आपने अक्सर सुना होगा कि 'अति किसी भी चीज की अच्छी नहीं होती है', ठीक ऐसा ही हमारे शरीर के साथ भी होता है। बॉडी को सुचारू रूप से चलाने के लिए न्यूट्रिएंट्स बहुत जरूरी होते हैं, लेकिन शरीर में किसी भी पोषक-तत्व की मात्रा बढ़ने पर व्यक्ति को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आज के आर्टिकल में हम प्रोटीन के बारे में बात कर रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि शरीर में प्रोटीन की मात्रा बढ़ने से यूरिक एसिड की समस्या में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, इस बात में कितनी सच्चाई है, यह जानना बहुत जरूरी हो जाता है। दरअसल, प्रोटीन शरीर के लिए बहुत जरूरी न्यूट्रिएंट होता है। इससे शरीर के विकास और रखरखाव में मदद मिलती है। प्रोटीन से शरीर के सेल्स बनाने में मदद करता है। इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद मिलती है। ऐसे में क्या प्रोटीन की ज्यादा मात्रा यूरिक एसिड के बढ़ने का कारण बन सकता है? आइए इस बारे में होम्योपैथ और न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. स्मिता भोईर पाटिल से जानते हैं।
क्या प्रोटीन के कारण यूरिक एसिड बढ़ सकता है?
जी हां, कुछ स्थितियों में ज्यादा प्रोटीन का सेवन करने से शरीर में यूरिक एसिड की समस्या हो सकती हैं। हालांकि, डॉ. स्मिता के मुताबिक, यूरिक एसिड बढ़ने के पीछे असली कारण रिफाइंड शुगर और कार्ब्स होते हैं। अगर आपके खाने में इन दोनों की मात्रा ज्यादा है, तो शरीर में यूरिक एसिड बढ़ सकता है। दरअसल, जब हम ज्यादा शुगर या कार्ब्स खाते हैं, तो शरीर में ज्यादा इंसुलिन बनता है। इससे किडनी सही तरह यूरिक एसिड को शरीर से बाहर नहीं कर पाती है। इस तरह बॉडी में यूरिक एसिड बढ़ने लगता है।
प्रोटीन कम करने की गलती न करें
आपको यूरिक एसिड कम करने के लिए बिना डॉक्टर की सलाह के डाइट से प्रोटीन की मात्रा को कम नहीं करना चाहिए। प्रोटीन हमारी ओवरऑल हेल्थ के लिए जरूरी होता है। अगर आप पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन का सेवन नहीं करते हैं, तो शरीर को कई छोटी-बड़ी समस्याएं हो सकती हैं। अगर आप यूरिक एसिड की समस्या से बचना चाहते हैं, तो डाइट से मीठी चीजों और कार्ब्स की मात्रा को कम कर सकते हैं। इससे यूरिक एसिड को कंट्रोल किया जा सकता है।
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यूरिक एसिड क्या है?
यूरिक एसिड शरीर में मौजूद वेस्ट प्रोडक्ट है। डाइजेशन प्रक्रिया के बाद यूरिक एसिड तैयार होता है, जिसे शरीर से बाहर निकालने का काम किडनी करती है। हालांकि, जब किडनी इस यूरिक एसिड को बाहर नहीं निकाल पाती है, तो यह शरीर में इकट्ठा होने और बढ़ने लगता है। शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बहुत अधिक हो जाता है, तो गाउट, गठिया जैसी समस्याएं होती हैं। साथ ही, हड्डियों और जोड़ों में दर्द की समस्या भी रह सकती है।
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यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण क्या हैं?
शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के कई लक्षण होते हैं। जैसे कि जोड़ों में दर्द या सूजन, पैरों और एड़ियों में दर्द, तलवों का लाल होना, ज्यादा प्यास लगना, बुखार आना, जोड़ों के ऊपरी त्वचा के रंग में बदलाव, जोड़ों में छोटी-छोटी सख्त गांठे बनना, पीठ के निचले हिस्से में दर्द आदि।
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अगर आपको भी ऊपर बताए लक्षण दिख रहे हैं, तो यह यूरिक एसिड बढ़ने का कारण हो सकता है। इससे बचाव के लिए आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए और बिना पूछे प्रोटीन की मात्रा को कम नहीं करना चाहिए। हालांकि, आप डाइट से रिफाइंड कार्ब्स और शुगर को बाहर कर सकते हैं। इससे यूरिक एसिड की मात्रा को कम किया जा सकता है।