होम्योपैथिक, यूनानी दवाओं से कोरोनावायरस की रोकथाम के दावे पर आयुष मंत्रालय का यू-टर्न, लोगों ने बनाया था मजाक

आयुष मंत्रालय ने एक हेल्थ एडवाइजरी कर कोरोनावायरस की रोकथाम में होम्योपैथिक दवाओं को कारगर बताया है। 

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: Jan 30, 2020
होम्योपैथिक, यूनानी दवाओं से कोरोनावायरस की रोकथाम के दावे पर आयुष मंत्रालय का यू-टर्न, लोगों ने बनाया था मजाक

नोवल कोरोनावायरस के लिए वैकल्पिक चिकित्सा के रूप में यूनानी और होम्योपैथिक दवाओं के प्रयोग पर जबरदस्त किरकिरी के बाद आयुष मंत्रालय ने सफाई पेश की है। मंत्रालय ने पुष्टि की है की ये एडवाइजरी रोकथाम संबंधी उपायों पर केंद्रित थी और मंत्रालय ने संक्रमण के लिए इस प्रकार के किसी उपचार को कोई दावा नहीं किया है। मंत्रालय ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, ''आयुष प्रणाली पारंपरिक हेल्थ प्रैक्टिस पर आधारित है। देश की पारंपरिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली प्रतिरक्षा (immunity) को बढ़ाने के लिए जीवनशैली की वकालत करती है जो विभिन्न संक्रामक रोगों की रोकथाम में मदद करती है। ''

क्या था मामला 

दरअसल आयुष मंत्रालय ने एक दिन पहले एक हेल्थ एडवाइजरी जारी करते हुए नोवल कोरोनावायरस (एनसीओवी) संक्रमण की रोकथाम में  होम्योपैथिक और यूनानी दवाओं का प्रयोग करने की सिफारिश की है, जो इसे रोकने में प्रभावी हो सकती हैं। आयुष मंत्रालय के अंतर्गत सेंटर काउंसिल फॉर रिसर्च इन होमियोपैथी (सीसीआरएच) की साइंटिफिक एडवाइजरी बोर्ड की बैठक के बाद ये एडवाइजरी जारी की गई है। बैठक में होम्योपैथी के माध्याम से कोरोनावायरस की रोकथाम के तरीकों पर चर्चा की गई।

Corona-Virus

मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी। बयान में यह कहा गया है कि संक्रमण से सुरक्षा के लिए रोगनिरोधी दवा के रूप में तीन दिनों तक खाली पेट होम्योपैथी दवा आर्सेनिकम एल्बम 30 (Arsenicum album 30) लेनी चाहिए, जो इस बीमारी की रोकथाम में प्रभावी है।

बयान के मुताबिक, अगर कोरोनावायरस संक्रमण से कोई व्यक्ति पीड़ित है तो उस स्थिति में करीब एक महीने तक इसी डोज को जारी रखना चाहिए। इसके साथ ही इसी दवा को इन्फ्लूएंजा की रोकथाम के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है। इसके अलावा इस बयान में कोरोनावायरस संक्रमण के प्रबंधन में कुछ आयुर्वेदिक दवाओं, यूनानी काढ़े और घरेलू नुस्खों को भी कारगर बताया गया है।

आयुष मंत्रालय की इस एडवाइजरी के बाद लोगों ने ट्विटर पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। कुछ लोग इस एडवाइजरी को गलत जानकारी बता रहे हैं तो कुछ इस एडवाइजरी का मजाक उड़ा रहे हैं। जानें क्या कहा लोगों ने इस एडवाइजरी के बारे में ।

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इसके साथ ही आयुष मंत्रालय ने इस वायु जनित संक्रमणों की रोकथाम के लिए कुछ सामान्य स्वच्छ उपाय सुझाएं हैं, जिनमें व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना, हाथों को अक्सर साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक धोना, आंखों, नाक और मुंह के अनचाहे संपर्क से बचना, और बीमार लोगों के साथ निकट संपर्क से बचना शामिल है।

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मंत्रालय ने खांसते या छींकते वक्त चेहरे को ढकने और यात्रा व सार्वजनिक जगहों पर घूमते हुए एन-95 मास्क का प्रयोग करने की सलाह दी है।

एडवाइजरी में कहा गया कि अगर आपको कोरोनावायरस संक्रमण का संदेह हो रहा है तो मास्क पहनें और तुरंत अपने नजदीकी हॉस्पिटल जाएं। इसके साथ ही आयुर्वेद के मुताबिक, रोगनिरोधी उपायों को अपनाएं ताकि आपका इम्यून सिस्टम मजबूत हो सके। इसके लिए एक हेल्दी डाइट और जीवनशैली में बदलाव जरूरी है।

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कोरोनावायरस वायरस के परिवार का एक हिस्सा है, जो कॉमन कोल्ड से शुरू होकर गंभीर सांस रोग (acute respiratory syndromes) में तब्दील हो सकता है। यह वायरस अभी तक 132 लोगों की जान ले चुका है और चीन में छह हजार से ज्यादा लोग इसकी गिरफ्त में हैं।

ये वायरस चीन के वुहान शहर की सीफूड और जानवरों की मार्केट से फैला है और संदेह है कि अभी तक यह वायरस अमेरिका में भी फैल चुका है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, कोरोनावायरस के आम लक्षणों में 

  • बुखार
  • खांसी 
  • सांस लेने में दिक्कत
  • सांस न आना भी शामिल है।

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