देर तक बैठे रहने से हिप्स हो जाते हैं सुन्न तो आपको हो सकता है 'डेड बट सिंड्रोम', जाने बचाव के टिप्स

लगातार काफी समय तक एक ही जगह बैठे रहने से कूल्हों का सुन्न हो जाना हो सकता है डेड बट सिंड्रोम, जानें इस बीमारी के बारे में।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghUpdated at: Sep 08, 2021 13:33 IST
देर तक बैठे रहने से हिप्स हो जाते हैं सुन्न तो आपको हो सकता है 'डेड बट सिंड्रोम', जाने बचाव के टिप्स

आज के समय की जीवनशैली में लोग लगभग 8 से 9 घंटे या उससे अधिक समय के लिए लगातार बैठकर काम करते ही हैं। चाहे ऑफिस हो या घर काम के प्रेशर की वजह से लोगों को लगातार कई घंटों तक एक ही जगह बैठकर काम करना पड़ता है। इस वजह से लोगों कई प्रकार की शारीरिक समस्याएं भी हो जाती हैं। जब से लोग कोरोनावायरस महामारी के कारण ऑफिस जाने की बजाय घर से काम कर रहे हैं तब से कई तरह की मानसिक समस्याओं का दायरा भी बढ़ा है। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया था कि लगातार काफी समय के लिए बैठकर काम करने से हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा आप में से कई लोगों ने लगातार एक ही जगह बैठकर काम करने की वजह से कूल्हों के सुन्न होने की समस्या का सामना किया होगा। दरअसल जब आप कुर्सी या किसी अन्य चीज पर लगातार घंटों तक बैठकर काम करते हैं तो यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है। कूल्हों के सुन्न होने के अलावा आपने पीठ दर्द और गर्दन दर्द की समस्या का भी सामना किया होगा। दरअसल ये समस्याएं एक बीमारी के कारण होती हैं जिसका नाम डेड बट सिंड्रोम (Dead Butt Syndrome) है। डेड बट सिंड्रोम को Gluteal Amnesia भी कहते हैं। हालांकि इसे कोई गंभीर बीमारी नहीं माना जाता है लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स यह मानते हैं कि अगर समय रहते इस समस्या का निदान नहीं हुआ तो आगे चलकर आपके कूल्हों के आसपास के हिस्से में कमजोरी की समस्या हो सकती है।

क्या है डेड बट सिंड्रोम? (What is Dead Butt Syndrome?)

घंटों तक एक जगह पर बैठने से हिप्स और उसके आसपास के हिस्से का सुन्न या निष्क्रिय हो जाना डेड बट सिंड्रोम हो सकता है। क्लिनिकल टर्म में इस समस्या को ग्लूटियल एम्नेसिया कहते हैं जो ग्लूटियल मांसपेशियों से जुड़ी हुई है। अधिक समय तक एक ही जगह बैठे रहने की वजह से शरीर की ग्लूटल मसल्स प्रभावित होती है जिसकी वजह से यह समस्या शुरू होती है। हालांकि यह एक ऐसी स्थिति है जिसे आप सामान्य से बदलाव के साथ दूर कर सकते हैं लेकिन अगर आपने इस समस्या को नजरअंदाज किया तो इसकी वजह से कई अन्य परेशानियां भी हो सकती हैं। इस स्थिति में आपको हिप्स के सुन्न हो जाने के अलावा पीठ के निचले हिस्से में दर्द और कुल्हे, घुटने और टखनों में दर्द की समस्या भी हो सकती है।

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डेड बट सिंड्रोम का कारण (What Causes Dead Butt Syndrome?)

डेड बट सिंड्रोम यानी एक ही जगह पर काफी समय के लिए बैठे रहने के कारण हिप्स के सुन्न हो जाने की समस्या कई कारणों से हो सकती है। अगर आप अपनी दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान नहीं देते हैं तो इसकी वजह से आपकी ग्लूटियल मसल्स लंबी हो सकती हैं जो आपके हिप फ्लेक्सर्स को टाइट करने का काम करती हैं। पीठ के निचले हिस्से से आपकी श्रोणि और जांघ के आसपास की मांसपेशियों को हिप फ्लेक्सर्स कहा जाता है। अगर हिप फ्लेक्सर्स में तनाव बढ़ता है तो यह भी डेड बट सिंड्रोम का कारण हो सकती हैं। जो लोग लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करते हैं उन लोगों को तो यह समस्या होती है लेकिन ऐसे लोगों को भी यह समस्या हो सकती है जो बहुत अधिक दौड़ लगाते हैं या बेली डांस करते हैं। इन शारीरिक गतिविधियों में मांसपेशियों पर पड़ने वाले प्रभाव के कारण यह समस्या हो सकती है।

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डेड बट सिंड्रोम की समस्या में दिखने वाले लक्षण (Dead Butt Syndrome Symptoms)

ज्यादा देर तक एक ही जगह पर बैठे रहने या बैठकर काम करने की वजह से आपके हिप्स की ग्लूटल मांसपेशियां सुन्न हो जाती हैं तो इसे डेड बट सिंड्रोम का लक्षण माना जाता है। कुछ समय बाद पैडल चलने, टहलने या दूसरी शारीरिक गतिविधि करने से यह समस्या अपने आप ठीक भी हो जाती है। लेकिन जो लोग समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं देते हैं उन्हें आगे चलकर मांसपेशियों में दर्द और जकड़न जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। डेड बट सिंड्रोम की वजह से आपके हिप्स और उसके आसपास की मांसपेशियों में सूजन भी आ सकती है। इस समस्या में दिखने वाले कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं।

  • बैठे रहने की वजह से कूल्हों यानी हिप्स का सुन्न हो जाना।
  • पीठ के निचले हिस्से में दर्द।
  • घुटनों और टखनों में दर्द और तनाव।
  • एडियों में दर्द होना।
  • कूल्हों के आसपास जलन और झुनझुनाहट महसूस करना।
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डेड बट सिंड्रोम का इलाज (Dead Butt Syndrome Treatment)

शुरुआत में डेड बट सिंड्रोम के लक्षण दिखने पर आप खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव कर इसे दूर कर सकते हैं लेकिन ज्यादा समय के लिए इस समस्या के बने रहने पर आपको कई दिक्कतें हो सकती हैं। इस समस्या के लक्षण दिखने पर आप चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं। डॉक्टर आपको इस समस्या के लक्षण दिखने पर कुछ दवाओं के सेवन के साथ शारीरिक गतिविधि को बढ़ाने की सलाह दे सकते हैं। डेड बट सिंड्रोम के अधिक काम्प्लेक्स हो जाने की स्थिति में चिकित्सक आपको एक्स रे या एमआरआई जांच के लिए भी कह सकते हैं। शारीरिक गतिविधियों के साथ-साथ आपको इस समस्या से बचने के चिकित्सक द्वारा बताई गयी सभी बातों का पालन करना होता है। एथलीट्स या डांसर आदि को भी इस समस्या का खतरा रहता है। इस समस्या में आपको व्यायाम और संतुलित भोजन करने की सलाह दी जाती है। डेड बट सिंड्रोम से बचने के लिए आप RICE प्रोटोकॉल का पालन कर सकते हैं।

R - आराम करें (Rest)

I - बर्फ रगड़ने से भी मांसपेशियों को फायदा मिलता है (Ice)

C - घुटने या हिप्स में अधिक समस्या होने पर कम्प्रेशन का सहारा (Compression)

E-  एलिवेशन (Elevation)

डेड बट सिंड्रोम से बचाव के टिप्स (Tips To Prevent Dead Butt Syndrome)

लगातार एक जगह पर काफी समय के लिए बैठकर काम करने वाले लोगों में अक्सर यह समस्या होती है। ज्यादातर लोग इस समस्या को सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं जो कि बिलकुल भी ठीक नहीं माना जाता है। डेड बट सिंड्रोम की समस्या के लगातार बने रहने की वजह से आपको कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस समस्या से बचाव के लिए आप इन बातों को ध्यान में जरूर रखें।

  • एक ही जगह पर लगातार काफी समय के लिए बैठे न रहें। थोड़ी-थोड़ी देर बाद अपनी जगह से उठकर थोड़ा चलें।
  • लगभग 1 घंटे कुर्सी पर बैठे रहने के बाद आप उठकर खड़े हो जायें और अपनी हिप्स को थोड़ा आराम दें।
  • रोजाना एक्सरसाइज या योग का अभ्यास जरूर करें।
  • मांसपेशियों के लिए उपयोगी आसनों का अभ्यास करें।
  • ऑफिस में लिफ्ट की जगह पर सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
  • एक ही पोजीशन में बैठने के बजाय अलग-अलग स्थितियों में बैठें।
  • स्वस्थ और संतुलित भोजन का सेवन करें।

डेड बट सिंड्रोम की समस्या ज्यादातर नौकरीपेशा या लगातार एक ही जगह बैठे रहकर काम करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा होती है। इस समस्या में ऊपर बताई गयी बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। 

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