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HealthCare Heroes Awards 2022: कब खत्म होगी कोरोना महामारी? देशभर के हेल्थ एक्सपर्ट्स ने रखी अपनी राय

Onlymyhealth के Healthcare Heroes Awards सेरेमनी के दौरान हुई चर्चा में जाने कोरोना महामारी को लेकर देश भर के हेल्थ एक्सपर्ट्स ने क्या कहा?

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Feb 04, 2022Updated at: Feb 04, 2022
HealthCare Heroes Awards 2022: कब खत्म होगी कोरोना महामारी? देशभर के हेल्थ एक्सपर्ट्स ने रखी अपनी राय

ऐसे लोग जिन्होनें कोरोना महामारी के दौरान लोगों निःस्वार्थ सेवा करने का बीड़ा उठाया ऐसे लोगों को सम्मानित करने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए 'Onlymyhealth' ने जो पिछले साल की तरह इस साल भी अपने Healthcare Heroes Awards 2022 का आयोजन किया जिसमें देश भर में महामारी के दौरान काम करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी पिछले कुछ सालों दुनियाभर के देशों में खौफनाक रूप दिखा रही है। कोरोना वायरस का पांचवा वैरिएंट ओमिक्रोन अब दुनियाभर के देशों में गंभीर स्थिति में है। देश में कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर में ओमिक्रोन वैरिएंट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कोरोना वायरस महामारी और ओमिक्रोन वैरिएंट को लेकर लोगों को सही जानकारी से अवगत कराने और इसके बारे में जरूरी जानकारी देने के लिए  Healthcare Heroes Awards में देशभर के हेल्थ एक्सपर्ट्स ने अपनी राय रखी। इस चर्चा में डॉ. चंद्रकांत लहरिया, पब्लिक पॉलिसी व हेल्थ सिस्टम विशेषज्ञ, डॉ. जयदीप मल्होत्रा, MBBS (Obs & Gyane), भूतपूर्व प्रेसिडेंट, FOGSI, ग्रैंड मास्टर अक्षर- योग व आध्यात्मिक गुरु, पूनम मुतरेजा, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया, डॉ. निमेष जी. देसाई- मनोविज्ञान प्राध्यापक और निदेशक, IHBAS,दिल्ली , डॉ. विवेक नांगिया, Principal Director & Head, Pulmonology, मैक्स हॉस्पिटल, साकेत, दिल्ली, इशांका वाही, न्यूट्रिशन और वेलनेस कोच शामिल रहे और इस चर्चा को संचालित किया मेघा ममगाई, एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट व बिजनेस हेड- हेल्थ एंड लाइफस्टाइल, जागरण न्यू मीडिया ने। आइये जानते हैं कोरोना महामारी और ओमिक्रोन वैरिएंट को लेकर देश भर के जाने-माने हेल्थ एक्सपर्ट्स ने क्या कहा।

मार्च के अंत तक खत्म हो जायेगा ओमिक्रोन का कहर - डॉ. चंद्रकांत लहरिया

चर्चा में शामिल डॉ चंद्रकांत लहरिया ने कहा कि ओमिक्रोन SARS-CoV-2 का पांचवा वैरिएंट है जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैरिएंट ऑफ कंसर्न घोषित किया था। जैसा कि हम सबको पता है कि ओमिक्रोन वैरिएंट 3 से 4 गुना अधिक संक्रामक वैरिएंट है जो शरीर की प्रतिरक्षा और वैक्सीन के प्रभाव को भी कम करने की क्षमता रखता है। ओमिक्रोन संक्रमण के डेटा यह बताते हैं कि इस वैरिएंट ने कम समय में ज्यादा से ज्यादा लोगों को संक्रमित किया है, लगभग 2 से 3 हफ्तों में ही ओमिक्रोन के मामले पीक पर पहुंच गए थे। लेकिन अब इस वैरिएंट के मामले लगातार कम हो रहे हैं और रिपोर्ट्स के मुताबिक ओमिक्रोन वैरिएंट का असर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। ऐसे में स्टडीज और डेटा के आधार पर यह कहा जा सकता है कि मार्च के अंत तक देश में ओमिक्रोन का कहर खत्म हो ससकता है और लोग नए सिरे से अपनी जिंदगी शुरू कर सकेंगे। डॉ लहरिया ने कहा कि महामारी तो खत्म हो सकती है लेकिन वायरस हमारे साथ ही रहने वाला है इसलिए लोगों को इससे बचाव के उपाय का ध्यान जरूर रखना चाहिए।

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When-Will-Covid-Pandemic-End

डेल्टा की तुलना में ओमिक्रोन संक्रमण के दौरान लोगों को नहीं हुई गंभीर समस्याएं - डॉ. विवेक नांगिया

इस चर्चा में शामिल डॉ. विवेक नांगिया ने कहा कि डेल्टा वैरिएंट की तुलना में ओमिक्रोन से संक्रमित होने वाले लोगों में कम समस्याएं हो रही थीं और शायद यही वजह है कि लोगों के बीच में ओमिक्रोन वैरिएंट खौफ डेल्टा के मुकाबले कम था। ओमिक्रोन वैरिएंट से संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट की भी जरूरत न के बराबर हुई है। ऐसे में इसे डेल्टा की तुलना में कम गंभीर वैरिएंट कहा जा सकता है और अगर ओमिक्रोन वैरिएंट का संक्रमण लोगों में लंबे समय तक कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए इम्यूनिटी पैदा करता है तो यह सबसे अच्छी बात होगी। डॉ नांगिया ने कहा कि सिर्फ वैक्सीन के सहारे आप इस महामारी से बचाव नहीं कर सकते हैं इसलिए आपको लगातार कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना पड़ेगा।

कोरोना महामरी के पहले 2 साल महिलाओं के लिए रहे बेहद गंभीर - डॉ. जयदीप मल्होत्रा

डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने कहा कि इस महामारी के दौरान सबसे ज्यादा स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों और समस्याओं का सामना महिलाओं को करना पड़ा है। महामारी के दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं के सामने बड़ी चुनौती पैदा हुई थी। लॉकडाउन के दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं को स्वास्थ्य से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा है। कई अध्ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से महिलाओं की फर्टिलिटी और प्रेगनेंसी से जुड़ी सामना करना पड़ सकता है, इन्फेक्शन की वजह से आगे चलकर महिलाओं की फर्टिलिटी पर नकारात्मक असर हुआ है।

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कोरोना महामारी के दौरान महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा के मामले बढ़े - पूनम मुतरेजा

कोरोना वायरस महामारी के दौरान जब सभी लोग घरों में कैद हो चुके थे ऐसे समय में महिलाओं को कई मोर्चों पर समस्याओं का सामना करना पड़ा। इस दौरान महिलाओं के साथ स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के साथ उन्हें घरेलू हिंसा का भी सामना करना पड़ा। कोरोना महामारी के दौरान गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ा था।

कोरोना महामारी का लोगों मेंटल हेल्थ पर हुआ गहरा प्रभाव - डॉ. निमेष जी. देसाई

कोरोना वायरस महामारी के पिछले 2 साल में लोगों के मेंटल हेल्थ पर गहरा प्रभाव पड़ा है। कोरोना महामारी के दौरान मनोवैज्ञानिक डिस्ट्रेस, मनोवैज्ञानिक समस्याओं का असर लोगों पर पड़ा है। ऐसे में हमें इस मुद्दे को सिर्फ मेंटल हेल्थ पर पड़े असर के रूप में देखने के बजाय व्यापक रूप में देखना चाहिए क्योंकि महामारी के दौरान सामाजिक और आर्थिक स्तर पर लोग काफी प्रभावित हुए हैं। मेंटल हेल्थ को लेकर लोगों को जागरूक होने की जरूरत है।

लोगों को अपनी लाइफस्टाइल और गट हेल्थ सुधारने की जरूरत - इशांका वाही

कोरोना वायरस महामारी के बाद ऐसी महामारी से बचाव के लिए लोगों को अपनी फिटनेस और खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इशांका वाही ने कहा कि लोगों को ऐसी हमारी से बचने के लिए अपने खानपान और लाइफस्टाइल का ध्यान जरूर रखना चाहिए। ऐसे में आपको इम्यूनिटी, गट हेल्थ, खानपान और लाइफस्टाइल को अपग्रेड करने की जरूरत है। कोरोना वायरस से रिकवर करने के बाद लोगों को पोस्ट कोविड लक्षणों से बचाव के लिए बहुत अधिक दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे बचाव के लिए रिफाइंड शुगर, प्रोसेस्ड फूड और शराब आदि के सेवन की जगह हेल्दी खानपान को अपनाना चाहिए।

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कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए योग का अभ्यास बहुत उपयोगी - ग्रैंड मास्टर अक्षर

ग्रैंड मास्टर अक्षर ने इस चर्चा में बातचीत करते हुए कहा कि योग और आध्यात्म के जरिए चुनातियों का सामना किया जा सकता है। योग के माध्यम से आप अपने शरीर को इन चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार कर सकते हैं। नियमित रूप से योग का अभ्यास करने से आप अपने शरीर को कोरोना से बड़ी महामारी से बचाव के लिए तैयार कर सकते हैं।

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