आजकल एवैस्कुलर नेक्रोसिस (AVN) की समस्या कई लोगों में बढ़ रही है, खासकर युवाओं में। यह एक गंभीर हड्डी संबंधित रोग है, जिसमें हड्डियों तक खून की आपूर्ति बंद हो जाती है, जिससे हड्डी के ऊतक मरने लगते हैं। इसका सबसे प्रमुख लक्षण जोड़ों में दर्द और उसकी गति कम होना है। समय पर इलाज न होने पर यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है, जिससे मरीज को चलने-फिरने में कठिनाई हो सकती है। हालांकि इस बीमारी के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन COVID-19 महामारी के दौरान स्टेरॉयड का अत्यधिक उपयोग एक प्रमुख कारण बनकर सामने आया है। स्टेरॉयड के लंबे समय तक इस्तेमाल से हड्डियों का स्वास्थ्य प्रभावित होता है, जिससे AVN का खतरा बढ़ जाता है। इस लेख में ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. सुप्रीत बाजवा से जानिए, एवैस्कुलर नेक्रोसिस होने के क्या-क्या कारण हो सकते हैं।
एवैस्कुलर नेक्रोसिस के कारण - What Causes Avascular Necrosis
डॉ. सुप्रीत बाजवा बताते हैं कि एवेस्कुलर नेक्रोसिस (AVN) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें हड्डी तक खून की आपूर्ति कम हो जाती है। यह स्थिति बहुत दर्दनाक होती है और जोड़ों की गति को सीमित कर देती है। कोविड-19 के बाद इस बीमारी के मामलों में वृद्धि हुई है, खासकर उन युवाओं में जो कोविड इलाज के दौरान स्टेरॉयड का सेवन कर रहे थे।
1. स्टेरॉयड का उपय- Steroid Use
COVID-19 के इलाज में स्टेरॉयड का इस्तेमाल बहुत आम था और यह AVN के मामलों में वृद्धि का एक मुख्य कारण बन गया है। स्टेरॉयड हड्डियों की खून की आपूर्ति को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे हड्डी की कोशिकाएं मरने लगती हैं। विशेषकर अगर स्टेरॉयड का सेवन लंबे समय तक या अधिक मात्रा में किया जाता है, तो यह हड्डी के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। डॉक्टर सुप्रीत बजवा के अनुसार, कोविड-19 के दौरान युवाओं में इस स्थिति का तेजी से प्रसार हुआ है और यह बीमारी उन्हें जीवनभर के लिए शारीरिक चुनौतियों का सामना करवा सकती है।
यह भी पढ़ें: Steroids Side Effects: ज्यादा स्टेरॉइड्स लेने से शरीर को हो सकते हैं ये 7 गंभीर नुकसान
2. चोट - Injury
AVN का एक और बड़ा कारण गंभीर चोटें या फ्रैक्चर हैं। यदि किसी व्यक्ति को कूल्हे या घुटने की गंभीर चोट लगती है, तो यह जोड़ों में खून के प्रवाह को रोक सकता है। चोट के कारण रक्त प्रवाह में रुकावट आ जाती है और हड्डी के ऊतक मरने लगते हैं। कई मामलों में, चोट का असर लंबे समय तक बना रहता है, जिससे जोड़ों की गतिविधि में समस्या आती है और दर्द बढ़ता है। इसके अलावा, चोट लगने के बाद सही उपचार न मिलना या समय पर इलाज न करवाना भी AVN के बढ़ने का कारण बन सकता है।
3. वंशानुगत जोड़ संबंधी समस्याएं - Inherited Joint Issues
कुछ लोग आनुवांशिक रूप से ऐसे होते हैं जो AVN के लिए अधिक संवेदनशील होते हैं। यदि परिवार में किसी को AVN या हड्डियों से संबंधित कोई अन्य रोग हुआ है, तो अन्य परिवार के सदस्य भी इस बीमारी के शिकार हो सकते हैं। यह स्थिति विशेषकर उन लोगों में पाई जाती है जिनमें वंशानुगत जोड़ों की समस्या होती है, जैसे कि किसी प्रकार के असामान्य रक्त प्रवाह की समस्या या हड्डियों की संरचना में दोष। ऐसे व्यक्तियों को नियमित जांच और सावधानी से जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता होती है ताकि इस बीमारी से बचा जा सके।
यह भी पढ़ें: क्या परिवार में किसी को लिवर डिजीज होने पर आपको भी यह बीमारी हो सकती है? जानें डॉक्टर से
4. स्वास्थ्य समस्याएं - Health Conditions
कुछ विशिष्ट स्वास्थ्य स्थितियां भी AVN के खतरे को बढ़ाती हैं। जैसे कि ल्यूपस जैसी बीमारियां, जो शरीर में रक्त प्रवाह को प्रभावित करती हैं और हड्डियों में खून की आपूर्ति को रोक सकती हैं। इन बीमारियों में हड्डियों की कमजोर संरचना होती है, जिससे AVN होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्थितियां भी हड्डियों की सेहत पर प्रभाव डाल सकती हैं, जिससे AVN का खतरा बढ़ता है।
5. शराब और धूम्रपान - Alcohol and Smoking
शराब और धूम्रपान AVN के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। शराब के अत्यधिक सेवन से ब्लड के थक्के बन सकते हैं, जो खून की आपूर्ति को अवरुद्ध कर सकते हैं। ऐसे व्यक्तियों में AVN के विकास की संभावना अधिक होती है, जो शराब का सेवन करते हैं या धूम्रपान करते हैं।
AVN का इलाज - Avascular Necrosis Treatment
अगर AVN के लक्षणों को समय रहते पहचाना जाए, तो इसे कंट्रोल किया जा सकता है। शुरुआती अवस्था में, दवाइयां, फिजिकल थेरेपी और विशेष उपचार जैसे कि खून के प्रवाह को बढ़ाने वाले उपाय मदद कर सकते हैं। हालांकि, अगर स्थिति गंभीर हो जाए तो सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है, जिसमें प्रभावित हड्डी को बदलने की प्रक्रिया शामिल हो सकती है।
निष्कर्ष
AVN एक गंभीर स्थिति है, और इसके कई कारण हो सकते हैं। हालांकि, सही समय पर इलाज और लाइफस्टाइल में बदलाव इसे कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। इस बीमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए, डॉक्टरों का सुझाव है कि यदि किसी को लगातार जोड़ों में दर्द हो, तो इसे हल्के में न लें और डॉक्टर से सलाह लें।
View this post on Instagram
All Images Credit- Freepik