Coronavirus: कोरोना वायरस से जुड़ी ये 6 बातें हैं अफवाह, कहीं आपने तो यकीन नहीं कर लिया इनपर?

कोरोना वायरस से जुड़ी तमाम अफवाहें इन दिनों इंटरनेट पर वायरल हो रही हैं। इन अफवाहों के कारण लोग डर रहे हैं। मगर क्या है इनकी सच्चाई, जानें यहां।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Feb 03, 2020
Coronavirus: कोरोना वायरस से जुड़ी ये 6 बातें हैं अफवाह, कहीं आपने तो यकीन नहीं कर लिया इनपर?

कोरोना वायरस जिस तेजी से दुनियाभर में फैल रहा है, उससे कहीं तेजी से इस वायरस से जुड़ी अफवाहें फैल रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) ने कोरोनावायरस को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है। धीरे-धीरे कोरोना वायरस से मौत का आंकड़ा 400 पार कर गया है। वहीं दुनियाभर में इस वायरस से प्रभावित लोगों की संख्या 20,000 से ज्यादा हो चुकी है। भारत में भी अब तक कोरोना वायरस के 2 मामले सामने आ चुके हैं। दोनों ही मामले केरल से हैं। रिकॉर्ड्स के मुताबिक अब तक कोरोना वायरस के मामले 18 देशों में पाए गए हैं। ये वायरस तो खतरनाक है ही, मगर इससे जुड़ी अफवाहों के कारण लोगों में डर का माहौल है। आइए हम आपको बताते हैं कोरोना वायरस से जुड़ी कुछ भ्रामक बातें और उनकी सच्चाई।

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कोरोना वायरस को रोकने के लिए वैक्सीन ढूंढ ली गई है

कुछ लोग तेजी से इस खबर को वायरल कर रहे हैं कि कोरोना वायरस को रोकने के लिए वैक्सीन और दवाएं खोज ली गई हैं। थाईलैंड में कुछ वैज्ञानिकों ने एचआईवी और फ्लू की वैक्सीन को मिलाकर कोरोना वायरस को रोकने का दावा किया है। मगर WHO के अनुसार अभी तक कोरोना वायरस को रोकने या इलाज के लिए कोई भी वैक्सीन या दवा को नहीं खोजा जा सका है। कोरोना वायरस से प्रभावित व्यक्ति को विशेष ट्रीटमेंट और देखरेख की जरूरत पड़ती है। किसी भी तरह के घरेलू नुस्खे, चिकित्सा पद्धति से इसका इलाज फिलहाल संभव नहीं है। हालांकि वैज्ञानिक इस बारे में खोज कर रहे हैं।

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आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, कुल्फी आदि से फैल सकता है कोरोना वायरस

इंटरनेट पर एक और अफवाह जो इन दिनों तेजी से फैल रही है वो ये है कि "90 दिनों तक कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम, कुल्फी आदि का सेवन न करें क्योंकि इससे कोरोना वायरस फैल सकता है।" मगर इस बात में बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है।

CSIR Institute of Microbial Technology के वायरोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉक्टर मनोज कुमार बताते हैं, "कोरोना वायरस से प्रभावित व्यक्ति के खांसी और छींक के संपर्क में आने से ही ये वायरस फैलता है। खाने की चीजों से कोरोना वायरस नहीं फैल सकता है, जब तक कि इस वायरस से प्रभावित कोई व्यक्ति खाने के ऊपर छींके या खांसे नहीं।" इसलिए ये बात पूरी तरह अफवाह है और इस पर विश्वास नहीं किया जा सकता है।

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चमगादड़ का सूप पीने या सांप खाने से फैला है कोरोना वायरस

इंटरनेट पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक लड़की चमगादड़ का सूप पी रही है। इस वीडियो के साथ ये मैसेज भी फैलाया जा रहा है कि कोरोना वायरस के फैलने के पीछे वजह यही चमगादड़ का सूप है। मगर ये बात कोरी अफवाह है। दरअसल जिस वीडियो को ये बताकर शेयर किया जा रहा है कि चमगादड़ का सूप पीने से कोरोना वायरस फैल है, वो वीडियो 4 साल पहले का है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि कोरोना वायरस की शुरुआत समुद्री भोजन के कारण हुई हो सकती है। मगर अब तक ये पता नहीं लगाया जा सका है कि कोरोना वायरस किन कारणों से या किस चीज के कारण फैला है।

घर के पालतू जानवर फैला सकता है कोरोना वायरस

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अभी तक इस बात का कोई सुबूत नहीं मिला है कि कोरोनावायरस घर के पालतू जानवरों से फैल सकता है। हालांकि WHO ने यह भी बताया है कि अच्छा होगा कि आप जानवरों को छूने के बाद अपने हाथों को साबुन से धोएं। हाथों को धोने से बैक्टीरिया जैसे- ई. कोली, सैलमोनेला आदि से बचाव रहता है।

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एंटीबायोटिक दवाओं से कोरोना वायरस को रोका जा सकता है

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने साफ कहा है कि एंटीबायोटिक दवाएं सिर्फ बैक्टीरिया को रोकने में कारगर होती हैं। वायरस पर इन दवाओं का कोई असर नहीं होता है। इसलिए कोरोना वायरस या किसी भी अन्य वायरस को रोकने के लिए एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग नहीं किया जा सकता है।

कोरोना वायरस का खतरा बूढ़ों को ज्यादा है, युवाओं को कम

WHO के अनुसार कोरोना वायरस का खतरा सभी उम्र के लोगों को है। हालांकि बूढ़े लोगों और पहले से बीमार लोगों को इस वायरस से प्रभावित होने की संभावना ज्यादा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर उम्र के व्यक्ति को इस वायरस से सावधान रहने की जरूरत है। इसके लिए मुंह को ढककर रखना, हाथ को साबुन से धोना और साफ-सफाई रखना आदि जरूरी है।

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