Signs of Gonorrhea: सेक्सुअल हाइजीन अवॉइड करने से कई सेक्सुअल डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। सेक्सुअल डिजीज यानी यौन संचारित बीमारियां शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आने से होती हैं। इनमें ही शामिल है गोनोरिया की समस्या। आम बोलचाल की भाषा में इसे सुजाक भी कहा जाता है। गोनोरिया को एसटीडी, एसटीआई और यौन रोग भी कहा जाता है। यह रोग महिला और पुरुष दोनों में पाया जाता है। लेकिन महिला और पुरुष दोनों में इसके लक्षण अलग-अलग होते हैं। महिलाओं में इसके लक्षणों को समझना काफी मुश्किल हो सकता है। महिलाओं में गोनोरिया के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं। इस बारे में जानने के लिए हमने एलांटिस हेल्थकेयर (नई दिल्ली) के ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी और चेयरमेन डॉ. मनन गुप्ता से बात की। आइए लेख में एक्सपर्ट से जानें महिलाओं में गोनोरिया के शुरुआती लक्षण कैसे पहचानें।
पहले जानें गोनोरिया क्या है? What is Gonorrhea
गोनोरिया एक यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) है, जो नीसेरिया गोनोरिया बैक्टीरिया के कारण होता है। कई महिलाओं में इसके शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते हैं, जिससे बिना जांच के इसका पता लगाना मुश्किल हो जाता है। हालांकि, कुछ शुरुआती लक्षण संक्रमण होने के कुछ दिनों से लेकर हफ्तों के अंदर दिखाई देने लगते हैं।
इसे भी पढ़ें- क्या यौन संचारित बीमारियों (STDs) के कारण UTI हो सकता है? जानें डॉक्टर से
महिलाओं में गोनोरिया (सुजाक) के शुरुआती लक्षण- Signs and Symptoms of Gonorrhea In Female
वजाइनल डिस्चार्ज के रंग में बदलाव
गोनोरिया के शुरुआती लक्षणों में सबसे आम लक्षण वजाइनल डिस्चार्ज के रंग में बदलाव होता है। ऐसे में पीले या हरे रंग का वजाइनल डिस्चार्ज हो सकता है। ऐसे में वजाइनल डिस्चार्ज नॉर्मल दिनों से अलग नजर आने लगता है। इस लक्षण को नजरअंदाज करने से इंफेक्शन तेजी से फैल सकता है।
पेशाब करते समय जलन
गोनोरिया होने पर महिला को पेशाब करते समय जलन महसूस हो सकती है। इसे कई लोग यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन भी समझ बैठते हैं। लेकिन इसका पता चेकअप के बाद ही लगाया जा सकता है। बार-बार पेशाब आना या पेशाब करने की इच्छा बढ़ना भी गोनोरिया के शुरुआती लक्षणों में शामिल है।
इसे भी पढ़ें- असुरक्षित यौन संबंध से फैलता है गोनोरिया (Gonorrhea) रोग, डॉक्टर से जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय
सेक्स के दौरान दर्द होना
गोनोरिया के कारण सेक्सुअल ड्राइव पर भी असर नजर आता है। ऐसे में, कुछ महिलाओं को सेक्स के दौरान दर्द या पेट व पेल्विक एरिया डिस्कंफर्ट भी महसूस हो सकता है।
हैवी मेंस्ट्रुअल ब्लीडिंग
कई बार गोनोरिया के लक्षणों का पता पीरियड्स के दौरान लगता है। इसके कारण महिला को हैवी मेंस्ट्रुअल ब्लीडिंग या पीरियड्स के दौरान स्पॉटिंग भी हो सकती है। अगर इंफेक्शन फैल जाता है, तो इस कारण परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है। ऐसे में यह पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज या इनफर्टिलिटी की वजह भी बन सकता है।
एक्सपर्ट टिप
गोनोरिया के शुरुआती लक्षणों का कई बार पता नहीं चल पाता है। क्योंकि, लक्षण हल्के होने से कई मामलों में इन्हें पहचानना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में रेगुलर एसटीआई चेकअप करवाना जरूरी है। इसके शुरुआती लक्षणों को समझकर बीमारी को फैलने से बचाया जा सकता है। साथ ही, एंटीबायोटिक दवाओं और सही ट्रीटमेंट से इस समस्या से छुटकारा भी पाया जा सकता है।