Fri Sep 11, 2026 | 11:10 PM IST

दिनभर आंखों में रहता है भारीपन? जानें इसके 5 कारण और बचाव के आसान उपाय

आंखों में भारीपन क्यों रहता है: नींद की कमी या फिर खराब लाइफस्टाइल के कारण आपकी आंखों में भारीपन हो सकता है। आइए जानते हैं इससे बचाव के उपाय। 

आंखों में भारीपन (Heaviness in eyes) कई बार लोगों को इरिटेट करता है। दरअसल, ये नींद की कमी के कारण या फिर एलर्जी के कारण हो सकता है। कई बार तो ये हल्का रहता है पर कई बार ये रह-रह कर लंबे समय तक परेशान करने लगता है। लंबे समय के लिए आंखों में रहने वाले भारीपन के पीछे कुछ गंभीर कारण हो सकते हैं। जैसे कि कई बार साइनस और माइग्रेन के कारण भी सिर दर्द रह सकता है। ऐसे में आंखों में भारीपन के कारणों के बारे में जानना जरूरी है ताकि आप इसका इलाज करवा सकें या फिर इससे बचे रहें। आंखों में भारीपन के इन्हीं कारणों के बारे में जानने के लिए हमने डॉ. आरती नांगिया (Dr Aarti Nangia), वरिष्ठ सलाहकार- नेत्र विज्ञान फोर्टिस अस्पताल वसंत कुंज (TSA) से बात की। 

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आंखों में भारीपन क्यों रहता है-Reasons for heaviness in eyes?

डॉ. आरती नांगिया कहती हैं कि कंप्यूटर स्क्रीन देखने, कार चलाने, किताब पढ़ने और कई अन्य गतिविधियों जैसे लंबे समय तक एक ही गतिविधि पर गहन रूप से ध्यान केंद्रित करने के बाद आंखें थकी हुई और चिड़चिड़ी महसूस होती हैं। इसके परिणामस्वरूप आंखों में भारीपन आ जाता है और चिकित्सकीय भाषा में इसे आईस्ट्रेन (eye strain) कहा जाता है। इसके अलावा इसके कई और कारण भी हैं जैसे कि

1. ड्राई आईज

ड्राई आईज के पीछे कई कारण हो सकते हैं जिसकी वजह से लोगों की आंखों में भारीपन रहता है। ड्राई आई में आपके आंखों का पानी यानी आंसुओं का ग्लैंड सूखने लगता है। इसकी वजह से आपकी आंखों में दर्द रहता है और आप इरिटेट महूसूस करते हैं। 

2. कॉन्टैक्ट लेंस का ज्यदा प्रयोग

कॉन्टैक्ट लैंस के ज्यादा इस्तेमाल से भी लोगों के आंखों में भारीपन रहता है। दरअसल, इससे आंख नेचुरल तरीके से काम नहीं कर पाती है और लंबे समय तक कॉन्टैक्ट लेंस लगाने से आंख में खुजली होने लगती है या फिर दर्द होने लगता है।

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3. माइग्रेन

माइग्रेन के कारण शरीर के कई अंग प्रभावित हो जाते हैं। उन्हीं में से एक है हमारी आंख। दरअसल, माइग्रेन के कारण हमें मतली, लाइट सेंसिटिविटी और गंभीर सिर दर्द होता है। इस दौरान आपको हर वक्त आंखों में भारीपन महसूस हो सकता है।

4. रोज की कुछ आदतें

आपकी रोजमर्रा की आदतें जैसे कि 

  • - खराब पोस्चर में बैठना, सोना और पढ़ना
  • - खराब रोशनी में पढ़ना
  • - कंप्यूटर डेस्क प्लेसमेंट में काम करना
  • - मांसपेशियों में ऐंठन

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5. अन्य कारण

  • -आंखों की सर्जरी, मौखिक दवाएं, डिहाइड्रेशन और बुढ़ापा।
  • -मांसपेशियों में तनाव के कारण
  • -साइनसाइटिस के कारण  

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आंखों का भारीपन दूर करने के आसान उपाय- Prevention tips for heaviness in eyes

1. थकी हुई और सूखी आंखों पर गर्म पानी में भिगोया हुआ कपड़ा लगाएं। कोशिश करते रहें कि ऐसा करते समय आंखें बंद रखें।

2. आंखों में ड्राईनेस महसूस करने पर इन्हें तरोताजा करने के लिए आंखों में गुलाब जल डालें या कोई आई ड्रोप डालें।

3. नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखा कर सही आईवियर पहनें।

4 किसी एक गतिविधि को लगातार ना करें। अपने आंखों को थोड़ा आराम दें। ध्यान बदलें क्योंकि इससे आंखों के तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

5. पर्यावरण में प्रदूषित हवा की गुणवत्ता की जांच करें और हीटिंग और कूलिंग प्रोडक्ट्स से दूर रहें। क्योंकि इसकी शुष्क हवा आंखों में खिंचाव और जलन का कारण बनती है। ऐसे में ह्यूमिडिफायर का उपयोग करना बेहतर है।

जीवनशैली में थोड़ा सा बदलाव वास्तव में आंखों में भारीपन को कम कर सकता है। अगर आंखों का तनाव गंभीर है या अधिक समय तक रहता है तो नेत्र रोग विशेषज्ञों के साथ स्थिति पर चर्चा करना बेहतर होगा। वे आपको तनाव को कम करने या गंभीर स्थिति की संभावनाओं से बचाने के लिए कुछ लेंस इस्तेमाल करने की सलाह दे सकते हैं। इसलिए आंखों के भारीपन को हल्के में ना लें और एक डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें। 

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Pallavi Kumari

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चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Dec 25, 2021 10:00 IST

    Published By : Pallavi Kumari

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