नाक में घी डालकर की जाती है 'घृत नेति' की क्रिया, एक्सपर्ट से जानें इसके 10 फायदे और सावधानियां

घृत नेति स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। इस क्रिया को करने से सांस से जुड़ी परेशानियां और अन्य समस्याओं को दूर किया जा सकता है।

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Jun 23, 2021Updated at: Jun 23, 2021
नाक में घी डालकर की जाती है 'घृत नेति' की क्रिया, एक्सपर्ट से जानें इसके 10 फायदे और सावधानियां

जल नेति की तरह की घृत नेति (Nasal Application of Medicated oil or Ghee) एक आयुर्वेदिक क्रिया है। इस क्रिया में मरीज के नाक में घी डाला जाता है। इससे स्वास्थ्य को कई लाभ होते हैं। दिल्ली के संजवनी क्लीनिक के आयुर्वेदाचार्य डॉ. एम मुफिक बताते हैं कि घृत नेति (Nasal Cleansing with Ghee) को साधारण भाषा में नक्य (Nasal Application of Medicated oil or Ghee)  कहा जाता है। इसके इस्तेमाल से कई तरह की बीमारियां दूर की जा सकती हैं। अस्थमा और सांस से जुड़ी अन्य बीमारियों को दूर करने के लिए घृत नेति क्रिया करने की सलाह दी जाती है। चलिए आयुर्वेदाचार्य से जानते हैं घृत नेति के बारे में विस्तार से-

घृत नेति के फायदे  (Benefits of Ghrita Neti)

घृत नेति, जलनेति और दुग्ध नेति की तरह ही हमारे लिए फायदेमंद होती है। यह क्रिया त्रिदोष जैसे वात, पित्त और कफ दोषों को संतुलित रखने में हमारी मदद करता है। इससे नाक से जुड़ी परेशानियां दूर की जा सकती है। साथ ही सांस और मानसिक समस्याओं को भी कम किया जा सकता है। खासतौर पर अस्थमा रोगियों के लिए घृत नेति काफी असरदार होता है।  चलिए जानते हैं इसके अन्य फायदे (Benefits of ghrita neti) क्या-क्या हैं?

इसे भी पढ़ें - सिर दर्द और साइनस जैसी समस्याएं जल नेति योग से होगी दूर, जानिए जल नेति करने का सही तरीका

1. मानसिक समस्या करे दूर

आयुर्वेदाचार्य मुफिक कहते हैं कि घृतनेति क्रिया में नाक के अंदर गाय का घी डाला जाता है। यह क्रिया पागलपन की परेशानियों को दूर करने में हमारी मदद करता है। अगर आप किसी तरह के मानसिक परेशानी से जूझ रहे हैं, तो अपने घर में किसी की मदद से घृत नेति करें। लेकिन ध्यान रखें कि नाक में ज्यादा घी नहीं डालना है।

2. नशा कम करने में असरदार

अगर कोई व्यक्ति को भाग या फिर गांजे का ज्यादा नशा चढ़ गया है, तो घृत नेति की मदद से नशा को दूर किया जाता है। इसलिए लिए आपको नाक में करीब 20 ग्राम गाय का घी डालने की आवश्यकता है। ध्यान रखें कि नाक में घी आपको धीरे-धीरे डालना है। एक साथ नाक में घी न डालें।

3. याददाश्त क्षमता बढ़ाए घृत नेति

डॉक्टर मुफिक का कहना है कि स्मरण शक्ति को बढ़ाने के लिए आप घृत नेति क्रिया अपना सकते हैं। इससे बच्चों और बड़ों की याददाश्त क्षमता बढ़ती है। गाय के शुद्ध घी की कुछ बूंदों को नाक में डालने से दिमाग फ्रेश रहता है, जिससे याददाश्त क्षमता बढ़ सकती है।

4. बाल झड़ने की परेशानी करे दूर

आयुर्वेदाचार्य मुफिक का कहना है कि गाय का घी नाक में डालने से कई रोग दूर हो सकते हैं। साथ ही इससे स्किन और बालों से जुड़ी परेशानियां भी दूर हो सकती हैं। अगर आप घृतनेति की क्रिया नियमित रूप से करते हैं, तो इससे बाल झड़ने की परेशानी दूर हो सकती है। गाय के घी में खई ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो बालों के लिए काफी अच्छे माने जाते हैं। यह पोषक तत्व बालों को झड़ने से रोक सकते हैं।

5.  खुश्की करे दूर

घृत नेति की मदद से खुश्कि की परेशानी को दूर किया जा सकता है। नियमित रूप से लगातार 1 सप्ताह तक नाक में गाय का शुद्ध घी डालने से खुश्की दूर होगी। साथ ही इससे आपका दिमाग भी फ्रेश फील करेगा।

6.  एलर्जी करे खत्म

अगर आप एलर्जी की परेशानी से दूर रहना चाहते हैं, तो नियमित रूप से घृत नेति की क्रिया को अपनाएं। इस क्रिया को अपने रुटीन में शामिल करने से एलर्जी की परेशानियों को कम किया जा सकता है। इससे सर्दी-जुकाम और एलर्जी में होने वाली अन्य परेशानी दूर हो सकती हैं।

इसे भी पढ़ें- क्या माइग्रेन या तेज सिरदर्द का कारण हाई ब्लड प्रेशर भी हो सकता है?

7. आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंद

गाय के घी को नाक में डालने से आंखों की रोशनी अच्छी होती है। घृतनेति की क्रिया को नियमित रूप से अपनान से बढ़ती उम्र में होने वाली आंखों की सभी परेशानियों को दूर किया जा सकता है। आंखों की रोशनी को बढ़ाने के लिए रात के समय घृतनेति क्रिया करें। यह आपके लिए सबसे बेहतर हो सकता है।

8. सिर दर्द से दिलाए राहत

माइग्रेन और सिरदर्द की समस्या को दूर करने में घृत नेति असरदार हो सकता है। इसके लिए आपको सुबह और शाम गाय के घी को अपने नाक में डालना है। इससे सिर दर्द की परेशानी से तुरंत राहत मिल सकता है।

9. लकवा रोगों का करे उपचार

आयुर्वेदाचार्य मुफिक का कहना है कि घृतनेति लवका रोगियों के लिए भी असरदार होता है। इस क्रिया के करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जो लकवा रोगियों के लिए काफी फायदेमंद है। अगर लकवा रोगियों को नियमित रूप से घृतनेति कराई जाए, तो इससे काफी हद तक उनकी परेशानी दूर हो सकती है।

10. नकसीर की परेशानी से राहत

घृतनेति करने से नकसीन यानि नाक में खून निकलने की परेशानी से राहत पाया जा सकता है। नकसीर की परेशानी अधिकतर लोगों को गर्मियों के सीजन में होती है। ऐसे में अगर आपको नकसीर की समस्या है, तो गर्मी का सीजन शुरू होते ही आप घृत नेति की क्रिया कर सकते हैं। 

इसे भी पढ़ें - वरुण का पौधा है इन 8 बीमारियों का आयुर्वेदिक इलाज, एक्सपर्ट से जानें इसके फायदे, नुकसान और प्रयोग

क्या घर में कर सकते हैं घृत नेति?

इस बारे में आयुर्वेदाचार्य मुफिक बताते हैं कि घृतनेति को घर में भी किया जा सकता है। इसके लिए आपको किसी विशेष एक्सपर्ट की जरूरत नहीं है। घृत नेति करने के लिए 1 बड़े से चम्मच में गाय का घी लें। अब इसे हल्का सा गर्म करें। इसके बाद एक समतल बिस्तर पर लेट जाएं और रुई या फिर किसी ट्यूब की मदद से घी को अपने नाक में डालें। ध्यान रखें कि जल नेति की तरह इसमें ज्यादा घी नहीं लेना है। इस क्रिया में आपको नाक के अंदर कम ही घी डालना है। नाक में घी डालने के बाद गहरी सांस लें। बाद में कुछ देर आराम करें। इस क्रिया में घी आपके नाक से खुद-ब-खुद बाहर निकल जाएगा। इसे जबरदस्ती बाहर निकालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

घृत नेति के नुकसान (Side Effects of Ghrita Neti)

आयुर्वेदाचार्य मुफिक का कहना है कि घृत नेति में जल नेति की तरह ज्यादा घी नाक में नहीं डालना होता है। अगर आप नाक में ज्यादा घी डाल लेते हैं, तो इससे आपको कई तरह के साइड-इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। जैसे-

  • सिरदर्द बढ़ना
  • उल्टी-दस्त
  • जी मिचलाना
  • उल्टी की परेशानी हो सकती है। 

ध्यान रखें कि घृत नेति को आप अपने घर में करने के दौरान किसी को अपने साथ रखें। ताकि किसी तरह की परेशानी होने पर वह आपकी मदद कर सके। इस दौरान आपको अपने नाक में ज्यादा घी नहीं डालना है। ताकि इसके साइड-इफेक्ट्स से बचा जा सके। घृत नेति करने से पहले किसी एक्सपर्ट से राय लें, ताकि आपको पता चल सके कि कितनी मात्रा और कितने दिनों तक घृत नेति करना आपके लिए सही है। 

Read More Articles on ayurveda in hindi 

Disclaimer