Expert

गणेश उत्सव के ये 5 पारंपरिक व्यंजन हैं सेहतमंद, जानें इनमें छुपे फायदे

गणेश उत्सव के 5 पारंपरिक व्यंजन जो स्वाद के साथ सेहत भी देते हैं। जानें ज्वार पूरन पोली, रागी मोदक, चना सुंदल जैसे व्यंजनों के फायदे।
  • SHARE
  • FOLLOW
गणेश उत्सव के ये 5 पारंपरिक व्यंजन हैं सेहतमंद, जानें इनमें छुपे फायदे


गणेश उत्सव (Ganesh Utsav 2025) शुरू हो चुका है। इस दौरान न केवल पूजा और आराधना का विशेष महत्व होता है, बल्कि घर-घर में तरह-तरह के पारंपरिक व्यंजन भी बनाए जाते हैं। यह त्योहार केवल भक्ति और आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य और परंपरा के अद्भुत संगम का भी संदेश देता है। ज्यादातर लोग मानते हैं कि त्योहारों पर बनने वाले पकवान सिर्फ स्वाद के लिए होते हैं, लेकिन सच यह है कि इन व्यंजनों में छुपे पोषक तत्व हमारी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। खासकर जब इन पारंपरिक पकवानों को हेल्‍दी अनाज जैसे ज्वार, रागी और प्रोटीन से भरपूर दालों के साथ बनाया जाता है। ये व्यंजन न सिर्फ स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि एनर्जी, पाचन और इम्‍यून‍िटी को भी मजबूत करते हैं। आइए जानते हैं गणेश उत्सव के 5 हेल्‍दी व्यंजन, जिनमें छुपे हैं बेहतरीन सेहत के राज। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ, व‍िकास नगर में स्‍थ‍ित‍ न्‍यूट्र‍िवाइज क्‍लीन‍िक की न्‍यूट्र‍िशन‍िस्‍ट नेहा स‍िन्‍हा से बात की।

1. ज्वार-मिलेट से बनी पूरन पोली- Jowar-Millet Puran Poli

puran-poli-health-benefits

ज्वार और अन्य मिलेट्स से बनी पूरन पोली पारंपरिक गेहूं की पूरन पोली से ज्यादा पौष्टिक होती है। इसमें फाइबर भरपूर होता है, जो पाचन को सही रखता है और ब्लड शुगर लेवल को भी कंट्रोल करता है। ज्वार-मिलेट से बनी पूरन पोली में आयरन होता है, ज‍िससे शरीर में कमजोरी और सुस्‍ती की समस्‍या दूर होती है।

इसे भी पढ़ें- बिना तेल-घी के भी बना सकते हैं गणेश जी का भोग, डाइटिशियन से जानें 3 लो-फैट रेसिपीज

2. चना सुंदल- Chana Sundal For Protein and Fiber

चना सुंदल, दक्षिण भारत का लोकप्रिय व्यंजन है। उबले हुए चने में नारियल, करी पत्ते और हल्के मसालों का तड़का इसे स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाता है। यह प्रोटीन और फाइबर का बढ़िया स्रोत है जो पाचन को सही रखता है और लंबे समय तक शरीर को एनर्जी भी देता है।

3. रागी मोदक- Ragi Modak Rich In Calcium And Iron

modak-health-benefits

रागी, जिसे फिंगर मिलेट कहा जाता है, कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत है। इससे बने मोदक बच्चों और बड़ों दोनों की हड्डियों को मजबूत करते हैं। इसमें मौजूद आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन को बढ़ाता है और को थकान के लक्षणों को दूर करता है।

4. स्टीम्ड मोदक- Steamed Modak for Low Fat Nutrition

स्टीम्ड मोदक में कम तेल होता है और यह आसानी से पचने वाला व्यंजन है। चावल के आटे और गुड़-नारियल के म‍िश्रण से बने ये मोदक कार्बोहाइड्रेट, मिनरल्स और हेल्दी फैट्स का अच्छा मिश्रण हैं। यह स्वाद के साथ सेहत भी देते हैं। इन्‍हें गणेशोत्सव में खा सकते हैं।

5. सूखे मेवे के लड्डू- Dry Fruits Ladoo For Immunity and Energy

त्योहार के दौरान सूखे मेवों से बने लड्डू, एनर्जी का बेहतरीन स्रोत हैं। इनमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन और मिनरल्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और लंबे समय तक एक्टिव रखते हैं।

निष्कर्ष:
गणेश उत्सव केवल भक्ति और उल्लास का नहीं, बल्कि परंपरागत खान-पान से स्वास्थ्य को संवारने का भी अवसर है। ज्वार-मिलेट पूरन पोली, रागी मोदक, चना सुंदल और अन्य पौष्टिक व्यंजन न केवल स्वाद को बढ़ाते हैं बल्कि शरीर को एनर्जी और ताकत भी देते हैं। इस बार गणेशोत्सव में इन हेल्दी पारंपरिक व्यंजनों को जरूर शामिल करें और त्योहार के स्वाद के साथ सेहत का भी आनंद लें।

उम्मीद करते हैं क‍ि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।

Read Next

क्या हम सर्जरी के बाद मूंग दाल खा सकते हैं? डॉक्टर से जानें

Disclaimer

TAGS