Coronavirus: कोरोनावायरस के इलाज में गोमूत्र, लहसुन, आयुर्वेद और शीशम ऑयल के फर्जी दावे, भूलकर भी न अपनाएं

दुनिया भर में कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए तमाम फर्जी दावे हैं, जिन पर भूल कर भी विश्वास न करें।

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: Feb 05, 2020Updated at: Feb 05, 2020
Coronavirus: कोरोनावायरस के इलाज में गोमूत्र, लहसुन, आयुर्वेद और शीशम ऑयल के फर्जी दावे, भूलकर भी न अपनाएं

दुनियाभर में फैली कोरोनावायरस की दहशत के बीच लोगों में इसकी रोकथाम व उपचार के तरीकों और इससे बचने के लिए उपायों को ढूंढने की एक दौड़ सी शुरू हो गई है। हाल ही में आयुष मंत्रालय होम्योपैथिक और यूनानी दवाओं से कोरोनावायरस की रोकथाम की जानकारी देकर लोगों के गुस्सा का सामना कर रहा है तो वहीं देश के अलग-अलग कोनों से गोमूत्र, शीशम तेल और लहसुन के सेवन से कोरोनावायरस की रोकथाम की फर्जी खबरें आ रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाल ही में कुछ ट्विटर पोस्ट के जरिए तेजी से फैल रही इन फर्जी खबरों पर अमल न करने को कहा है।  दरअसल दुनियाभर में कोरोनावायरस को लेकर लोगों के बीच डर का माहौल है और इस संबंध में लगातार लोगों के बीच गलत जानकारियां तेजी से फैल रही है। इन्हीं गलत जानकारियों और उपचार के प्रभावी तरीकों पर लगाम लगाने के लिए डब्लूएचओ ने कुछ पोस्ट किए हैं, जिन्हें आपके लिए जानना बहुत ही जरूरी है।

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यूएई में भी कोरोनावायरस को लेकर झूठ

भारत में कोरोनावायरस की रोकथाम को लेकर जहां आयुष मंत्रालय का होम्योपैथिक और यूनानी दवाओं का उपयोग वाला ट्विटर पोस्ट जी का जंजाल बन गया था वहीं संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates)में एक व्हॉट्स एप मैसेज बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। इस संदेश में यूएई का स्वास्थ्य मंत्रालय ये चेतावनी दे रहा है कि अगर आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीएंगे तो ये वायरस 10 मिनट के भीतर आपके गले में घुस जाएगा। ये जानकारी बिल्कुल गलत है और जान लीजिए कि अभी तक इस घातक वायरस का कोई इलाज नहीं है। इस वायरस से अभी तक 400 लोगों की जान जा चुकी है और 20 हजार से ज्यादा लोग बीमार हैं।

लहसुन कारगर नहीं

वहीं भारत सहित कुछ देशों में कोरोनावायरस की रोकथाम के लिए लहसुन को कारगर बताया जा रहा है, जिसकी सच्चाई पर से पर्दा उठाते हुए डब्लूएचओ ने अपने एक ट्विटर पोस्ट में कहा, ''ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि मौजूदा हालात में लहसुन का सेवन कोरोनावायरस से लोगों को सुरक्षित रख सकता है।''

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और भी हैं कई फर्जी दावे

सिर्फ लहसुन ही नहीं सोशल मीडिया पर शीशम ऑयल, गोमूत्र और विटामिन सी से कोरोनावायरस की रोकथाम की जा सकती है ऐसे कई दावे सामने आ रहे हैं जबकि डब्लएचओ कह चुका है कि इनमें से कोई भी दावा सही नहीं है। डब्लएचओ की अपील है कि लोग इनके बहकावे में न आएं। आपको बता दें कि डब्लूएचओ ने इस बीमारी को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी के रूप में घोषित कर दिया है। इसके साथ ही गलत जानकारी के खिलाफ चेतावनी और इससे होने वाले नुकसान के बारे में भी चेताया है।

भारत में कोरोनावायरस की रोकथाम के फर्जी दावे

आयुष मंत्रालय के होम्योपैथिक व यूनानी दवाओं के अलावा आयुर्वेदिक दवाओं से कोरोनावायरस की रोकथाम का दावा अकेला नहीं है। तमिलनाडु के एक आयुर्वेद व सिद्धा डॉक्टर ने दावा किया है कि उसने इस वायरस का तोड़ ढूंढ निकाला है। 

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चेन्नई के रत्ना सिद्धा हॉस्पिटल में कार्यरत्त डॉ. थनिकासालम वेनी को आयुर्वेद दवाओं के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव है। समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि जड़ी-बूटियों के अर्क से बनी एक दवा, किसी भी प्रकार के वायरल फीवर के उपचार में प्रभावी है। 

कोरोनावायरस के लक्षणों में से एक है तेज बुखार। डॉक्टर ने ये भी दावा किया है कि ये दवा कोरोनावायरस द्वारा संक्रमण के उपचार को 24 से 40 घंटों के बीच ठीक कर सकता है।

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उन्होंने कहा, ''जब हम डेंगू वायरस, कम हुए प्लेटलेट काउंटस, लिवर फेल्योर, इम्यूनिटी की कमी और लो व्हाइट ब्लड सेल को हमारी दवाईयों से 24 से 40 घंटों के बीच उपचार कर सकते हैं तो कोरोनावायरस में भी ऐसा संभव है। मैं आश्वस्त हूं कि हमारी दवाईयां इसमें भी प्रभावी होगी।''

वहीं हिंदू महासभा भी इस बीमारी के उपचार में अपना अनूठा उपचार का तरीका लेकर आई है, जो गोमूत्र और गाय के गोबर से जुड़ा हुआ है।

हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपानी महाराज का कहना है कि गोमूत्र और गाय के गोबर का प्रयोग कोरोनावायरस बीमारी के उपचार में किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया में कोरोनावायरस और उसके प्रभाव के खात्मे के लिए एक विशेष यज्ञ भी किया जाएगा।

चक्रपानी ने कहा, ''गोमूत्र के सेवन से इस संक्रमण के प्रभाव को रोकने में मदद मिलेगी। एक व्यक्ति जो ओम नमह शिवाय का मंत्र पढ़ता है और गाय का गोबर शरीर पर लगाता है उससे कोरोनावायरस से बचने में मदद मिलेगी।'' हालांकि अभी तक भारत में कोरोनावायरस से किसी की भी मौत की खबर सामने नहीं आई है।

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