चावल में कार्ब्स की अच्छी मात्रा होती है जिसका सेवन सेहत से जुड़ी कई समस्याओं को बढ़ा सकता है। हालांकि, खांसी-जुकाम में मामले में चावल को लेकर लगातार एक बहस चलती रही है। आयुर्वेद कि मानें तो रात में चावल खाने से शरीर में कफ की मात्रा बढ़ सकती है और रात में खांसी की समस्या ज्यादा हो सकती है, लेकिन सवाल यह है कि ये बात कितनी सही है? चावल खाने से शरीर और फेफड़ों पर कैसा असर होता है और क्या इसे कम मात्रा में खाने से यह समस्या कम हो सकती है? जानते हैं इस बारे में हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से।
क्या रात में चावल खाने से कफ बढ़ता है?
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि रात में चावल खाने से कफ बिल्कुल बढ़ेगा, इसमें कोई शक नहीं है। दरअसल, जब आप रात में चावल खाते हैं तो एलर्जी को बल मिलता है जिससे खांसी की समस्या बढ़ सकती है। इतना ही नहीं खांसी में कफ आने की दिक्कत भी काफी ज्यादा बढ़ सकती है। आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा के अनुसार, चावल की तासीर ठंडी होती है और रात में सर्दी, जुकाम, खांसी या गले के संक्रमण के दौरान चावल खाने से कफ गाढ़ा हो सकता है या सांस की तकलीफ बढ़ सकती है।
रात में चावल खाने से फेफड़ों पर कैसा असर होता है?
आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि चावल सीधे तौर पर बलगम यानी म्यूकस पैदा नहीं करता। दरअसल, यह वायरल इंफेक्शन, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और खांसी जुकाम की समस्या में फेफड़ों में पहले से हो रखी सूजन को बढ़ाता है, जिससे कफ की समस्या और बढ़ जाती है।
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रात को चावल क्यों नहीं खाना चाहिए?
आगे डॉ. श्रेय कहते हैं कि अगर साइंस के एंगल से समझें, तो हम चावल सुबह ही खाते हैं, हमारे पुराने बिजुर्ग भी सुबह ही खाते थे। रिच कार्ब्स की वजह से और हाई कार्बोहाइड्रेट होने की वजह से रात में इसे खाना मोटापे की समस्या बढ़ा सकती है। इसके अलावा रात में इसे खाने से शरीर का शुगर लेवल भी बढ़ जाता है। इसके अलावा रात में चावल खाने से इसलिए बचना चाहिए क्योंकि
- रात के समय चावल खाने से शरीर इसे पूरी तरह से पचा नहीं पाता है। दरअसल, शाम को शरीर का मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है, जिससे शुगर बढ़ता है और मोटापा बढ़ता है।
- सफेद चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) काफी ज्यादा होता है। इसे पचाने में शरीर पूरी तरह से रातभर लगा रहा है जिससे नींद प्रभावित होती है और शुगर भी शरीर का शुगर लेवल बढ़ा रहता है। यह स्थिति डायबिटीज के मरीजों के लिए और खतरनाक हो सकती है।
- सफेद चावल खाना स्टार्च बढ़ाता है और जब धीमा मेटाबॉलिज्म इसे पूरी तरह से इसे नहीं पचा पाता है तो पेट फूलने की समस्या हो जाती है।
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क्या कहती है स्टडी?
American Journal of Respiratory and Critical Care Medicine में प्रकाशित इस स्टडी की मानें तो चीनी सिंगापुरी वयस्कों के एक बड़े समूह में कफ बढ़ाने वाले फूड्स पर स्टडी की गई और पाया गया है कि मांस, सोडियम और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट जैसे चावल कफ के साथ लगातार खांसी होने के खतरे को बढ़ा सकता है। इसके विपरीत, सब्जियों, फलों और सोया उत्पादों से भरपूर आहार का इस लक्षण पर कोई खास स्वतंत्र प्रभाव नहीं देखा गया, जब इसे फाइबर यानी नॉन-स्टार्च पॉलीसेकेराइड के सेवन के लिए समायोजित किया गया।
हालांकि धूम्रपान छोड़ना फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपाय है, लेकिन यह अध्ययन यह भी सुझाव देता है कि अस्वस्थ खान-पान की आदतें भी श्वसन संबंधी समस्याओं का एक स्वतंत्र कारण बन सकती हैं।
निष्कर्ष:
अंत में श्रेय शर्मा कहते हैं कि आपको रात में चावल नॉर्मली भी खाने से बचना चाहिए और अगर आप सर्दी-जुकाम की समस्या है तो आपको इससे बिल्कुल दूरी बनानी चाहिए। इसकी जगह रात में सूप पिएं। लहसुन और गुड़ का सेवन करें। इसके अलावा डाइट में लौंग, हल्दी, शहद और मुलेठी जैसी चीजों को शामिल करें जो कि एंटी इंफ्लेमेटरी होते हैं और फेफड़ों की सूजन कम करने के साथ कफ को पिघलाने में मददगार है। साथ ही लंबे समय तक खांसी और कफ की समस्या को नजरअंदाज न करें। डॉक्टर को दिखाएं और दवा लें और इसके साथ डाइट में परहेज करें ताकि यह दिक्कत बढ़े नहीं और समय रहते ही ठीक हो जाए।
FAQ
कफ निकालने के लिए क्या खाना चाहिए?
कफ निकालने के लिए डाइट में अदरक, शहद और हल्दी को शामिल करें जो कि कफ को बाहर निकालने के साथ फेफड़ों के लिए भी काफी फायदेमंद है।एलर्जी वाली खांसी में क्या नहीं खाना चाहिए?
एलर्जी वाली खांसी में आपको अदरक, शहद और काली मिर्च का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा आप लौंग की चाय भी पी सकते हैं।
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Oct 25, 2026 18:45 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Shrey Sharma
