Fri Sep 11, 2026 | 08:24 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

क्या पीरियड्स में महिलाओं को ज्यादा खाना खाने की जरूरत होती है? मानें डॉक्टर की सलाह

पीरियड्स में महिलाओं को ज्यादा खाने की जरूरत नहीं होती है। हालांकि, इन दिनों महिलाओं में क्रेविंग बढ़ जाती है। सवाल है, ऐसे में क्या करना चाहिए? जानें, इस लेख में।

आपने सुना होगा कि पीरियड्स में महिलाओं को कुछ न कुछ खाने की क्रेविंग बनी रहती है। असल में पीरियड्स के दौरान महिलाओं में हार्मोनल बदलाव काफी ज्यादा होते हैं और एस्ट्रोजन का स्तर हाई होता है। ऐसे में खाने की क्रेविंग का बढ़ना हैरानी की बात नहीं है, लेकिन कई महिलाओं में मन में यह सवाल भी उठता है कि क्या पीरियड्स में महिलाओं को ज्यादा खाने की जरूरत भी होती है? क्या इस बात में किसी भी तरह की सच्चाई है? आइए, जानते हैं Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता क्या कहते हैं।

क्या पीरियड्स में महिलाओं को ज्यादा खाने की जरूरत होती है?- Do Women Need To Eat More On Their Period

do women need to eat more on their period 1 (7)

डॉ. शोभा इस बात को स्पष्ट करती हैं कि पीरियड्स के दिनों में महिलाओं को अतिरिक्त खाना खाने की जरूरत नहीं होती है। हालांकि, इस दौरान महिलाओं की क्रेविंग बढ़ जाती है, जिस वजह से महिलाएं ओवर ईटिंग कर बैठती हैं। ऐसा हार्मोनल बदलाव की वजह से होता है, जिसका जिक्र हमने लेख के शुरू में किया है। डॉ. शोभा आगे सलाह देती हैं, "पीरियड्स के दिनों में महिलाओं को कैलोरी इनटेक पर ज्यादा जोर नहीं देना चाहिए। इसके बजाय, उन्हें पोषक तत्वों से भरपूर मील लेनी चाहिए। इसमें आयरन रिच फूड, ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइबर जैसे तत्वों को शामिल कर सकते हैं।" कुल मिलाकर, कहने की बात ये है कि पीरियड्स में क्रेविंग हो, तो उसे कंट्रोल करने की जरूरत नहीं हैं। सीमित मात्रा में हेल्दी डाइट लेना आपके लिए लाभकारी हो सकता है।

इसे भी पढ़ें: पीरियड्स के दौरान डाइट में जरूर शामिल करें ये 5 फूड्स, शरीर में बनी रहेगी एनर्जी

पीरियड्स में किस तरह की डाइट लें

  • आयरन रिच फूड लेंः पीरियड्स में फूड क्रेविंग हो रही है, तो आप जंक या फास्ट फूड खाने से बचें। इस दौरान आयरन रिच फूड खाने पर जोर दें। असल में, पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग होती है। ऐसे में आयन लॉस होने लगता है। इसे मैनेज करने के लिए आप मछली, अंडे, हरी सब्जियां, काजू जैसी चीजें खाएं।
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड लेंः पीरियड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड लेना भी लाभकारी होता है। इस तरह का तत्व फैटी फिश में मिलते हैं। इसका सेवन करने से पीरियड्स में हो रही क्रैंपिंग में कमी आती है और डाइजेशन में भी सुधार होता है। ओमेगा-3 फैटी के लिए आप चिया सीड्स, अखरोट जैसी चीजों को डाइट में शामिल कर सकते हैं।
  • फाइबर रिच फूड लेंः पीरियड्स के दिनों में कई महिलाओं को कब्ज जैसी समस्या होती है। ऐसे में महिलाओं को फाइबर युक्त फूड लेना चाहिए। इसेस पेट की ब्लोटिंग, दर्द, ऐंठन जैसी समस्याओं में कमी आती है। साथ ही, क्रेविंग भी कम होती है। यही नहीं, फाइबर युक्त फूड खाने से आप बाद में ओवर ईटिंग से भी बच जाते हैं।

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पीरियड्स क्रेविंग में क्या न खाएं?

  1. सॉल्टी स्नैक्स न खाएं। इससे ब्लोटिंग बढ़ सकती है और पेट में दर्द भी हो सकता है
  2. पीरियड्स में बहुत ज्यादा मीठा खाने से बचें। इससे एनर्जी को स्तर घट सकता है, जिससे आपको थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।
  3. पीरियड्स में क्रेविंग कम करने के लिए कभी भी कैफीन का सेवन न करें। इससे बॉडी डिहाइड्रेट होती है, नींद प्रभावित होती है और मूड स्विंग्स भी हो सकते हैं।
  4. इन दिनों प्रोसेस्ड फूड खाना भी सही नहीं होता है। इससे बॉडी में सूजन आ सकती है और लक्षण भी बिगड़ सकते हैं।

निष्कर्ष

पीरियड्स के दिनों में किसी भी महिला को अतिरिक्त खाने की जरूरत नहीं है। हां, इन दिनों क्रेविंग बढ़ जाती है। कई महिलाएं इस स्थिति में जंक या फास्ट फूड ज्यादा खा लेती हैं। इससे वेट गेन का रिस्क भी बढ़ जाता है। इसलिए, महिलाओं को इन दिनों सीमित मात्रा में हेल्दी चीजों का सेवन करना चाहिए। इससे उनके बॉडी में पर्याप्त पोषक तत्व बने रहते हैं, जिससे उन्हें थकान या कमजोरी जैसी समस्या नहीं होती हैं।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Nov 04, 2025 19:21 IST

    Modified By : Meera Tagore
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