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पीरियड्स की डेट बढ़ाना चाहतीहैं तो 3 दिन पहले से करें इस मुद्रा का अभ्यास, मिलेगा फायदा

Yoga To Delay Periods: अक्सर महिलाओं को पीरियड्स के कारण कई चीजों को छोड़ना पड़ता है। जानें आप पीरियड्स में देरी कैसे कर सकती हैं। 

Vineet Kumar
Written by: Vineet KumarPublished at: May 02, 2022Updated at: May 02, 2022
पीरियड्स की डेट बढ़ाना चाहतीहैं तो 3 दिन पहले से करें इस मुद्रा का अभ्यास, मिलेगा फायदा

पीरियड्स का समय महिलाओं के लिए काफी परेशानी भरा होता है। कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान गंभीर दर्द, ऐंठन या पीरियड्स के दौरान बहुत अधिक ब्लीडिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आमतौर पर महिलाओं के पीरियड्स समय 20-38 दिनों के बीच में आसानी से आ जाते हैं, जबकि कुछ महिलाओं को अनियमित पीरियड्स की समस्या का सामना करना पड़ता है। लेकिन महिलाओं कई बार पीरियड्स के कारण कई चीजों को छोड़ना पड़ता है। वह पीरियड्स के दौरान ट्रेवल करने, किसी पार्टी या फंक्शन में जानें, घूमने-फिरने यहां तक कि कई अन्य चीजें भी नहीं करती हैं। ऐसे में ज्यादातर महिलाओं के मन में सिर्फ एक ही विचार आता है, काश पीरियड्स की डेट को किसी तरह बढ़ाया जा सकता।

लेकिन क्या आप जानती हैं, योग पीरियड्स की डेट बढ़ाने या उनमें देरी करने में आपकी मदद कर सकता है (Yoga Can Help In Delay Periods In Hindi)? जी हां, आपने बिल्कुल सही पढ़ा! योगाचार्य और न्यूट्रिशनिष्ट जूही कपूर की मानें तो योग का अभ्यास करने से आपको पीरियड्स में देरी करने में मदद मिल सकती है। इस लेख में हम आपको पीरियड्स की डेट बढ़ाने के लिए योग मुद्रा (Yoga To Delay Periods In Hindi) के बारे में बता रहे हैं।

पीरियड्स की डेट बढ़ाने के लिए करें जलोदर नाशक मुद्रा का अभ्यास (Yoga To Delay Periods In Hindi)

जूही कपूर के अनुसार, जलोदर मुद्रा को शरीर में जल तत्व को कम करने के लिए जाना जाता है। इस मुद्रा का अभ्यास करना महिलाओं के पीरियड्स में 3 दिन से लेकर एक हफ्ते तक की देरी करना एक प्राकृतिक और प्राचीन तरीका है। इस अभ्यास के कोई दुष्प्रभाव नहीं हैं। हम कई बार महिलाओं को शादी, हनीमून, अवसरों, त्योहारों, किसी भी प्रकार की पानी से जुड़ी एक्टिविटी या खेल में शामिल होने से पहले अपने पीरियड्स में देरी करने के लिए दवा लेते हुए देखते हैं, लेकिन दवाओं के सेवन से कई गंभीर दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। वहीं, जलोदर नाशक मुद्रा के अभ्यास से आपको नैचरली पीरियड्स की डेट आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। 

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कैसे करें जलोदर नाशक मुद्रा का अभ्यास (How To Do Jalodar Nashak Mudra In Hindi)

इस मुद्रा को करना बहुत आसान है। इस मुद्रा को करने के लिए सबसे पहले किसी योग मैट या चटाई पर पद्मासन या सिद्धासन मुद्रा में बैठ जाएं। इस मुद्रा को करने के लिए अंगूठे और अनामिका उंगली का इस्तेमाल किया जाता है। इन दोनों को आपस में स्पर्श कराते हैं, जिससे कि पृथ्वी की मुद्रा बन जाती है।

आपको इसका अभ्यास पीरिड्स की अपेक्षित डेट से कम से कम 3 दिन पहले करना शुरू करना है। आपको रोजाना 15 मिनट इसका अभ्यास करने की जरूरत है। इसके अभ्यास से आपको 3 से एक सप्ताह तक पीरियड्स की डेट को बढ़ाने में में मदद मिल सकती है। लेकिन इसे अधिक न करें क्योंकि यह आपके द्वारा किए गए समय के आधार पर पीरियड्स में अधिक देरी का कारण बन सकती है।

 
 
 
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जलोदर नाशक मुद्रा के अन्य फायदे (Jalodar Mudra Benefits In Hindi)

  • पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग बहुत ज्यादा नहीं होती है
  • शरीर में जल तत्व की अधिकता होने पर यह लाभकारी होता है।
  • पसीना कम करने में मदद करता है
  • एडिमा और सूजन की स्थिति से निपटने में लाभकारी है

नोट: ऐसी चिकित्सीय स्थितियों के मामले में, मुद्राएं केवल सप्लीमेंट की तरह हैं, आपके डॉक्टर द्वारा दी गई दवा का विकल्प नहीं हैं।

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यह भी ध्यान रखें

हर चीज का ज्यादा मात्रा में प्रयोग नुकसानदायक हो सकता है। इसका अधिक अभ्यास न करें।

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