हार्ट अटैक का खतरा कम करने के लिए रोज करें इन 4 योगासनों का अभ्यास, हृदय रहेगा स्वस्थ

इन दिनाें हार्ट अटैक के मामले काफी सामने आ रहे हैं। ऐसे में इसके जाेखिम काे कम करने के लिए आप कुछ खास याेगासन कर सकते हैं।

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Oct 13, 2021
हार्ट अटैक का खतरा कम करने के लिए रोज करें इन 4 योगासनों का अभ्यास, हृदय रहेगा स्वस्थ

हृदय हमारे स्वास्थ्य का अहम अंग हाेता है। इसे स्वस्थ रखकर ही हम संपूर्ण रूप से स्वस्थ रह सकते हैं। हृदय में थाेड़ा भी परिवर्तन आपके स्वास्थ्य काे बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। पिछले दाे सालाें से हृदय राेगियाें के मामलाें में तेजी से वृद्धि हुई हैं। इसमें सबसे सामान्य हार्ट अटैक है। पहले बुजुर्गाें या बढ़ी उम्र के लाेगाें की ही हार्ट अटैक की वजह से जान जाती थीं, लेकिन आजकल युवा भी हार्ट अटैक की वजह से अपनी जान गवां रहे हैं। ऐसे में इसकी एक्सट्रा केयर करना बहुत जरूरी है। हृदय काे स्वस्थ रखने और हार्ट अटैक के जाेखिम या रिस्क काे कम करने के लिए आप कुछ खास याेगासनाें काे अपनी जीवनशैली में शामिल कर सकते हैं।

याेग शरीर, मन और आत्मा के लिए बहुत ही उपयाेगी हाेता है। याेग के माध्यम से आप अपने हृदय काे स्वस्थ बना सकते हैं और दिल के दौरे के जाेखिम काे कम कर सकते हैं। नियमित याेगाभ्यास करके आप स्ट्रेस फ्री रहते हैं और मन शांत हाेता है। दरअसल, कई बार अधिक तनाव भी हार्ट अटैक का कारण बन जाता है। ऐसे में अगर राेज याेगा किया जाए, ताे इसके जाेखिम काे काफी हद तक कम किया जा सकता है।

adhomuk asana

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1. अधाेमुख श्वानासन 

अधाेमुख श्वानासन (अधाेमुख श्वानासन के फायदे) अष्टांग याेग का एक बेहद अहम आसन माना जाता है। यह सूर्य नमस्कार के आसनाें में से एक है। यह आसन तीन शब्दाें अधाेमुख, श्वान और आसन से मिलकर बना है। इसमें अधाेमुख का मतलब नीचे की तरफ मुंह करना, श्वान का मतलब कुत्ता और आसन काे अर्थ मुद्रा हाेता है। यानी इस आसन में आपकाे डाउनवर्ड फेसिंग डॉग पाेज बनाना है। इस आसन काे नियमित रूप से करने पर आप अपने हृदय काे स्वस्थ रख सकते हैं और हार्ट अटैक के जाेखिम काे कम कर सकते हैं। जानें इस आसन काे करने का तरीका-

  • इस आसन काे करने के लिए सबसे पहले याेगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
  • लंबी गहरी सांस लें और अपने तलवाें और हथेलियाें काे जमीन पर रखकर पूरे शरीर काे उठाएं। इस दौरान आपके शरीर का भार तलवाें और हथेलियाें पर रहेगा।
  • अब सांस बाहर छाेड़ते हुए धीरे-धीरे कूल्हाें या हिप्स काे ऊपर की तरफ उठाएं।
  • आपकाे शरीर उल्टे V आकार का दिखने लगेगा।
  • इसे करते समय अपने कंधाें काे हाथाें और हिप्स काे पैराें के समानांतर रखें।
  • टखनाें काे बाहर की तरफ रखें। 
  • इसके बाद अपनी गर्दन काे लंबा खींचने की काेशिश करें।
  • अब अपनी दाेनाें आंखाें काे नाभि पर केंद्रित करके रखें।
  • 10-30 सेकेंड इस अवस्था में रहने के बाद आप प्रारंभिक अवस्था में आ सकते हैं।
  • हृदय काे स्वस्थ रखने के लिए इस आसन काे 3-5 बार दाेहराएं।
 
 
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2. मार्जरासन

हेल्दी हार्ट के लिए मार्जरासन (आलस भगाने के लिए मार्जरासन) किया जाना एक बेहतर विकल्प है। इस कैट पाेज के नाम से भी जाना जाता है। इसे करने से तनाव कम हाेता है और हार्ट अटैक का जाेखिम भी कम हाेता है। साथ ही इस आसन काे करने से रीढ़ और पीठ की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। यह आगे की तरफ झुकने वाला एक आसन है। इस तरह से करें मार्जरासन-

  • मार्जरासन करने के लिए सबसे पहले एक याेगा मैट बिछा लें। 
  • इस पर अपने दाेनाें घुटनाें काे टिका कर बैठ जाएं।
  • इसके बाद अपने दाेनाें हाथाें काे आगे की तरफ लाएं और हथेलियाें काे जमीन पर रख लें। 
  • हथेलियाें पर भार डालते हुए अपने कूल्हाें काे ऊपर उठाने की काेशिश करें।
  • इस स्थिति में आपके पैर के घुटनाें पर 90 डिग्री का काेण बनना चाहिए।
  • अपनी छाती काे फर्श के समानांतर रखें। इस आसन में आप एक बिल्ली की तरफ दिखाई देंगे।
  • इस अवस्था में लंबी गहरी सांस लें और छाेड़ें।
  • सांस छाेड़ते हुए धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आएं। हाथाें, पैराें पर झटका न आने दें।
  • आप इस आसन काे 5-6 बार आसानी से कर सकते हैं।
 
 
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3. हस्त उत्तानासन 

अगर नियमित रूप से हस्त उत्तानासन किया जाए, ताे इससे हृदय काे स्वस्थ रखा जा सकता है। इससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा भी कम रहता है। इसमें हस्त का मतलब हाथ और उत्तान का मतलब ऊपर की ओर उठाना हाेता है। इसका अर्थ है इस आसन में आपकाे हाथाें काे ऊपर की तरफ उठाना है। इससे एकाग्रता बढ़ती है और मस्तिष्क भी प्रसन्न रहता है। जानें इस आसन काे करने का तरीका-

  • इस आसन काे करने के लिए सबसे पहले किसी शांत वातावरण में खड़े हाे जाएं।
  • अपने मन और शरीर काे शांत रखें।
  • अब अपने दाेनाें हाथाें काे सामने की तरप लाएं और दाेनाें के बीच दूरी बना लें।
  • लंबी गहरी सांस लेते हुए हाथाें काे ऊपर की तरफ उठाएं।
  • अपने कंधाें, हाथाें और पीठ काे हल्का सा पीछे की तरफ झुकाने की काेशिश करें।
  • इस अवस्था में आपकी आंखें आकाश की तरफ हाेनी चाहिए।
  • इस दौरान लंबी गहरी सांस लें और छाेड़ें।
  • कुछ सेकेंड इस याेगासन काे करने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं।
  • इस याेगासन में ध्यान रखें की आपकी काेहनियां मुड़ी नहीं हाेनी चाहिए।

4. वज्रासन 

वज्रासन शब्द दाे शब्दाें वज्र और आसन से मिलकर बना है (स्वस्थ रहने के लिए वज्रासन)। अगर इस आसन काे राेजाना किया जाए, ताे हृदय स्वास्थ्य काे बेहतर बनाया जा सकता है। वज्रासन काे करना बहुत आसान है। लेकिन अगर आपकाे घुटनाें में दर्द रहता है, ताे इस स्थिति में इसे एक्सपर्ट की सलाह पर ही करें। 

  • इस आसन काे करने के लिए आप एक याेगा मैट पर पैराें काे माेड़कर घुटनाें के बल बैठ जाएं।
  • अपने पंजाें काे पीछे की तरफ खींचें।
  • इस दौरान पैर के अंगूटाें काे एक-दूसरे के साथ क्रॉस कर लें।
  • अब अपने दाेहाें हाथाें काे घुटनाें पर रखें। रीढ़ की हड्डी और पीठ काे एकदम सीधा रखें।
  • अपनी दाेनाें आंखें बंद कर लें। 
  • लंबी गहरी सांस लें और छाेड़ें।
  • इस अवस्था में आप 5-10 मिनट तक बैठ सकते हैं। 

अपने हृदय काे स्वस्थ रखने के लिए आप इस आसन काे आसानी से कर सकते हैं। अगर नियमित रूप से इन याेगासनाें काे किया जाए, ताे इससे हार्ट अटैक का जाेखिम काफी हद तक कम हाे जाता है। साथ ही यह हृदय में हाेने वाली अन्य बीमारियाें से भी बचाव करते हैं। लेकिन अगर आप किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, ताे किसी डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह पर ही इन याेगासनाें का अभ्यास करें।

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