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क्या वाकई रात में पीपल के पेड़ के नीचे नहीं सोना अशुभ होता है? जानें इसके पीछे का वैज्ञानिक तथ्य

पीपल का पेड़ औषधीय गुणों से भरपूर होता है। हिन्दू धर्म में पीपल के पेड़ की पूजा भी की जाती है। लेकिन, इस पेड़ के जुड़े कुछ अंधविश्वास भी फैले हुए हैं। इसमें एक है- रात में पीपल के पेड़ के नीचे नहीं सोना चाहिए। आइए, जानते हैं इसका वैज्ञानिक कारण-

Peepal Trees: हिन्दू धर्म में पीपल के पेड़ को देवों के रूप में माना जाता है। वहीं, इस पेड़ की पूजा भी की जाती है। कहा जाता है कि पीपल के पेड़ में पूर्वजों का निवास होता है। इतना ही नहीं, आयुर्वेद में पीपल के पेड़ को औषधीय गुणों से भरपूर भी माना जाता है। हालांकि, हमारे समाज में पीपल के पेड़ से जुड़े कुछ अंधविश्वास या मिथ फैले हुए हैं। इसमें सबसे आम है- रात के समय पीपल के पेड़ पर आत्माओं का वास होता है। इसलिए रात के समय पीपल के पेड़ के नीचे नहीं सोना चाहिए। आपने अपने बड़े-बुजुर्गों से भी अक्सर सुना होगा कि रात में पीपल के पेड़ के नीचे बिलकुल न सोएं। रात में इस पेड़ को छूना अशुभ होता है और नेगेटिव एनर्जी मिलती है। लेकिन, क्या वाकई ये सच है? क्या वाकई पीपल के पेड़ के नीचे सोना अशुभ होता है। आइए, इस बारे में रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल, सिरसा के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेया शर्मा से विस्तार में जानते हैं-   

पीपल के पेड़ के नीचे सोने से जुड़े अंधविश्वास

पीपल के पेड़ के नीचे सोने से अक्सर मना किया जाता है। कहा जाता है कि पीपल के पेड़ पर भूत-प्रेत या आत्माएं रहती हैं। रात के समय, आत्माएं ज्यादा शक्तिशाली हो जाती है। ऐसे में इनसे बचने के लिए रात में पीपल के पेड़ के नीचे नहीं सोना चाहिए। 

dr shreya

पीपल के पेड़ के नीचे कब नहीं जाना चाहिए?

पीपल के पेड़ के नीचे रात के समय नहीं सोना चाहिए। दरअसल, रात में पीपल के पेड़ के नीचे सोने से शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम हो सकता है। इससे आपको बेचैनी या घुटन महसूस हो सकती है। 

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रात में पीपल के पेड़ के नीचे क्यों नहीं सोना चाहिए?

डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं, “रात के समय पेड़ हवा में कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। अधिक समय तक मानव शरीर के लिए कार्बन डाइऑक्साइड वाले वातावरण में रहना सही नहीं होता है। अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक कार्बन डाइऑक्साइड लेता है, तो इससे शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो सकती है। इसलिए ही साइंस या विज्ञान में रात को पीपल के पेड़ के नीचे सोने से मना किया जाता है।”

अगर पीपल के पेड़ की बात करें, तो यह काफी घना होता है। इसमें काफी पत्तियां होती हैं, इसलिए दिन के समय इस पेड़ से ऑक्सीजन सही मात्रा में मिलता है। वहां, अगर रात की बात करें, तो यह कार्बन डाइऑक्साइड भी अधिक मात्रा में छोड़ता है। घने पेड़ों के नीचे सोने से शरीर को अधिक कार्बन डाइटऑक्साइड मिल जाता है। इससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और व्यक्ति को सफोकेशन फील हो सकते हैं। यही वजह है कि पीपल के पेड़ के नीचे सोने से या फिर बैठने से भी मना किया जाता है। 

peepal tree sleep

रात में कौन-से पेड़ के नीचे नहीं सोना चाहिए?

डॉ. श्रेय बताते हैं, “रात में सिर्फ पीपल के पेड़ के नीचे ही नहीं, बल्कि किसी भी घने पेड़ के नीचे सोने से बचना चाहिए। क्योंकि घने पेड़ के नीचे सोने से आपको दिक्कत हो सकती है।”

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इस लेख में आपने जाना कि पीपल के पेड़ के नीचे न सोने के पीछे कोई अंधविश्वास नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक कारण जिम्मेदार है। ऐसे ही अंधविश्वास के पीछे छिपे साइंस के बारे में जानने के लिए हमारी इस सीरीज से जुड़े रहें।

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Anju Rawat

Anju Rawat

Chief Sub Editor

जागरण न्यू मीडिया (Only My Health) में बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही अंजू रावत को प्रिंट मीडिया में 3 साल का अनुभव है। अंजू को हेल्थ, फिटनेस, ब्यूटी और लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरों की अच्‍छी समझ है। वह पिछले 5 वर्षों से इन विषयों पर लेख लिखती आ रही हैं। अंजू ने इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन की है।

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  • Current Version

    Sep 11, 2024 22:03 IST

    Modified By : Anju Rawat
  • Sep 11, 2024 22:03 IST

    Published By : Anju Rawat

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