आयुर्वेद के अनुसार शहद किस प्रकृति के लोगों के लिए है लाभकारी?

शहद से स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते हैं। आयुर्वेद के अनुसार शहद सभी प्रकृति के लोगों के लिए फायदेमंद होता है। चलिए जानते हैं शहद की तासीर के बारे में-

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Jul 01, 2021Updated at: Jul 01, 2021
आयुर्वेद के अनुसार शहद किस प्रकृति के लोगों के लिए है लाभकारी?

क्या आयुर्वेद के अनुसार शहद सभी प्रकृति के लोग ले सकते हैं? राम हंस चेरीटेबल हॉस्पिटल, सिरसा के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर श्रेय शर्मा (Dr Shrey Sharma, Ayurvedacharya of Ram Hans Charitable Hospital, Sirsa) बताते हैं कि शहद सभी प्रकृति के लोगों के लिए अच्छा माना जाता है। लेकिन कफ प्रकृति के लोगों के लिए शहद को श्रेष्ठ माना गया है।

शहद प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला एक चिपचिपा और मीठा पदार्थ है, जिसे मधुमक्खियों द्वारा ही तैयार किया जाता है। आयुर्वेद में शहद को कई तरीकों से इस्तेमाल किया जाता है। पंचकर्म में भी शहद का उपयोग होता है। आयुर्वेदिक डॉक्टर प्रकृति के अनुसार शहद खाने का सही तरीका बताते हैं।  इसके साथ ही आपको सही या असली शहद की पहचान करना भी आना चाहिए।

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शहद की तासीर कैसी होती है?

आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा बताते हैं कि आयुर्वेद में शहद की कोई तासीर नहीं बताई गई है। शहद योगवाही होता है। इसका मतलब है कि अगर शहद को ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थों के साथ मिलाकर लिया जाता है, तो इसकी तासीर ठंडी हो जाती है। इसके विपरीत अगर शहद को गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थों के साथ लिया जाता है, तो इसकी तासीर भी गर्म हो जाती है।  

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कफ प्रकृति के लिए उत्तम है शहद

आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा बताते हैं कि वैसे तो वात, पित्त और कफ तीनों प्रकृति के लोग शहद का सेवन कर सकते हैं। लेकिन आयुर्वेद में कफ प्रकृति के लोगों के लिए शहद को सबसे उत्तम या श्रेष्ठ माना गया है। कफ प्रकृति के लोगों को शहद खाने से ज्यादा लाभ मिल सकता है। शहद कफ को संतुलन में रखने में मदद करता है। पित्त और वात प्रकृति के लोग भी इसका सेवन कर सकते हैं, लेकिन चिकित्सक सलाह पर करें, तो ज्यादा बेहतर होता है। 

कफ प्रकृति के लक्षण (Symptoms of Kapha Prakriti)

  • व्यक्ति का मजबूत होना
  • सुस्ती रहना और हमेशा नींद आना 
  • भूख लगना
  • शरीर में भारीपन
  • शरीर में गीलापन महसूस होना
  • आलस

ये सारे लक्षण कफ प्रकृति के लोगों में देखने को मिलते हैं। अगर आपकी प्रकृति भी कफ है, तो आप आसानी से शहद का सेवन कर सकते हैं। शहद आपके कफ को संतुलन में रखने में मदद करता है। 

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शहद में पोषक तत्व (Nutrients in Honey) 

  • कैलोरी  (Calories)
  • सोडियम (Sodium)
  • पोटैशियम (Potassium)
  • कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate)
  • डाइटरी फाइबर (Dietary Fiber)
  • आयरन (Iron)

शहद पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसके सेवन से स्वास्थ्य को कई लाभ मिलते हैं। सर्दी, खांसी-जुकाम में शहद का सेवन करना लाभकारी माना जाता है। आप चाहें तो शहद को किसी 

  • दूसरे खाद्य पदार्थ के साथ ले सकते हैं, चाहें तो साधारण तौर पर शहद भी ले सकते हैं। 
  • शहद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर रोगों से लड़ने की शक्ति देने में भी सहायक होता है।
  • शहद के सेवन से आप अपने वजन को भी कंट्रोल में रख सकते हैं। यानी वजन कम करने के लिए शहद का सेवन किया जा सकता है।
  • शहद कब्ज की समस्या में राहत दिलाता है।
  • गले में खराश होने पर शहद को चाटना फायदेमंद हो सकता है।
  • साथ ही शहद एंटीबायोटिक और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है, जो त्वचा के लिए भी लाभकारी होता है। 

आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा बताते हैं कि आजकल शहद में काफी मिलावट होती है। ऐसे में गुणवत्ता वाले शहद की पहचान करना थोड़ा मुश्किल होता है। इसलिए आप चाहें तो आयुर्वेदिक डॉक्टर के परामर्श लेकर अच्छे शहद का चुनाव कर सकते हैं। डॉक्टर श्रेय बताते हैं कि अगर सही असली शहद का सेवन डायबिटीज रोगी भी कर सकते हैं। लेकिन डायबिटीज रोगियों को कोई भी शहद लेने से बचना चाहिए, क्योंकि कई बार शहद चाशनी से तैयार की जाती है, जो शरीर में शुगर लेवल को बढ़ा सकती है। इसलिए डॉक्टर की सलाह पर डायबिटीज रोगी अच्छी गुणवत्ता वाले शहद का सेवन कर सकते हैं।

अगर आप अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक है या आप मधुमेह रोगी है, तो आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह पर ही शहद का सेवन करें। डॉक्टर आपको अच्छी गुणवत्ता वाले शहद के बारे में सही जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा अगर आपको अपनी प्रकृति के बारे में जानकारी नहीं, तो भी आयुर्वेदिक चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं। 

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