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हड्डियों की कमजोरी से महिलाओं में बढ़ रही हैं जोड़ों में दर्द, कमर दर्द जैसी समस्याएं, जानें बचाव के उपाय

30-40 की उम्र के बाद महिलाओं में हड्डियों से जुड़ी समस्याएं बढ़ने लगी हैं। डॉक्टर से जानें इनके कारण और बचाव के लिए जरूरी उपाय।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Jun 15, 2022Updated at: Jun 15, 2022
हड्डियों की कमजोरी से महिलाओं में बढ़ रही हैं जोड़ों में दर्द, कमर दर्द जैसी समस्याएं, जानें बचाव के उपाय

इन दिनों 30-40 की उम्र के बाद महिलाओं में जोड़ों के दर्द, कमर गर्द, पीठ दर्द, देर तक बैठने के बाद घुटने जाम होने, एड़ियों और पंजों में दर्द की समस्याएं आम होती जा रही हैं। इन सभी समस्याओं का एक बड़ा कारण हड्डियों की कमजोरी होती है। महिलाओं में अक्सर ये समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। इसके कई कारण हैं जिनके बारे में ओनलीमायहेल्थ ने बात की है ग्रेटर नोएडा के शारदा हॉस्पिटल के ऑर्थोपीडिक सर्जन डॉ. अंकित बत्रा से। आइए उन्हीं से जानते हैं कि महिलाओं में हड्डियों से जुड़ी समस्याएं बढ़ने के क्या कारण हैं।

bone health in women

कैल्शियम की कमी से हड्डियां होती हैं कमजोर (Calcium Deficiency is Making Bones Weak)

डॉ. बत्रा बताते हैं कि हड्डियों के लिए कैल्शियम बहुत जरूरी मिनरल है। महिलाओं के शरीर में एक खास हार्मोन पाया जाता है, जिसे एस्ट्रोजन हार्मोन कहते हैं। ये हार्मोन कैल्शियम के अवशोषण में बड़ी भूमिका निभाता है। महिलाएं जब 20-30 की उम्र में होती हैं, तो उनका शरीर एस्ट्रोजन हार्मोन अच्छी मात्रा में बना पाता है। लेकिन 30-40 की उम्र आते-आते एस्ट्रोजन हार्मोन शरीर में कम बनने लगता है, इसलिए डाइट में लिए गए कैल्शियम का शरीर ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाता और महिला की हड्डियां कमजोर होनी शुरू हो जाती हैं। यही कमजोर हड्डियां अलग-अलग तरह की समस्याओं का कारण बनती हैं।

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कई आदतें भी बिगाड़ रही हैं हड्डियों का स्वास्थ्य (Habits That Can Affect Bone Health)

डॉ. बत्रा आगे बताते हैं कि महिलाओं की कुछ आदतें भी हड्डियों की समस्याएं बढ़ने का कारण बन रही हैं। आज ज्यादातर महिलाओं में विटामिन डी3 की कमी पाई जाती है क्योंकि वो धूप में नहीं जाना चाहती हैं। जबकि विटामिन डी3 की कमी पूरी करने के लिए सूरज की किरणें सबसे अच्छा माध्यम हैं। इसी तरह पहले के समय में घरों में दूध बहुत होता था, जिससे किसी न किसी फॉर्म में दूध शरीर में चला जाता था, जो कि कैल्शियम का बहुत अच्छा स्रोत है। लेकिन आजकल बहुत कम महिलाएं रेगुलर दूध पीती हैं। इसके अलावा महिलाओं की फिजिकल एक्टिविटीज बहुत कम हो गई हैं, जिससे हड्डियों में अकड़न और दूसरी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। घंटों एक जगह बैठने की आदत, सीढ़ियों के बजाय लिफ्ट का इस्तेमाल, घर के काम खुद करने के बजाय गैजेट्स का इस्तेमाल आदि ऐसी बहुत सारी छोटी-छोटी बातें हैं, जिनका हड्डियों पर असर पड़ता है।

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हड्डियों की समस्याओं से बचने के लिए डॉक्टर के सुझाव (Doctor Tips to Prevent Bone Related Health Issues)

डॉ. बत्रा ने महिलाओं को हड्डी से जुड़ी समस्याओं खासकर जोड़ों में दर्द, घुटने में दर्द, गठिया, पीठ दर्द, कमर दर्द, एड़ी में दर्द, उठने-बैठने में परेशानी आदि से बचाव के लिए कुछ खास टिप्स बताए हैं, जिन्हें 20-30 की उम्र से फॉलो करके इनका खतरा कम किया जा सकता है।

  • आपके शरीर को हर रोज 700-1000 मिलीग्राम कैल्शियम की जरूरत होती है। इसलिए अपने रोज की डाइट में कैल्शियम से भरपूर फूड्स जैसे- दूध, दही, पनीर, चीज़, हरी सब्जियां, राजगिरा के बीज, तिल के बीज, दाल, राजमा, छोले, बादाम आदि को जरूर शामिल करें।
  • हर दिन थोड़ी देर धूप में बैठने की आदत डालें, ताकि आपके शरीर को पर्याप्त विटामिन डी मिल सके।
  • हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए फिजिकल एक्टिविटीज भी बहुत जरूरी हैं। महिलाओं को हर दिन कम से कम 5000 कदम जरूर चलना चाहिए।
  • आपको अपना वजन कंट्रोल रखना चाहिए क्योंकि ज्यादा वजन के कारण घुटनों पर जोर पड़ता है और हैवी वजन के कारण घुटने जल्दी खराब होंगे। इससे आपकी कार्टिलेज कम घिसती है।
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