ब्रेस्ट कैंसर कितने प्रकार के होते हैं? जानें इनके लक्षणों के बारे में

ब्रेस्‍ट कैंसर कई प्रकार के होते हैं पर कैंसर को लगाने के ल‍िए लक्षण की पहचान और इलाज जरूरी है, जानें ब्रेस्‍ट कैंसर से जुड़ी जरूरी बातें 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Oct 04, 2021
ब्रेस्ट कैंसर कितने प्रकार के होते हैं? जानें इनके लक्षणों के बारे में

ब्रेस्‍ट कैंसर के शुरुआती लक्षण कैसे होते हैं? ब्रेस्‍ट कैंसर के शुरुआती लक्षणों की बात करें तो ब्रेस्‍ट के आसपास गांठ बनने लगती है ज‍िसके कारण दर्द होता है, इसमें लापरवाही बरतने पर कैंसर अन्‍य अंगों में फैलने लगता है। शरीर के क‍िसी भी ह‍िस्‍से में जब कोश‍िकाएं असामान्‍य और अन‍ियंत्र‍ित होने लगती हैं तो कैंसर हो सकता है। हालांक‍ि कैंसर के कई कारण पर जांच करवाना जरूरी है। आपको हर साल कम से कम दो बार ब्रेस्‍ट कैंसर से बचने के ल‍िए सेल्‍फ एग्‍जाम‍िन और टेस्‍ट जरूर करवाने चाह‍िए क्‍योंकि ब्रेस्‍ट कैंसर के भी कई प्रकार और स्‍टेज होती हैं ज‍िन्‍हें समझने के ल‍िए आप पूरा लेख पढ़ें। इस लेख में हम ब्रेस्‍ट कैंसर के प्रकार, उनके संकेत और बचाव के उपायों पर चर्चा करेंगे। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के झलकारीबाई अस्‍पताल की गाइनोकॉलोज‍िस्‍ट डॉ दीपा शर्मा से बात की।

breast cancer types

(image source:.rgcirc.org)

ब्रेस्ट कैंसर कितने प्रकार के होते हैं? (Types of Breast Cancer)

वैसे तो ब्रेस्‍ट कैंसर के कई प्रकार है पर मुख्‍य रूप से चार तरह के ब्रेस्‍ट कैंसर सबसे कॉमन हैं- 

  • इनवेसिव डक्टल कार्सिनोमा  (Invasive Ductal Carcinoma) इस कैंसर से लगभग 80 प्रत‍िशत मह‍िलाएं पीड़‍ित होती हैं, इस प्रकार के ब्रेस्‍ट कैंसर में कैंसर डक्‍ट वॉल के जर‍िए ब्रेस्‍ट के फैटी साइड फैलता है, ये कैंसर, ब्रेस्‍ट के म‍िल्‍क डक्‍ट्स में ग्रो करता है।
  • डक्टल  कार्सिनोमा  इन सीटू (Ductal carcinoma in situ) ये सबसे कॉमन ब्रेस्‍ट कैंसर है ज‍िसमें ब्रेस्‍ट में मौजूद नली में कोश‍िकाओं का व‍िकास असामन्‍य हो जाता है।
  • इन्वेसिव लोब्यूलर कार्सिनोमा (Invasive Lobular Carcinoma) इस ब्रेस्‍ट कैंसर को ILC के नाम से भी जाना जाता है। वहीं एक ब्रेस्‍ट कैंसर को हम इंफ्लामेटरी ब्रेस्‍ट कैंसर भी कहते हैं, ये शरीर में तेजी से फैलता है और इसमें जान का जोख‍िम सबसे ज्‍यादा होता है हालांक‍ि इस कैंसर के मरीज 1 प्रत‍िशत से भी कम होते हैं।
  • ब्रेस्‍ट कैंसर के एक प्रकार को पेजेट्स कहा जाता है, ये ब्रेस्‍ट के न‍िप्‍पल एर‍िया में होता है ज‍िसके कारण न‍िप्‍पल के चारों तरफ कालापन होने लगता है, ये कैंसर उन मह‍िलाओं में कॉमन है ज‍िन्‍हें ब्रेस्‍ट से जुड़ी बीमारी होती है।
  • अन्‍य ब्रेस्‍ट कैंसर में मेड्युलरी कार्सिनोमा, लोबुलर कार्सिनोमा, म्यूकस कार्सिनोमा, ट्यूबुलर कार्सिनोमा आद‍ि शाम‍िल हैं। 

ब्रेस्ट कैंसर के स्टेज (Stages of Breast Cancer)

  • स्टेज 0 (Stage 0): ब्रेस्‍ट कैंसर के इस स्टेज में म‍िल्‍क डक्ट में फैलना शुरू करता है।
  • स्टेज 1 (Stage 1): पहली स्‍टेज में कैंसर ट‍िशू बढ़ने लगता है और ये ब्रेस्‍ट के फैटी ट‍िशू तक फैल जाता है।
  • स्टेज 2 (Stage 2): दूसरी स्‍टेज में ब्रेस्‍ट कैंसर, ब्रेस्‍ट कैंसर अन्‍य अंगों तक फैल चुका होता है।
  • स्टेज 3 (Stage 3): तीसरी स्‍टेज में कैंसर बाहों के नीचे ल‍िम्‍फ नोड, कॉलर बोन तक फैल चुका होता है और इलाज में कठ‍िनाई होती है।
  • स्टेज 4 (Stage 4): चौथी स्‍टेज में कैंसर हड्डी, द‍िमाग, फेफड़े, ल‍िवर में फैल चुका होता है।

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ब्रेस्ट कैंसर के इन 5 लक्षणों को न करें नजरअंदाज (Symptoms of Breast Cancer)

signs of breast cancer

(image source:womensbeauty)

  • ब्रेस्‍ट में अगर सूजन नजर आती है, तो ये ब्रेस्‍ट कैंसर का शुरूआती लक्षण हो सकता है। 
  • अगर आपको ब्रेस्‍ट में गांठ नजर आती है तो ये भी कैंसर का लक्षण हो सकता है पर हर गांठ कैंसर हो ऐसा जरूरी नहीं है। 
  • न‍िप्‍पल एर‍िया में आपको खुजली होती है तो ये ब्रेस्‍ट कैंसर का संकेत हो सकता है, इसे नजरअंदाज न करें।
  • ब्रेस्‍ट के आकार में बदलाव होना भी ब्रेस्‍ट कैंसर का संकेत हो सकता है, अगर आपको अपने ब्रेस्‍ट में असामान्‍य बदलाव नजर आए तो तुरंत जांच करवाएं।
  • ब्रेस्‍ट कैंसर का सबसे कॉमन लक्षण है ब्रेस्‍ट में दर्द होना, हालांक‍ि कई बार दर्द का पता बाद की स्‍टेज में चलता है पर हल्‍के दर्द को भी नजरअंदाज न करें।

क‍िन कारणों से ब्रेस्‍ट कैंसर होता है? (Causes of Breast Cancer)

  • ब्रेस्‍ट कैंसर होने के कई कारण हो सकते हैं जिनमें से सबसे कॉमन है आनुवांश‍िक यानी आपके पर‍िवार में क‍िसी को कैंसर है तो आपको भी होने की आशंका बढ़ जाती है,
  • अगर आपकी ब्रेस्‍ट की कोश‍िकाओं में असामान्‍य व‍िकास होता है तो ये आगे जाकर ब्रेस्‍ट कैंसर का कारण बन सकता है,
  • हॉर्मोन्‍स में बदलाव होने के कारण भी ब्रेस्‍ट कैंसर हो सकता है, 
  • अगर आपका वजन ज्‍यादा है या आप ज्‍यादा कैलोरी का सेवन करती हैं तो भी आपको ब्रेस्‍ट कैंसर का खतरा हो सकता है।

ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में देरी न करें (Treatment of Breast Cancer)

treatment breast cancer

(image source:cancer.org)

  • ब्रेस्‍ट कैंसर के इलाज का पता लगाने के ल‍िए आपको सबसे पहले उसकी पुष्‍टी होनी चाह‍िए इसल‍िए आप सबसे पहले खुद से ब्रेस्‍ट एग्‍जाम‍िन करें, ये तरीका शुरूआती समय में क‍िया जाता है।
  • अगर आपको कुछ बदलाव नजर आ रहा है या लक्षण समझ आ रहे हैं तो आप डॉक्‍टर के पास जाएं, वो आपको मैमोग्राम करवाने की सलाह देंगे, इसमें ब्रेस्‍ट का एक्‍स-रे क‍िया जाात है। 
  • इसके बाद ब्रेस्‍ट का अल्‍ट्रासाउंड भी होता है ज‍िससे पता लगाया जाता है क‍ि कैंसर क‍ितना बढ़ गया है, स्‍तन कैंसर का पता लगाने के ल‍िए बायोप्‍सी जांच भी की जाती है। 
  • अगर ब्रेस्‍ट कैंसर की पुष्‍टी होती है तो डॉक्‍टर कीमोथैरेपी की मदद से कैंसर का इलाज करते हैं, इस थैरेपी की मदद से कैंसर सैल्‍स स‍िकुड़ जाते हैं और कुछ समय के ल‍िए सैल्‍स को बढ़ने से रोका जा सकता है।

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ब्रेस्ट कैंसर में क‍िन सावधानियों को बरतना चाहिए? (Precautions of Breast Cancer)

breast cancer precautions

(image source:careinsurance.com)

ब्रेस्‍ट कैंसर होने वाली मह‍िला को थकान, स‍िर में दर्द, दांत से जुड़ी श‍िकायत, पूरे शरीर में दर्द या द‍िल से जुड़ी समस्‍या हो सकती है इसल‍िए अगर क‍िसी मह‍िला को ब्रेस्‍ट कैंसर है तो उन्‍हें इन बातों का ध्‍यान रखना चाह‍िए-

  • ब्रेस्‍ट कैंसर से पीड़‍ित मह‍िला को धूम्रपान और शराब का सेवन नहीं करना चाह‍िए, इससे इलाज ठीक ढंग से अपना असर नहीं दे पाएगा। 
  • आपको ब्रेस्‍ट कैंसर के दौरान अपना वजन कंट्रोल रखना है, इससे आपके इलाज में रुकावट नहीं आएगी। 
  • डॉक्‍टर के संपर्क में रहें, इलाज में दी गई दवाओं का सेवन न‍ियम‍ित तौर पर करें और डॉक्‍टर से सलाह लेते रहें।
  • ब्रेस्‍ट कैंसर से पीड़‍ित मह‍िला को पत्‍तेदार सब्‍जी, म‍िर्ची का सेवन, टमाटर और गाजर जैसी सब्‍ज‍ियों को खाना अवॉइड करना चाह‍िए।
  • क‍िसी मह‍िला को ब्रेस्‍ट कैंसर है तो उसे लो-फैट म‍िल्‍क, सोयाब‍िन, फाइबर युक्‍त भोजन, फल और ताजी सब्‍ज‍ियों को अपनी डाइट में एड करना चाह‍िए।

ब्रेस्‍ट कैंसर से बचने के ल‍िए आपको हेल्‍दी डाइट लेनी चाह‍िए, वजन कंट्रोल करना चाह‍िए और न‍ियम‍ित रूप से क्‍लीन‍िकल चेकअप करवाते रहना चाह‍िए ज‍िससे ब्रेस्‍ट कैंसर के लक्षणों का इलाज समय पर क‍िया जा सके।

(main image source:foxchase,uicc.org)

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