मैग्नीशियम एक बेहद जरूरी खनिज है, जो शरीर में 300 से ज्यादा एंजाइम की प्रतिक्रियाओं में मदद करता है। यह मांसपेशियों के सही संचालन, नसों की कार्यप्रणाली, हड्डियों की मजबूती और दिल की धड़कन को सामान्य बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसके अलावा, यह खनिज शरीर के लिए एनर्जी बनाने और प्रोटीन एब्सॉर्ब होने जैसी बुनियादी प्रक्रियाओं के लिए भी जरूरी है। हालांकि, यह सवाल अक्सर उठता है कि क्या ब्लड टेस्ट से शरीर में मैग्नीशियम की सही स्थिति का पता लगाया जा सकता है। ब्लड टेस्ट, जिसे आमतौर पर सीरम मैग्नीशियम टेस्ट कहा जाता है, शरीर में मौजूद मैग्नीशियम के स्तर की जांच का सबसे आसान तरीका है। लेकिन ब्लड टेस्ट हमेशा मैग्नीशियम की सही स्थिति का अनुमान नहीं देता। इस लेख में हम जानेंगे कि ब्लड टेस्ट क्यों सीमित है और शरीर में मैग्नीशियम की सही मात्रा जानने के लिए किन तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने लखनऊ के केयर इंस्टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फिजिशियन डॉ सीमा यादव से बात की।
सीरम मैग्नीशियम टेस्ट- Serum Magnesium Test
ब्लड टेस्ट, जिसे सीरम मैग्नीशियम टेस्ट कहा जाता है, शरीर में मैग्नीशियम की मात्रा को मापने का एक आम तरीका है। लेकिन यह टेस्ट केवल उस मैग्नीशियम को मापता है जो खून में मौजूद है, जबकि शरीर के 99 प्रतिशत मैग्नीशियम हड्डियों, मांसपेशियों और कोशिकाओं में मौजूद होता है। खून में केवल 1 प्रतिशत मैग्नीशियम होता है, जो शरीर में मैग्नीशियम की कुल स्थिति का सही अनुमान नहीं देता।
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मैग्नीशियम की मात्रा जानने के लिए ब्लड टेस्ट क्यों है सीमित?- Why is Blood Test Limited
- सीरम मैग्नीशियम टेस्ट केवल तुरंत वाले ब्लड लेवल को मापता है और यह नहीं बताता कि कोशिकाओं या हड्डियों में मैग्नीशियम की स्थिति क्या है।
- शरीर, खून में मैग्नीशियम स्तर को स्थिर रखने के लिए कोशिकाओं और हड्डियों से इसे खींच सकता है, जिससे टेस्ट सामान्य दिख सकता है।
- शुरुआती मैग्नीशियम की कमी का पता इस टेस्ट से लगाना मुश्किल होता है, क्योंकि ब्लड लेवल अक्सर लंबे समय तक सामान्य रहता है।
मैग्नीशियम की कमी का पता कैसे लगाएं?- How To Detect Magnesium Deficiency
मैग्नीशियम की कमी के लक्षण, जैसे मांसपेशियों में ऐंठन, थकान, सिरदर्द या हृदय गति में अनियमितता, इसके स्तर को जांचने की जरूरत का संकेत देते हैं। ऐसे मामलों में, डॉक्टर अन्य परीक्षण जैसे आरबीसी मैग्नीशियम टेस्ट या मैग्नीशियम लोडिंग टेस्ट का सुझाव दे सकते हैं। ये टेस्ट कोशिकाओं के अंदर मौजूद मैग्नीशियम की स्थिति का बेहतर अनुमान देते हैं।
ब्लड टेस्ट कब फायदेमंद है?- When Blood Test is Beneficial
हालांकि यह टेस्ट पूरी जानकारी नहीं देता, लेकिन यह कुछ स्थितियों में फायदेमंद हो सकता है-
- जब मैग्नीशियम का स्तर गंभीर रूप से कम हो।
- किडनी या हार्मोनल असंतुलन जैसी स्थितियों की पहचान के लिए।
- मैग्नीशियम सप्लीमेंट लेने वाले मरीजों की प्रगति पर नजर रखने के लिए।
मैग्नीशियम की कमी से कैसे बचें?- Magnesium Deficiency Prevention
- चूंकि शरीर में मैग्नीशियम स्तर को बनाए रखना जरूरी है, इसे आहार की मदद से पूरा करना सबसे अच्छा तरीका है।
- हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स, बीज, और साबुत अनाज मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हैं।
ब्लड टेस्ट शरीर में मैग्नीशियम की सही स्थिति का पूरा अनुमान नहीं देता, क्योंकि यह केवल खून में मौजूद मैग्नीशियम को मापता है। ज्यादा सटीक परिणामों के लिए सही परीक्षण और लक्षणों का पता लगाना जरूरी है।
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