पीएम मोदी ने की डिजिटल हेल्थ मिशन की शुरुआत, जानें क्यों जरूरी है हेल्थ कार्ड, इसे बनवाने का तरीका और फायदे

पीएम मोदी हेल्थ आईडी कार्ड बनवाने से आपको किसी भी बीमारी के इलाज में आसानी होगी। ऐसे में तमाम रिपोर्ट्स, पर्चों और बिल के झंझटों से छुटकारा मिलेगा। 

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Sep 27, 2021
पीएम मोदी ने की डिजिटल हेल्थ मिशन की शुरुआत, जानें क्यों जरूरी है हेल्थ कार्ड, इसे बनवाने का तरीका और फायदे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रधानमंत्री डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (digital swasthya mission) की शुरुआत की है। इस योजना के तहत हर भारतीय डिजिटल हेल्थ कार्ड के जरिए देश में हेल्थकेयर सर्विस देने वाले संस्थानों तक आसानी से पहुंच पाएगा। इस पहल की सबसे खास बात ये होगी कि डिजिटल हेल्थ कार्ड (PM Modi Health ID Card) में आपके सारे मेडिकल डिटेल्स होंगे और बीमार पड़ने पर आपको पुराने इलाज की रिपोर्ट और पर्ची लेकर नहीं घूमना होगा। दरअसल, इस कार्ड में आपके स्वास्थ्य और इलाज से जुड़ी सारी जानकारी होगी जिसके जरिए डॉक्टर तुरंत जान लेंगे कि पहले आपको कौन-कौन सी बीमारी थी, कहां, कब और क्या इलाज हुआ और अब क्या और कैसे इलाज होना चाहिए। इसी तरह प्रधानमंत्री के इस हेल्थ केयर मिशन के कई फायदे और भी हैं। तो, आइए सबसे पहले जानते हैं डिजिटल हेल्थ मिशन और पीएम मोदी हेल्थ आईडी कार्ड क्या है? फिर जानेंगे इससे बनवाने और इस्तेमाल का तरीका और फायदे। 

inside1healthcaremission

क्या है डिजिटल हेल्थ मिशन -What is Digital Health Mission?

राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (national digital health mission), आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रधान मंत्री मोदी का एक पायलट प्रोजेक्ट है। इसकी घोषणा प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त, 2020 को लाल किले की प्राचीर से की थी। इस मिशन के तहत हर भारतीय का हेल्थ आईडी बनाने और स्वास्थ्य से जुड़ी हर सुविधाओं पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही इसमें डॉक्टरों, अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए काम करने में आसानी सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है। इस मिशन के तहत ये पीएम मोदी हेल्थ आईडी कार्ड (PM Modi Health ID Card) बनाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसकी शुरुआत आज पीएम मोदी ने की। 

इसे भी पढ़ें : कोरोना की वैक्सीन लगवाने के 20 दिन के भीतर दिखें ये लक्षण तो हो जाएं अलर्ट, खतरे का हैं संकेत

पीएम मोदी हेल्थ आईडी कार्ड क्या है - PM Modi Health ID Card

हेल्थ आईडी कार्ड (PM Modi Health ID Card) मिशन के तहत प्रत्येक भारतीय को एक खास 14-अंक की आईडी संख्या मिलेगी जो कि पूरे भारत में कहीं भी काम करेगी।  इसमें हर व्यक्ति का पूरा मेडिकल डेटा होगा और इससे अस्पताल, क्लीनिक और डॉक्टर्स को एक सेंट्रल सर्वर से लिंक के जरिए जोड़ा जाएगा। यानी आप देश के किसी भी कोने में रहें और कहीं पर भी जा कर बिना असुविधा के अपना आगे का इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए इसमें अस्पताल, क्लीनिक और डॉक्टर भी रजिस्टर होंगे। यह मिशन भारतीय नागरिकों को हेल्थ सर्विसेज को आसानी से एक्सेस और एक्सचेंज करने में भी मदद करेगी। 

हेल्थ आईडी कार्ड कैसे बनवाएं-How to apply for health id card

-सबसे पहले, आपको nha.gov.in पर जाना होगा। 

-अब यहां क्रिएट हेल्थ आईडी (Create health Id) ऑप्शन पर क्लिक करें।

-आपके कंप्यूटर स्क्रीन पर एक नया पेज खुलेगा।

-फिर “अपनी स्वास्थ्य आईडी अभी बनाएं (Create your Health ID Now)” विकल्प पर क्लिक करें।

-अब आपके कंप्यूटर स्क्रीन पर दो विकल्प होंगे जैसे कि आधार कार्ड के माध्यम से आईडी जनरेट करें या फिर मोबाइल नंबर के माध्यम से जनरेट करें।

-अगर आप आधार कार्ड के माध्यम से बनाना चाहते हैं तो इसे चुनें और अगर आप मोबाइल नंबर के माध्यम से बनाना चाहते हैं तो उसे चुनें।

-अब बॉक्स में अपना आधार नंबर या मोबाइल नंबर भरें।

-आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी नंबर आएगा, उसे सही से भरें।

-वहां पर पीएम मोदी हेल्थ आईडी कार्ड रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुल जाएगा।

-सभी अनिवार्य विवरण भरें और प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सबमिट बटन पर क्लिक करें। इस तरह आपका हेल्थ आईडी कार्ड बन जाएगा।  

इसे भी पढ़ें :  अक्टूबर-नवंबर में बढ़ सकते हैं कोरोना के मामले, केंद्र सरकार ने राज्यों को दिया अल्टीमेटम

हेल्थ आईडी कार्ड के फायदे-Benefits of PM Modi Health ID Card

-हेल्थ आईडी कार्ड का सबसे पहला फायदा ये है कि आपको अब इलाज करवाने के लिए जगह-जगह रिपोर्ट्स और पर्चियों के साथ नहीं घूमना पड़ेगा। 

-डिजिटल हेल्थ आईडी का उपयोग वन-स्टॉप एक्सेस के रूप में किया जाएगा, जिसके माध्यम से आप अपने सभी स्वास्थ्य रिकॉर्ड अपने किसी भी डॉक्टर और स्वास्थ्य केंद्र को प्रदान कर सकते हैं। 

-चूंकि भारत सरकार मिशन का स्वामित्व और संचालन करती है, इसलिए सरकार आपकी जानकारी का रिकॉर्ड यानी कि अस्पताल में एडमिट होने से लेकर इलाज और डिस्चार्ज

तक की सभी जानकारी अपने क्लाउड में रखेगी। 

-साथ ही स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को भी आपके स्वास्थ्य आईडी अंकों के माध्यम से आसानी से सारी जानकारी मिल जाएगी और बीमा का लाभ उठाने में आपको देरी नहीं होगी। 

-18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के माता-पिता उनका आईडी कार्ड बनवा सकते हैं। 

-इससे आपको किसी भी बीमारी और कहीं भी इलाज करवाने में आसानी होगी।

-साथ ही समय-समय से आप इसमें अपने मेडिकल डिटेल्स को अपडेट कर सकते हैं। 

-लोगों अपने आईडी के तहत अपने पेपर रिकॉर्ड अपलोड भी कर सकते हैं। 

-ऑनलाइन इलाज, प्रिस्क्रिप्शन, टेलीमेडिसिन, डिजी डॉक्टर, ई-फार्मेसी और पर्सनल हेल्थ रिकार्ड्स जैसी सुविधाएं यहां उपलब्ध होंगी। 

वैसे अभी सरकार मे इसे सबके लिए अनिवार्य नहीं किया है पर सरकार की कोशिश है कि धीरे-धीरे हर कोई इस सिस्टम में आ जाए, जिससे व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड रखना आसान हो जाएगा। साथ ही सरकार चाहती है कि तमाम स्वास्थ्य सेवा संस्थाएं, हॉस्पिटल और डॉक्टर सब इस पर वन स्टॉप प्लेटफॉर्म की तरह उपलब्ध हो ताकि हर भारतीय को अच्छे स्वास्थ्य का अधिकार मिल सके और सभी के लिए इलाज सुविधाजनक और आसान हो सके।

Image source: Google images

Read more articles on Health-News in Hindi

Disclaimer