क्या आपके पैर और टांगों में अक्सर रहता है दर्द? कहीं इसका कारण कमर या हिप्स की परेशानी तो नहीं?

टांगों में दर्द कई कारणों से हो सकता है, जैसे मांसपेशियों का खिंचाव या ज्यादा मेहनत। लेकिन कई बार कमर और हिप्स की समस्या भी टांग दर्द का कारण बनती है।

Monika Agarwal
Written by: Monika AgarwalUpdated at: Sep 07, 2021 16:22 IST
क्या आपके पैर और टांगों में अक्सर रहता है दर्द? कहीं इसका कारण कमर या हिप्स की परेशानी तो नहीं?

टांगों में दर्द से हमारा जीवन काफी प्रभावित हो सकता है। यह किसी दर्दनाक स्थिति के कारण भी हो सकता है। अगर आपको कमर दर्द नहीं है लेकिन फिर भी आपकी टांगों में दर्द हो रहा है तो इसका कारण आपके हिप्स भी हो सकते हैं। लेकिन सही वजह जान पाना अक्सर काफी मुश्किल हो जाता है। कभी कभार आपकी कमर में होने वाले कुछ डिसऑर्डर की वजह से भी आपको टांगों में दर्द हो सकता है या फिर इस तरह के दर्द की वजह हिप्स भी हो सकते हैं और कमर भी। 80 से 90 प्रतिशत लोगों में कमर व हिप्स में दर्द रहता है। जिसकी आमतौर पर एक वजह हमारी कार्यशैली होती है। हालांकि हमारा शरीर अपने इन मुद्दों को खुद ही ध्यान करता है। जब लोअर बैक या हिप्स में दर्द होता है तो आराम करके, कार्यशैली बदल कर, कसरत कर या दर्द निवारक गोलियों के द्वारा इस दर्द में आराम पाया जा सकता है

कमर के डिसऑर्डर के कारण होने वाला टांगों में दर्द

टांग का दर्द या तो कमर के निचले भाग से शुरू होता है या फिर लंबर स्पाइन से। इस स्थिति को साइटिका भी कहा जाता है। साइटिका जैसी स्थिति में आपको हिप्स से लेकर पूरी टांग में और पैरों तक दर्द रहता है। इस स्थिति में आपको या तो टांगों में सुन्नपन महसूस होता है या फिर थोड़ी झनझनाहट। इसके काफी सारे कारण हो सकते हैं जैसे नसों का सिकुड़ना, रीढ़ की हड्डी में होने वाली गठिया आदि।

leg pain

Image Credit- px fuel

हिप डिसऑर्डर द्वारा होने वाला टांग में दर्द

जब आपका हिप प्रभावित होता है तो उसमें दर्द होना शुरू हो जाता है। इसके कुछ लक्षणों में हिप की मूवमेंट न हो पाना, जांघ में दर्द होना, हिप्स में दर्द होना आदि होते है। इस केस में दर्द आपकी जांघों से नीचे नहीं जाता है और दर्द के साथ आपको पैरों में सुन्नपन या फिर झनझनाहट जैसे लक्षण भी महसूस नहीं होते हैं। जब आप एकदम से खड़े होते हैं या बैठे रहते हैं तो आपको ज्यादा दर्द होता है। अगर आप अधिक आराम करते हैं तो भी आपको समय के साथ साथ इस दर्द से निजात मिल जाती है। अगर आप की दोनों टांगों की लम्बाई में अंतर होता है या फिर हिप्स में गठिया होती है या फिर एब्डिक्टर मसल्स में कुछ समस्या आती है तो यह दर्द अधिक होता है। यह कभी कभार अधिक गंभीर भी हो जाता है। इसलिए आपको इसका ध्यान रखना चाहिए। डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

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नियमित रूप से चेक करवाने से मिल सकती है राहत

अगर आपको टांगों में दर्द होता है तो आपको सबसे पहले इसका कारण पता लगना चाहिए। इसके कारण के आधार पर ही आपके डॉक्टर आपको उचित दवाई और उपचार दे सकते हैं। अगर वह आपके टांगों के दर्द को एग्जामिन करते हैं और इसका कारण हिप में होने वाला दर्द नहीं होकर बल्कि कमर में दर्द होता है। तो इसका कारण आपकी रीढ़ हो सकती है। कुछ लोगों का हिप तो नॉर्मल होता है लेकिन उनकी रीढ़ असामान्य पाई जाती है। इसलिए अच्छे से चेकअप करने के लिए इमेजिंग भी जरूरी होती है। कई बार एक्स रे की नहीं बल्कि एमआरआई की आवश्यकता पड़ती है।

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टांगों में दर्द के इलाज के उपाय

आपके डॉक्टर आपको इस दर्द से निजात दिलाने के लिए कुछ एंटी इंफ्लेमेंटरी दवाइयां दे सकते हैं या फिजिकल थेरेपी और इंजेक्शन दे सकते हैं। अगर इन उपचारों से आपको मदद नहीं मिलती है और आपकी स्थिति और अधिक गंभीर होती है तो सर्जरी भी ट्राई की जा सकती है।

अगर आपको टांगों में दर्द रहता है तो आपको जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से बात करके अपॉइंटमेंट ले लेना चाहिए ताकि अधिक दर्द न बढ़ सके और समय रहते ही आपका इलाज हो सके।

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