बिहार-झारखंड में बीते कुछ हफ्तों से बीमारियों में इजाफा देखा जा रहा है। पहले रांची में बर्डफ्लू की पुष्टि के बाद हड़कंप मचा, उसके बाद झारखंड के कुछ हिस्सों में कैंसर के मामलों में ग्रोथ देखी गई। इसके साथ ही मौसमी बीमारियों ने लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है। प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों के ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें, इस बात को साफ करती हैं कि मौसमी बीमारियों का प्रकोप लंबे समय तक चलने वाला है। ओपीडी में वायरल इंफ़ेक्शन, गले की परेशानी, बुखार, सर्दी-ज़ुकाम, मलेरिया, और टायफाइड जैसी बीमारियों के मामले ज्यादा आ रहे हैं। साथ ही, लोगों में ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट संबंधी शिकायत भी बढ़ रही है। कैंसर के इलाज के लिए झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मुंबई में टाटा ट्रस्ट के सीईओ सिद्धार्थ शर्मा के साथ बैठक की। दोनों के बीच, मरीजों के लिए सस्ता कैंसर इलाज की सुविधा को आसान बनाने की बात हुई है। झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि इस समय सरकार, झारखंड में कैंसर के इलाज से संबंधित सुविधाओं को बेहतर करने के प्रयास में जुटी है। सरकार की इस कोशिश से मरीजों को कैंसर के इलाज के लिए राज्य के बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
बीमारियों के प्रकोप पर स्वास्थ्य विभाग से लिया एक्शन
बिहार-झारखंड में बढ़ते बीमारियों के प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रहे हैं, हाई बीपी और डायबिटीज जैसी बीमारियों की जांच भी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का मुख्य टार्गेट ऐसे कस्बे या गांव हैं जहां लोग सेहत के प्रति ज्यादा जागरूक नहीं है। लेकिन शहरों में भी यह अभियान तेजी से चलाया जा रहा है।
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झारखंड में मरीजों को मिलेगा कैंसर का सस्ता इलाज
सरकार कैंसर के इलाज के लिए जल्द ही मेडिकल साइक्लोट्राॅन सुविधा को शुरू करेगी। इससे पीईटी-सीटी केंद्रों को जरूरी आपूर्ति मिलेगी और कैंसर के इलाज का खर्च कम होगा। इस दिशा में टाटा ट्रस्ट पहले से ही सरायकेला, रांची और खूंटी में एक्टिव रूप से काम कर रहा है। झारखंड में कैंसर रोगियों के लिए पोषण संबंधी कार्यक्रम चलाने की संभावना पर भी टाटा ग्रुप काम करेगा। यह सुविधा टाटा की ओर से फिलहाल महाराष्ट्र में दी जा रही है। टाटा ट्रस्ट के सीईओ सिद्धार्थ शर्मा ने सुझाव दिया है कि झारखंड के सभी 24 जिलों में शुरुआती जांच और स्क्रीनिंग की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए निजी कंपनियों को अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत इस पहल का समर्थन करना चाहिए।
31 मार्च तक चलेगा स्क्रीनिंग अभियान
रांची में बढ़ती बीमारियों के प्रकोप को देखते हुए सरकार ने स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया है। जांच केंद्रों पर हाई बीपी, डायबिटीज, कैंसर आदि बीमारियों की जांच की जा रही है। यह अभियान 31 मार्च 2024 तक चलेगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से चलाया गया यह अभियान करीब 1.47 करोड़ लोगों को टार्गेट करने के लिए बनाया गया है। इससे 30 से ज्यादा उम्र के लोगों में ब्रेस्ट कैंसर, सर्विकल कैंसर, हाई बीपी, डायबिटीज जैसी बीमारियों की जांच हो सकेगी।
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image credit: tennews.in, sarvha.org