जिससे सिरदर्द ट्रिगर हो सकता है।

सिरदर्द होने के क्या कारण हो सकते हैं?

National Institute of Neurological Disorders and Stroke (NINDS) के अनुसार, जब दिमाग के आसपास के ब्लड वेसल्स, नसें और सिर व गर्दन की मांसपेशियां दर्द से जुड़ी नर्व एंडिंग को एक्टिव कर देती हैं, तब सिरदर्द होता है। इसमें स्ट्रेस, खाने-पीने की गंध और दवाएं हो सकती हैं। जब कोई ट्रिगर गर्दन या सिर के स्कैल्प की नसों को संकेत भेजता है, तो नर्व एंडिंग इस मैसेज को दिमाग तक पहुंचाती हैं और सिर में दर्द महसूस होता है। आमतौर पर सिरदर्द को उसकी प्रकृति के अनुसार बांटा जा सकता है।

  • एपिसोडिक - ये सिरदर्द बार-बार हो सकते हैं, लेकिन समय के साथ ठीक हो जाते हैं।
  • क्रोनिक - ये सिरदर्द एक बार होने पर कई दिनों या हफ्तों तक बने रह सकते हैं।

इसके अलावा, सिरदर्द को तीन ग्रुप में रखा गया है।

  • प्राइमरी सिरदर्द - इसमें सिरदर्द किसी अन्य बीमारी के कारण नहीं होता, बल्कि सिरदर्द होने का कारण कोई भी हो सकता है। इसमें स्ट्रेस, माइग्रेन, क्लस्टर सिरदर्द शामिल है।
  • सेकेंडरी सिरदर्द - ये सिरदर्द आमतौर पर किसी अन्य बीमारी के कारण हो सकता है या किसी बीमारी के लक्षण के रूप में दिख सकता है। जैसे हाई ब्लड प्रेशर, सिर में चोट लगना या साइनस इंफेक्शन शामिल हो सकता है।
  • न्यूरोपैथी और चेहरे का दर्द - इसमें सिरदर्द का कारण नर्व्स का क्षतिग्रस्त होना हो सकता है। इसमें चेहरे का दर्द भी शामिल है।

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क्या बहुत ठंडा खाने-पीने से सिरदर्द हो सकता है?

Cleveland Clinic के अनुसार, जब कोई बहुत ज्यादा ठंडी चीज खाता, पीता या सांस के जरिए हवा अंदर लेता है, तो सिरदर्द हो सकता है। बर्फीली ठंडी हवा, आइसक्रीम, बर्फ के टुकड़े खाना, बर्फ का गोला खाना या बर्फ से भरे ड्रिंक्स लेने से सिरदर्द की समस्या हो सकती है। इसे आइसक्रीम हेडेक भी कहते हैं, लेकिन इसका वैज्ञानिक नाम स्फिनोपैलेटाइन गैंग्लियोन्यूराल्जिया (Sphenopalatine ganglioneuralgia) है। बहुत ज्यादा ठंडा खाना माइग्रेन का ट्रिगर भी हो सकता है। इसके अलावा, जो लोग ठंडी चीजों को बहुत तेजी से खा जाते हैं, उन्हें सिरदर्द की समस्या हो सकती है। इस बारे में डॉ. अभिनव कहते हैं, "जब बहुत तेज ठंडी चीज तालू के पिछले हिस्से में छूती है, तो वहां की ब्लड वेसल्स अचानक से सिकुड़ने लगती हैं और फिर तेजी से फैल जाती हैं। ये नसें चेहरे और सिर दोनों से जुड़ी होती हैं, इसलिए दिमाग को लगता है कि दर्द माथे या सिर में हो रहा है।"

क्या बहुत गर्म खाने-पीने से सिरदर्द हो सकता है?

गर्म चीजों को खाने से होने वाले सिरदर्द के बारे में बताते हुए डॉ. अभिनव कहते हैं, "बहुत तेज गर्म खाने या पीने से सिर और गर्दन की नसों में जलन हो सकती है। अगर किसी का शरीर पहले से ही गर्म है, तो गर्म चीजें खाने से ब्लड वेसल्स को अचानक फैला सकता है, जिससे सिरदर्द ट्रिगर होता है। इसके अलावा, कई फूड जिनमें सॉसेज होती हैं, उन्हें ज्यादा गर्म खाने से भी सिरदर्द हो सकता है, क्योंकि सॉसेज को सेफ रखने के लिए नाइट्रेट मिलाया जाता है, जो शरीर में जाकर नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल जाते हैं। इससे सिर के ब्लड वेसल्स फैल जाते हैं, जो सिरदर्द का कारण बन सकते हैं।"

प्रेग्नेंट महिलाओं को बहुत ठंडा-गर्म खाने से सिरदर्द हो सकता है?

डॉ. अभिनव कहते हैं, "प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल और शारीरिक बदलावों के कारण सिरदर्द हो सकता है। इसमें थकान, स्ट्रेस, खान-पान, साइनस या डिहाइड्रेशन कारण हो सकते हैं। अगर प्रेग्नेंट महिलाएं बहुत ज्यादा ठंडी या गर्म चीजें खा लें, तो भी सिरदर्द महसूस हो सकता है। ज्यादा ठंडा या गर्म खाने से प्रेग्नेंसी में माइग्रेन की समस्या हो सकती है। इसलिए अगर किसी प्रेग्नेंट महिला को सिरदर्द हो, तो डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करना चाहिए।"

सिरदर्द और माइग्रेन में अंतर

डॉ. अभिनव कहते हैं, "माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द में काफी फर्क होता है। माइग्रेन में अक्सर सिर के एक ही हिस्से में दर्द होता है और इसमें मरीज को तेज धड़कने जैसी बीट महसूस होती है। माइग्रेन में मरीज को उल्टी या मतली महसूस होती है। मरीज रोशनी या शोर होने पर बहुत ज्यादा परेशान हो जाता है। वहीं सामान्य सिरदर्द में सिर या गर्दन में दर्द होता है। इसमें मरीज को मतली, रोशनी या शोर से ज्यादा परेशानी नहीं होती। स्ट्रेस या साइनस का सिरदर्द हो सकता है।"

 

माइग्रेन

सिरदर्द

दर्द 

सिर में तेज बीट जैसा महसूस होना

धीमा, प्रेशर या खिंचाव जैसा महसूस होना

दर्द की जगह 

अक्सर सिर के एक तरफ

सिर के दोनों तरफ या पूरे सिर में

समय

4 से 72 घंटे तक

30 मिनट से कुछ घंटों तक

कितना तेज

मॉडरेट से गंभीर

हल्का या मॉडरेट

ट्रिगर्स

स्ट्रेस, खाना-पीना, हार्मोनल बदलाव

पानी की कमी, खराब पोस्चर, स्क्रीन स्ट्रेन

लक्षण

मतली, रोशनी/शोर से दिक्कत, ऑरा

आमतौर पर कोई अन्य लक्षण नहीं

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सिरदर्द को डायग्नोज करने के क्या तरीके है?

Cleveland Clinic के अनुसार, सिरदर्द में सबसे पहले डॉक्टर इस बात का पता लगाते हैं कि यह दर्द माइग्रेन, क्लस्टर या स्ट्रेस का है। ज्यादातर मामलों में इसकी पहचान सीटी स्कैन या MRI से नहीं, बल्कि लक्षणों के आधार पर की जाती है। अगर डॉक्टर को लगता है कि सिरदर्द की वजह इंफेक्शन, ट्यूमर या ब्लीडिंग है, तो वह मरीज को सीटी स्कैन या MRI की सलाह दे सकते हैं ताकि किसी भी तरह के संक्रमण की पहचान की जा सके।

ठंडा या गर्म खाने से होने वाले सिरदर्द से बचाव के तरीके

डॉ. अभिनव कहते हैं कि ठंडा या गर्म खाने से होने वाले सिरदर्द को रोकने के लिए सबसे जरूरी है कि इसके ट्रिगर्स को ही रोका जाए। जिन मरीजों को ठंडा या गर्म खाने पर सिरदर्द होता है, उन्हें बहुत तेज गर्म या ठंडी चीजें नहीं खानी चाहिए। खाने-पीने की चीजें कमरे के टेम्परेचर पर ही लेनी चाहिए। Health Direct के अनुसार, सिरदर्द होने पर मरीज को कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए।

  1. सामान्य सिरदर्द में मरीज घर में ही शांत और अंधेरे कमरे में कुछ देर आराम कर लें।
  2. कई बार नींद पूरी करने से भी सिरदर्द कम हो जाता है।
  3. माथे या गर्दन के पीछे ठंडी या गर्म सिकाई की जा सकती है।
  4. बाहर खुली हवा में टहलने पर भी सिरदर्द कम हो सकता है।
  5. प्रचुर मात्रा में पानी पीने से सिरदर्द हल्का हो सकता है।
  6. गर्दन की स्ट्रेचिंग करने से सिरदर्द में आराम मिल सकता है।
  7. डॉक्टर से सलाह लेकर पेनकिलर दवाई ली जा सकती है।
  8. स्ट्रेस से होने वाले सिरदर्द को मैनेज करने के लिए स्ट्रेस कम करना जरूरी है। इसके लिए मेडिटेशन और योग किया जा सकता है।
  9. जो ट्रिगर्स सिरदर्द का कारण बनते हैं, उनसे दूर रहना चाहिए।
  10. गर्दन या सिर की मालिश कराने से काफी हद तक सिरदर्द कम हो सकता है।
  11. एक्यूपंक्चर से सिरदर्द में आराम मिल सकता है।

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डॉक्टर से कब मिलें?

डॉ. अभिनव कहते हैं, "सिरदर्द होने पर इन लोगों को डॉक्टर को तुरंत दिखाना चाहिए, ताकि समय पर इलाज हो सके।

  1. सिरदर्द बहुत तेजी से आए और साथ ही गर्दन में अकड़न महसूस हो, तो यह दिमाग में रक्तस्त्राव का लक्षण हो सकता है।
  2. तेज सिरदर्द के साथ बुखार, बार-बार उल्टी या मतली हो, लेकिन मरीज को फ्लू के लक्षण न हों, तो यह मेनिनजाइटिस का लक्षण हो सकता है।
  3. ऐसा सिरदर्द जिसमें कमजोरी, धुंधला दिखना या डबल विजन या बेहोशी महसूस हो, तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।
  4. सिरदर्द के साथ शरीर के किसी हिस्से के सुन्न होने या बहुत ज्यादा ठंडा होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
  5. हफ्ते में दो बार या इससे ज्यादा सिरदर्द होना
  6. बच्चों को बार-बार सिरदर्द होना
  7. सिरदर्द के साथ शरीर में ऐंठन या सांस लेने में दिक्कत होना
  8. किसी को गंभीर बीमारी की हिस्ट्री रही हो और सिरदर्द होने लगे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

निष्कर्ष

ठंडा या गर्म खाना-पीना सिरदर्द का ट्रिगर बन सकता है, लेकिन लोग इसे पहचान नहीं पाते। बहुत ज्यादा ठंडी चीजें दिमाग को फ्रीज कर सकती हैं, तो बहुत ज्यादा गर्म चीजें नसों में जलन बढ़ा सकती हैं। कई मामलों में प्रेग्नेंट महिलाओं में भी बहुत ज्यादा ठंडा-गर्म सिरदर्द का कारण बन सकता है। इसलिए लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अगर ठंडा या गर्म खाने के बाद सिरदर्द हो, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

FAQ

  • क्या गर्म चाय या कॉफी पीने से भी सिरदर्द ट्रिगर हो सकता है?

    बहुत गर्म चाय या कॉफी नसों में जलन बढ़ा सकती है और गर्म चीजें ब्लड वेसल्स को अचानक फैला देती हैं। इस वजह से सिरदर्द शुरू हो सकता है।
  • क्या मोबाइल या कंप्यूटर की स्क्रीन से सिरदर्द होता है?

    बहुत लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों पर प्रेशर पड़ता है और स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी और गर्दन का गलत पोस्चर सिरदर्द का बड़ा कारण हो सकता है।
  • प्रोसेस्ड मीट खाने से सिरदर्द क्यों होता है?

    प्रोसेस्ड मीट में नाइट्रेट्स होते हैं, जो सॉसेज में भी पाए जाते हैं। ये शरीर में जाकर नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल जाते हैं। ये सिर की नसों को फैला देते हैं, जो माइग्रेन के मरीजों के लिए एक बड़ा ट्रिगर हो सकता है।
  • मुझे आइसक्रीम खाने पर ही सिरदर्द क्यों होता है, सबको तो नहीं होता?

    जिन लोगों को पहले से माइग्रेन की समस्या होती है, उनका नर्वस सिस्टम बहुत ज्यादा सेंसिटिव हो जाता है। ऐसे लोगों में ब्रेन फ्रीज होने की संभावना सामान्य लोगों से ज्यादा होती है।
  • ठंडा-गर्म खाने से होने वाले सिरदर्द को तुरंत कैसे रोकें?

    ठंडे को रोकने के लिए जीभ को तालू पर दबाएं। जीभ की गर्मी नसों को जल्दी सामान्य करने में मदद करती है। गर्मी के लिए पानी पिएं ताकि मुंह का तापमान संतुलित हो सके।

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Aneesh Rawat

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Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Modified By : Aneesh Rawat
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