21 साल से पहले लड़कियों को नहीं कराने चाहिए ये 2 मेडिकल टेस्ट, गलत परिणाम बना सकते हैं बीमार

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (सीडीसी) के शोधकर्ताओं का कहना है कि 21 साल से कम उम्र में ये 2 टेस्ट कराना बेकार है।

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaUpdated at: Jan 10, 2020 12:57 IST
21 साल से पहले लड़कियों को नहीं कराने चाहिए ये 2 मेडिकल टेस्ट, गलत परिणाम बना सकते हैं बीमार

अक्सर हम गूगल पर ये सर्च करते हैं कि 30 के बाद कौन से टेस्ट कराएं, 35 के बाद कौन से टेस्ट कराएं और तो और लोग 60 पार के बाद टेस्ट की जानकारियां ढूंढते हैं। लेकिन कभी भी हमने ये जानने की कोशिश नहीं की 21 साल की उम्र में पहले हमें कौन से टेस्ट कराने चाहिए। 21 साल से कम उम्र की महिलाओं को पेल्विक जांच या फिर सर्वाइकल कैंसर की जांच की जरूरत नहीं होती है। लेकिन ऐसे बहुत से टेस्ट हैं, जिन्हें 15 से 20 साल की लड़कियों पर किए जाते हैं।

medical test

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (सीडीसी) के एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 21 साल से कम उम्र की 16 लाख लड़कियों का पैप टेस्ट और 14 लाख लड़कियों का पेल्विक टेस्ट किया, जिसके डेटा को शोध में प्रस्तुत किया गया। शोध में ये भी कहा गया कि जब बात टेस्ट की आती है तो लोगों के साथ डॉक्टर भी सही उम्र को नहीं पहचान पाते हैं। जिसके परिणामस्वरूप गलत परिणामों के सामने आने की संभावना , टेस्ट करानी वाली युवतियों में तनाव और बेवजह की पैसा खर्च होता है। 

जेएएमए इंटरनल मेडिसिन में सोमवार को प्रकाशित अध्ययन में यूसीएसएफ के प्रसूति, स्त्री रोग और प्रजनन विज्ञान के प्रोफेसर और अध्ययन के लेखक जार्ज एफ स्वाए का कहना है कि हालिया मीडिया रिपोर्ट युवतियों या कम उम्र की लड़कियों पर अनुचित स्त्रीरोगों की जांच पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान करती है।

अध्ययन के मुख्य लेखक ने कहा, इन युवतियों या कम उम्र की लड़कियों के अभिभावकों और परिजनों को यह जानने की जरूरत है कि 21 साल की उम्र में लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर की जांच की जरूरत नहीं होती। इसके साथ ही पेल्विक जांच की जरूरत तब होती है जब किसी लड़की ने जरूरत से ज्यादा गर्भनिरोधक गोलियां ली हों। इतनी ही नहीं पेल्विक जांच का प्रयोग सिर्फ यौन संचारित संक्रमण की जांच के लिए ही नहीं किया जाता। 

अध्ययन का मकसद सिर्फ ये देखना था कि देश में किस प्रकार के टेस्ट की संख्या सबसे ज्यादा है। हालांकि ये टेस्ट सिर्फ अमेरिका में किए गए हैं। शोधकर्ताओं ने अध्ययन के लिए 2011 से 2017 के बीच डेटा का प्रयोग किया गया है।

इसे भी पढ़ेंः पीरियड के दर्द से हैं परेशान तो खाने में शामिल करें ये 5 मिनरल, एक्सपर्ट से जानें मिनरल के फायदे

शोधकर्ताओं ने पाया कि इस अवधि में किए गए सभी टेस्ट की संख्या 26 लाख रही, जिसमें आधे से ज्यादा टेस्ट गैर-जरूरी थे। 

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (सीडीसी) में कैंसर रोकथाम और नियंत्रण खंड के एपिडेमियोलॉजिस्ट और अध्ययन के सह-लेखक जिन किन का कहना है कि स्वास्थ्यदेखभाल प्रदात्ता और कम उम्र की लड़कियों को स्पष्ट रूप से बात करने की जरूरत है और उन्हें पूछना चाहिए कि इन टेस्ट की सही वक्त क्या है।

उन्होंने कहा, ''हम ये सुनिश्चित करना चाहते हैं कि दिशा-निर्देशों का पालन हो और लड़कियों की जिंदगियां सुरक्षित रहें और उनका जीवन लंबा हो।''

लंबी उम्र पाने के लिए आपको ऐसे तरीके अपनाने चाहिए, जो आपको बेहतर जीवन प्रदान करें। अगर आपको अपना जीवन लंबा बनाने है तो संतुलित खानपान, एक्सरसाइज और तनावमुक्‍त जीवन जीना बहुत जरूरी है।

medical test

एक्सरसाइज

फिटनेस के लिए सबसे जरूरी है एक्सरसाइज। फिट रहने और लंबी उम्र के लिए शारीरिक सक्रियता की जरूरत होती है। इसलिए एक्सरसाइज से ज्यादा बेहतर कोई दूसरी चीज नहीं होती और इससे बेहतर विकल्प भी आपके पास नहीं है। दिन में कम से कम 30 मिनट टहलकर भी आप अपने शरीर को सक्रिय रख सकते हैं। आप चाहें तो दौड़, वॉर्मअप,  एरोबिक्स और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का भी प्रयोग कर सकते हैं। एक्सरसाइज को अपनी आदत बनाकर आप बीमारियों से भी दूर रह सकते हैं।

इसे भी पढ़ेंः 1 कप ग्रीन या फिर जैसमीन टी शरीर की चर्बी समेत कई रोगों को दूर करने में है फायदेमंद, जानें पीने का सही वक्त

संतुलित खान-पान

लंबी उम्र के लिए सबसे जरूरी है खान-पान। आपका खान-पान की आदत आपको स्वस्थ रखने में मदद करती है। आपकी थाली में अगर सभी प्रकार के पौष्टिक तत्व होंगे तो आप सेहतमंद रहेंगे। इसके साथ ही आपका खान-पान ऐसा होना चाहिए, जिससे आपका वजन बढ़े नहीं। साथ ही आपको मसालेदार, चिकनाहट से भरपूर खाने से भी दूर रहना चाहिए। आपको अपने भोजन में सलाद भी शामिल करना चाहिए ताकि जरूरी तत्व की आपके शरीर में आपूर्ति होती रहे। आप अपनी डाइट में फलों को शामिल कर जरूरी विटामिन, कैलिशयम और प्रोटीन भी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा दिन में 3 से 4 लीटर तक पानी पीना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से आपके शरीर में जमा टॉक्सिंस बाहर निकल जाते हैं और आप स्वस्थ रहते हैं।

तनाव मुक्त जीवन

सभी बीमारियों का कारण है तनाव। तनाव से ग्रस्ति व्यक्ति का मन अपने काम में नहीं लगता और उसके जीवन में परेशानियां शुरू हो जाती है। तनाव आपको कई बीमारियों का शिकार बना देता है, इसलिए तनाव मुक्त रहना आपके लिए बहुत जरूरी है। तनाव से दूर रहने वाले व्यक्ति बीमारियों का शिकार कम ही होते हैं, जिससे आयु में वृद्धि होती है। तनावमुक्त रहने के लिए आप मेडीटेशन का भी सहारा ले सकते हैं।

Read More Articles on Women's Health in Hindi 

Disclaimer