बच्चे की देखभाल केवल उसके खानपान या नींद तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसकी नाजुक स्किन की सुरक्षा भी उतनी ही अहम है। नवजात शिशु की स्किन वयस्कों की तुलना में कहीं ज्यादा कोमल, पतली और सेंसिटिव होती है। यही कारण है कि यह जल्दी ड्राई हो जाती है, बाहरी प्रदूषण का असर जल्दी झेलती है और एलर्जी या रैश जैसी समस्याओं का खतरा भी ज्यादा रहता है। बहुत से माता-पिता यह मान लेते हैं कि बच्चों को किसी खास स्किनकेयर रूटीन की जरूरत नहीं होती और केवल पानी से नहलाना पर्याप्त है। इस लेख में सरीन स्किन क्लीनिक, दिल्ली के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. अंकुर सरीन (Dr. Ankur Sarin, Sarin Skin Clinic, Delhi) से जानिए, क्या शिशुओं को भी स्किनकेयर रूटीन की जरूरत होती है?
क्या शिशुओं को भी स्किनकेयर रूटीन की जरूरत होती है? - Do Babies Need Skincare Routine
सरीन स्किन क्लीनिक के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. अंकुर सरीन बताते हैं, ''बेबी स्किन वयस्कों की तुलना में ज्यादा पतली, छिद्रदार (porous) होती है और तेजी से नमी खो देती है। इसका प्रोटेक्टिव बैरियर अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुआ होता, इसलिए सफाई और मॉइश्चराइजिंग बच्चे की स्किन की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।'' आइए जानते हैं कि शिशु के लिए स्किनकेयर रूटीन क्यों और कैसे अपनाना चाहिए।
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शिशु की स्किनकेयर रूटीन में क्या शामिल होना चाहिए? - What is the best skin care routine for babies
1. साफ-सफाई - Cleansing
दिन में एक बार हल्के गुनगुने या ताजे पानी और माइल्ड क्लींजर से नहलाएं। रोजाना पूरे शरीर की सफाई जरूरी नहीं, लेकिन डायपर एरिया और चेहरे की सफाई जरूरी है।
2. मॉइश्चराइजिंग - Moisturizing
नहलाने के तुरंत बाद बेबी लोशन या तेल से हल्की मालिश करें। इससे स्किन का नेचुरल मॉइश्चर लॉक होता है और ड्राईनेस से बचाव होता है।
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3. सन प्रोटेक्शन - Sun Protection
छह महीने से छोटे बच्चों को सीधे धूप में न ले जाएं। बड़े बच्चों के लिए डॉक्टर की सलाह से बेबी-सेफ सनस्क्रीन का इस्तेमाल किया जा सकता है।
4. डायपर केयर - Diaper Care
डायपर हर 3–4 घंटे में बदलें। स्किन को हल्के वाइप्स या गुनगुने पानी से साफ कर डायपर क्रीम लगाएं।
5. मालिश - Massage
मॉइश्चराइजिंग के साथ-साथ हल्की मालिश से बच्चे की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और नींद भी अच्छी आती है।
भारत में परंपरागत रूप से बेसन, हल्दी, दही या उबटन से बच्चों की सफाई की जाती रही है। हालांकि, हर बच्चे की त्वचा इतनी चीजें बर्दाश्त नहीं कर पाती। कुछ शिशुओं में बेसन और हल्दी से ड्राईनेस या रैश हो सकते हैं। डॉ. अंकुर सरीन कहते हैं, 'बहुत छोटे बच्चों पर घरेलू नुस्खे अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।''
निष्कर्ष
शिशुओं की त्वचा बेहद नाजुक और संवेदनशील होती है। इसका नचुरल बैरियर पूरी तरह विकसित नहीं होने के कारण इसे अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। केवल पानी से सफाई करना पर्याप्त नहीं है। नियमित रूप से हल्के क्लींजर, मॉइश्चराइजर और डायपर केयर के साथ-साथ सही सन प्रोटेक्शन और मालिश भी जरूरी है। एक सरल और सुरक्षित बेबी स्किनकेयर रूटीन बच्चे को न सिर्फ हेल्दी स्किन देता है बल्कि उसे इंफेक्शन और एलर्जी से भी बचाता है।
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